नीरज पद्मश्री से सम्मानित: बेटे को पद्मश्री ग्रहण कर देख भर आईं मां की आंखें, गांव में खुशी का माहौल
नीरज को पद्मश्री से नवाजे जाने पर गांव खंडरा एवं खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है। देश का चौथा सबसे बड़ा पुरस्कार बेटे को मिला है।
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टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले जैवलिन थ्रोअर हरियाणा के पानीपत जिले के खंडरा गांव निवासी नीरज चोपड़ा सोमवार पद्मश्री से सम्मानित किए गए। राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री ग्रहण करते देख नीरज की मां सरोज की आंखें भर आईं। मां ने कहा कि पहले टीवी पर देश की अन्य विभूतियों को पद्म अवॉर्ड से सम्मानित होते देखती थीं, आज बेटे को देख आंखें नम हो गईं। देश का चौथा सबसे बड़ा पुरस्कार बेटे को मिला है।
पिता सतीश चोपड़ा ने कहा कि यह नीरज की मेहनत का फल है। इसकी वजह से यह सम्मान मिला है। चाचा भीम चोपड़ा एवं सुरेंद्र ने बताया कि पद्मश्री मिलने से गांव के युवाओं को प्रेरणा मिली है। गांव खंडरा में नीरज को पद्मश्री मिलने से खुशी का माहौल है।
सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नीरज चोपड़ा को पद्मश्री सम्मानित किया। पद्मश्री अवॉर्ड पाने वाले नीरज चोपड़ा जिले के पहले खिलाड़ी हैं। इससे पूर्व नीरज को विशिष्ट एवं परम विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
जिले के पहले खिलाड़ी को मिला पद्मश्री
जिले के पहले खिलाड़ी हैं नीरज चोपड़ा, जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने खेल में अच्छा प्रदर्शन कर हरियाणा को अलग पहचान दिलाई है। - कशिश,जैवलिन थ्रोअर
सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिला
नीरज चोपड़ा को पद्मश्री मिलने से सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिला है। दिन-रात अभ्यास कर और खिलाड़ी भी नीरज की तरह देश का नाम रोशन करेंगे। - शुभम जागलान, जैवलिन थ्रोअर