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पटाखों से नहीं बच सके हनुमान
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 13 Oct 2013 10:51 PM IST
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पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में रावण दहन के समय पटाखों के जखीरे में आग लगने से कई हनुमान स्वरूप समेत करीब 10 सेवक झुलस गए और दशहरा स्थल पर अफरा तफरी मच गई।
घटना दशहरा स्थल पर आतिशबाजी के दौरान हुई। उनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। उनको नजदीक के निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। आयोजक कमेटी ने भीड़ को बड़ी मुश्किल से काबू किया।
घटना रविवार शाम शिवाजी स्टेडियम में सनातन धर्म मंदिर की ओर से आयोजित दशहरा स्थल पर हुई। मंच के कुछ दूरी पर जाटल रोड स्थित एक हनुमान सभा के सदस्य अपने स्वरूप के साथ खड़े थे। वे लोग आतिशबाजी कर रहे थे।
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इसी समय हनुमान स्वरूप के साथ बम व पटाखों के जखीरे में चिंगारी आकर गिर गई और थैले में रखे पटाखों ने आग पकड़ ली और धमाके के साथ पटाखों का जखीरा उड़ गया।
धमाके की आवाज सुनते ही दशहरा देखने आए लोगों में भगदड़ मच गई, जिसमें हनुमान सभा के प्रधान दलजीत सिंह, प्रिंस, आकाश, दीपक, रमेश व हनुमान स्वरूप बने योगेश समेत 10 लोग झुलस गए। उनको स्टेडियम के नजदीक ही एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
बताया जा रहा है कि प्रिंस के हाथ में पटाखों का थैला था। वह अन्य सेवकों को बारी-बारी बम दे रहा था। उसने चिंगारी गिरते ही थैला दूसरी तरफ फेंक दिया। वह प्रधान दलजीत के ऊपर गिर गया, जिसमें दलजीत के दोनों पैर व पेट झुलस गए। आकाश व हनुमान स्वरूप बने योगेश की आंख के पास चोट लगी है।
दीपक व प्रिंस का पेट झुलसा हुआ है। निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सभी सभा के कार्यालय में चले गए और कुछ अपने-अपने घरों में चले गए। इसके बाद सभा के प्रधान दिलजीत के शरीर में फिर से जलन शुरू हो गई। उसको फिर से अस्पताल में लाया गया। वहीं हनुमान स्वरूप बने योगेश का कहीं कोई पता नहीं है।
दीपक को नहीं दे रहा सुनाई
पटाखों का धमाका इतना तेज था कि हनुमान सेवक दीपक को सुनाई देना बंद हो गया। वह जाटल रोड मंदिर में प्रभु का नाम ले रहा है। उसको लोग पूछते हैं तो वह कुछ भी सुन पा रहा। वह फिलहाल इशारों को ही समझता व समझाता है।
लोग मुश्किल से बच निकले
हनुमान स्वरूप के साथ में खड़े दृश्क धमाके की आवाज के साथ भाग खड़े हुए। कुछ लोग तो धमाके के चलते काफी देर तक कुछ सुन तक नहीं पा सके। वे धमाका सुनकर दौड़ पड़े। आयोजकों ने लोगों को बड़ी मुश्किल से समझाकर शांत किया।
पुलिस को नहीं कोई खबर
पुलिस दशहरा को लेकर बेशक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने का दावा कर रही हो, लेकिन शिवाजी स्टेडियम में बम धमाका होने की पुलिस को कई घंटे बाद भी कोई जानकारी नहीं थी। साढ़े बजे थाना प्रभारी ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की थी।
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घटना दशहरा स्थल पर आतिशबाजी के दौरान हुई। उनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। उनको नजदीक के निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। आयोजक कमेटी ने भीड़ को बड़ी मुश्किल से काबू किया।
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घटना रविवार शाम शिवाजी स्टेडियम में सनातन धर्म मंदिर की ओर से आयोजित दशहरा स्थल पर हुई। मंच के कुछ दूरी पर जाटल रोड स्थित एक हनुमान सभा के सदस्य अपने स्वरूप के साथ खड़े थे। वे लोग आतिशबाजी कर रहे थे।
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इसी समय हनुमान स्वरूप के साथ बम व पटाखों के जखीरे में चिंगारी आकर गिर गई और थैले में रखे पटाखों ने आग पकड़ ली और धमाके के साथ पटाखों का जखीरा उड़ गया।
धमाके की आवाज सुनते ही दशहरा देखने आए लोगों में भगदड़ मच गई, जिसमें हनुमान सभा के प्रधान दलजीत सिंह, प्रिंस, आकाश, दीपक, रमेश व हनुमान स्वरूप बने योगेश समेत 10 लोग झुलस गए। उनको स्टेडियम के नजदीक ही एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
बताया जा रहा है कि प्रिंस के हाथ में पटाखों का थैला था। वह अन्य सेवकों को बारी-बारी बम दे रहा था। उसने चिंगारी गिरते ही थैला दूसरी तरफ फेंक दिया। वह प्रधान दलजीत के ऊपर गिर गया, जिसमें दलजीत के दोनों पैर व पेट झुलस गए। आकाश व हनुमान स्वरूप बने योगेश की आंख के पास चोट लगी है।
दीपक व प्रिंस का पेट झुलसा हुआ है। निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सभी सभा के कार्यालय में चले गए और कुछ अपने-अपने घरों में चले गए। इसके बाद सभा के प्रधान दिलजीत के शरीर में फिर से जलन शुरू हो गई। उसको फिर से अस्पताल में लाया गया। वहीं हनुमान स्वरूप बने योगेश का कहीं कोई पता नहीं है।
दीपक को नहीं दे रहा सुनाई
पटाखों का धमाका इतना तेज था कि हनुमान सेवक दीपक को सुनाई देना बंद हो गया। वह जाटल रोड मंदिर में प्रभु का नाम ले रहा है। उसको लोग पूछते हैं तो वह कुछ भी सुन पा रहा। वह फिलहाल इशारों को ही समझता व समझाता है।
लोग मुश्किल से बच निकले
हनुमान स्वरूप के साथ में खड़े दृश्क धमाके की आवाज के साथ भाग खड़े हुए। कुछ लोग तो धमाके के चलते काफी देर तक कुछ सुन तक नहीं पा सके। वे धमाका सुनकर दौड़ पड़े। आयोजकों ने लोगों को बड़ी मुश्किल से समझाकर शांत किया।
पुलिस को नहीं कोई खबर
पुलिस दशहरा को लेकर बेशक सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने का दावा कर रही हो, लेकिन शिवाजी स्टेडियम में बम धमाका होने की पुलिस को कई घंटे बाद भी कोई जानकारी नहीं थी। साढ़े बजे थाना प्रभारी ने इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की थी।