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गुरु ग्रंथ साहिब आपसी सद्भाव का प्रतीक : संत बाबा राजेंद्र सिंह
Fri, 03 Oct 2025 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:20 AM IST
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गुरुद्वारा इसराना साहिब में सालाना समागम में मंच पर बैठक संत बाबा राजेंद्र सिंह खालसा और अन्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। खालसा प्रचार गुरुद्वारा संत भवन इसराना साहिब में 350 साला श्री गुरु तेग बहादुर की लासानी शहादत को समर्पित दसवीं पर सालाना समागम वीरवार काे मनाया गया। इसमें दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व उत्तराखंड के अलावा विदेश से भी संगत पहुंची। संगत ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और अमन व चैन की अरदास की।
संत बाबा राजेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि गुरुओं की वाणी व उनके द्वारा बताए रास्ते पर चल कर ही कल्याण हो सकता है। शबद गुरु को मान गुरुओं द्वारा दिए उपदेश पर चलें। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब धार्मिक सहनशीलता व आपसी सद्भाव का प्रतीक है, जो इंसानियत व मानव कल्याण का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि संत बाबा संतोख सिंह महाराज दशहरा दसवीं के दिन 1940 में हरपाल के गांव से घर बार त्याग कर अपनी जिम्मेदारी बड़ों के हवाले कर भक्ति के मार्ग पर निकले थे।
दसवीं पर्व दरबार साहिब, संत बाबा संतोख सिंह महाराज के चक्रवर्ती होने में दिवस को समर्पित कर मनाया जाता है। समारोह में एसपी भूपेंद्र सिंह एसडीएम नवदीप नैन, नगर निगम पानीपत के सहायक आयुक्त विवेक चौधरी व डीएसपी नवीन संधू ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेक संतों से आशीर्वाद लिया। संत बाबा राजेंद्र सिंह ने अतिथियों को सरोपा व मोमेंटो भेंट किया। रागी जत्था भाई हरकीरत सिंह, भाई गगनदीप सिंह, भाई मनिंदर सिंह, कथा वाचक ज्ञानी जानाल सिंह केसरी, ज्ञानी संतोख सिंह, डॉ. गुरिंद्र सिंह, ढाडी जत्था भाई सुरजीत सिंह ने संगत को सिखी इतिहास व गुरु बाणी, शबद गायन, गायिकी द्वारा सिखी इतिहास व गुरुबाणी सुना संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा में दिनभर अटूट लंगर बरताया गया। मौके पर बाबा दलविंद्र सिंह, भाजपा नेत्री सुमित्रा जागलान, धर्मपाल जागलान व थाना प्रभारी महिपाल मौजूद रहे।
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इसराना। खालसा प्रचार गुरुद्वारा संत भवन इसराना साहिब में 350 साला श्री गुरु तेग बहादुर की लासानी शहादत को समर्पित दसवीं पर सालाना समागम वीरवार काे मनाया गया। इसमें दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व उत्तराखंड के अलावा विदेश से भी संगत पहुंची। संगत ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और अमन व चैन की अरदास की।
संत बाबा राजेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि गुरुओं की वाणी व उनके द्वारा बताए रास्ते पर चल कर ही कल्याण हो सकता है। शबद गुरु को मान गुरुओं द्वारा दिए उपदेश पर चलें। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब धार्मिक सहनशीलता व आपसी सद्भाव का प्रतीक है, जो इंसानियत व मानव कल्याण का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि संत बाबा संतोख सिंह महाराज दशहरा दसवीं के दिन 1940 में हरपाल के गांव से घर बार त्याग कर अपनी जिम्मेदारी बड़ों के हवाले कर भक्ति के मार्ग पर निकले थे।
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दसवीं पर्व दरबार साहिब, संत बाबा संतोख सिंह महाराज के चक्रवर्ती होने में दिवस को समर्पित कर मनाया जाता है। समारोह में एसपी भूपेंद्र सिंह एसडीएम नवदीप नैन, नगर निगम पानीपत के सहायक आयुक्त विवेक चौधरी व डीएसपी नवीन संधू ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेक संतों से आशीर्वाद लिया। संत बाबा राजेंद्र सिंह ने अतिथियों को सरोपा व मोमेंटो भेंट किया। रागी जत्था भाई हरकीरत सिंह, भाई गगनदीप सिंह, भाई मनिंदर सिंह, कथा वाचक ज्ञानी जानाल सिंह केसरी, ज्ञानी संतोख सिंह, डॉ. गुरिंद्र सिंह, ढाडी जत्था भाई सुरजीत सिंह ने संगत को सिखी इतिहास व गुरु बाणी, शबद गायन, गायिकी द्वारा सिखी इतिहास व गुरुबाणी सुना संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा में दिनभर अटूट लंगर बरताया गया। मौके पर बाबा दलविंद्र सिंह, भाजपा नेत्री सुमित्रा जागलान, धर्मपाल जागलान व थाना प्रभारी महिपाल मौजूद रहे।
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गुरुद्वारा इसराना साहिब में सालाना समागम में मंच पर बैठक संत बाबा राजेंद्र सिंह खालसा और अन्य।