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Panipat News: कारोबारी के एटीएम का पिन कोड देख आया था लालच, फिर की हत्या
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पानीपत। लुधियाना के टेक्सटाइल उद्यमी रमन की हत्या के आरोप में सीआईए टू ने हरिनगर निवासी चंदन, अभिषेक व जिशान को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों ने रमन के एटीएम का पिन कोड देख लिया था। खाते से पैसे निकालने के लिए उन्होंने बतरा कॉलोनी के सामने उद्यमी रमन को नहर में धक्का दे दिया था। इससे पहले आरोपियों ने रमन से एक हजार रुपये व डेबिट कार्ड लूट लिया था। सीआईए टू ने तीनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। रविवार को सीआईए टू की टीमें क्राइम सीन दोहराएगी। इनसे पूरी वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनसे हत्या में प्रयुक्त ई-रिक्शा व रमन का डेबिट कार्ड बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने शनिवार को रमन के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
लुधियाना निवासी रमन पेशे से टेक्सटाइल उद्यमी था। वह अक्सर पानीपत में सामान खरीदने आता था। यहां से सामान खरीदकर वो दिल्ली व लुधियाना में बेचता था। 26 जून को उसने अमर भवन चौक के पास से पर्दे व सोफे कवर खरीदे थे। 26 जून की रात को वह दिल्ली जाने के लिए पानीपत बस स्टैंड पर पहुंचा। यहां उसे हरिनगर निवासी जिशान, चंदन व अभिषेक मिले। इन्होंने रमन से बातचीत शुरू की और उसको भांप लिया। तीनों ने रमन को होटल में कमरा दिलाने का झांसा दिया और अपने ई-रिक्शा में बैठा लिया। तीनों ने पहले रमन को अपने पैसों से शराब पिलाई। फिर उसे ई-रिक्शा में अपने साथ टोल प्लाजा पर ले गए। चारों ने यहां दोबारा फिर शराब पी। रमन ने अपने डेबिट कार्ड से यहां एक हजार रुपये का भुगतान किया। अभिषेक ने रमन के डेबिट कार्ड का पिन कोड़ देख लिया था। तीनों ने यहां रमन से छीनाझपटी शुरू कर दी। अभिषेक ने इसका विरोध किया तो तीनों ने उसे दोबारा ई-रिक्शा में बैठाया और शहर में इधर उधर घुमाते रहे। रात में करीब दो बजे तीनों रमन को बतरा कॉलोनी के सामने नहर किनारे ले गए। उससे एक हजार रुपये व डेबिट कार्ड लूटकर उसे नहर में धक्का दे दिया। एक जून को रमन का शव समयपुर-बादली के पास नहर में मिला था।
रमन की हत्या के चारों आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान लूटी गई राशि, डेबिट कार्ड व हत्या में प्रयुक्त ई रिक्शा बरामद की जाएगी। इनसे पूछताछ जारी है।
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- वीरेंद्र सिंह, प्रभारी सीआईए टू
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लुधियाना निवासी रमन पेशे से टेक्सटाइल उद्यमी था। वह अक्सर पानीपत में सामान खरीदने आता था। यहां से सामान खरीदकर वो दिल्ली व लुधियाना में बेचता था। 26 जून को उसने अमर भवन चौक के पास से पर्दे व सोफे कवर खरीदे थे। 26 जून की रात को वह दिल्ली जाने के लिए पानीपत बस स्टैंड पर पहुंचा। यहां उसे हरिनगर निवासी जिशान, चंदन व अभिषेक मिले। इन्होंने रमन से बातचीत शुरू की और उसको भांप लिया। तीनों ने रमन को होटल में कमरा दिलाने का झांसा दिया और अपने ई-रिक्शा में बैठा लिया। तीनों ने पहले रमन को अपने पैसों से शराब पिलाई। फिर उसे ई-रिक्शा में अपने साथ टोल प्लाजा पर ले गए। चारों ने यहां दोबारा फिर शराब पी। रमन ने अपने डेबिट कार्ड से यहां एक हजार रुपये का भुगतान किया। अभिषेक ने रमन के डेबिट कार्ड का पिन कोड़ देख लिया था। तीनों ने यहां रमन से छीनाझपटी शुरू कर दी। अभिषेक ने इसका विरोध किया तो तीनों ने उसे दोबारा ई-रिक्शा में बैठाया और शहर में इधर उधर घुमाते रहे। रात में करीब दो बजे तीनों रमन को बतरा कॉलोनी के सामने नहर किनारे ले गए। उससे एक हजार रुपये व डेबिट कार्ड लूटकर उसे नहर में धक्का दे दिया। एक जून को रमन का शव समयपुर-बादली के पास नहर में मिला था।
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रमन की हत्या के चारों आरोपियों को चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान लूटी गई राशि, डेबिट कार्ड व हत्या में प्रयुक्त ई रिक्शा बरामद की जाएगी। इनसे पूछताछ जारी है।
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- वीरेंद्र सिंह, प्रभारी सीआईए टू