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Panipat News: ग्रैप टू लागू , डीजी सेट पर पूर्ण प्रतिबंध
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पानीपत। दिल्ली की वायु की गुणवत्ता का स्तर 364 पर पहुंच गया है। इसको देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर में ग्रैप लागू कर दिया है। इसके तहत अब उद्योगों, होटल, रेस्टोरेंट व स्कूलों में जनरेटर सेट के प्रयोग पर पाबंदी होगी। सड़कों पर धूल न उड़े इसके लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। छिड़काव की जिम्मेदारी नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई की होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उद्योगों का निरीक्षण करेगा, जहां जनरेटर सेट संचालित मिला वहां सीलिंग की जाएगी।
बुधवार को पानीपत का एक्यूआई 185 दर्ज किया गया है। जो कि येलो जोन में है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 500, पीएम-10 की मात्रा 484, नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 32, सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 17, कार्बन ऑक्साइड की मात्रा 102 व ओजोन की मात्रा 30 दर्ज की गई है। मंगलवार रात और बुधवार सुबह स्मॉग छाई रही। स्मॉग से आंखों में जलन भी महसूस हुई। आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है।
एनसीआर में वायु गुणवत्ता के आधार पर ग्रैप को चार चरणों में बांटा गया है। पहला चरण एक्यूआई 201 से 300 यानी खराब होने पर लागू किया जाता है। दूसरा चरण एक्यूआई 301-400 (बहुत खराब) होने पर, तीसरा चरण एक्यूआई 401-450 (गंभीर) होने पर और चौथा चरण एक्यूआई 450 से अधिक (गंभीर से ज्यादा) होने पर लागू किया जाता है। सभी चरणों में अलग अलग प्रतिबंध है।
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गौरतलब है कि सड़कों पर धूल न उड़े इसके लिए पानी के छिड़काव की जिम्मेदारी स्टेट हाईवे के किनारे पीडब्ल्यूडी को दी गई है। गोहाना रोड, बरसत रोड, सनौली रोड व असंध रोड पर पानी का छिड़काव करने की जिम्मेेदारी पीडब्ल्यूडी की है। वहीं जीटी रोड पर पानी का छिड़काव एनएचएआई करेगी। गांजबड़ गांव से समालखा तक पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसी तरह शहर की सड़कों और पेड़ पौधों पर पानी छिड़काव नगर निगमकरेगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी फैक्ट्रियों, होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण करना है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई करनी है। फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी है।
बॉक्स
उत्पादन होगा प्रभावित-
उद्यमी बिजली आपूर्ति ठप होने पर जनरेटर का प्रयोग करते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में अक्सर दो से तीन घंटे तक बिजली कट लगते हैं। अब जनरेटर सेट के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में फैक्ट्रियों में उत्पादन भी प्रभावित रहेगा।
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सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर को दिए निम्न सावधानी बरतने की हिदायत
- सड़कों पर करें पानी का छिड़काव
-जहां धूल ज्यादा उड़ती हो, जहां ज्यादा ट्रैफिक लगता हो, कूड़ाघरों के आसपास पानी का छिड़काव जरूर हो
- धूल पर नियंत्रण के लिए निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव हो।
- पार्किंग फीस बढ़ाएं, ताकि लोग सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें।
- सीएनजी बसों की फेरों की संख्या बढ़ाएं
- औद्योगिक इकाइयों, सोसाइटियों में डीजल जेनरेटर का न हो प्रयोग।
- लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों को प्रयोग करने के लिए करें प्रोत्साहित
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आने वाले दिनों में शहर की हवा और अधिक खराब होगी : डॉ. राजेंद्र
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी। फिलहाल एक्यूआई येलो जोन में है। यह स्वास्थ्य के लिए खराब है। प्रशासन को इसे लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए।
वर्जन-
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि एनसीआर में ग्रैप- 2 लागू हो चुका है, जो नियम दिल्ली के लिए रहेंगे वह पानीपत के लिए भी रहेंगे। दूसरे चरण में गाइडलाइन दी गई है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई होगी। ग्रैप के अनुसार काम किया जाएगा।
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बुधवार को पानीपत का एक्यूआई 185 दर्ज किया गया है। जो कि येलो जोन में है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 500, पीएम-10 की मात्रा 484, नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 32, सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 17, कार्बन ऑक्साइड की मात्रा 102 व ओजोन की मात्रा 30 दर्ज की गई है। मंगलवार रात और बुधवार सुबह स्मॉग छाई रही। स्मॉग से आंखों में जलन भी महसूस हुई। आने वाले दिनों में वायु की गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है।
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एनसीआर में वायु गुणवत्ता के आधार पर ग्रैप को चार चरणों में बांटा गया है। पहला चरण एक्यूआई 201 से 300 यानी खराब होने पर लागू किया जाता है। दूसरा चरण एक्यूआई 301-400 (बहुत खराब) होने पर, तीसरा चरण एक्यूआई 401-450 (गंभीर) होने पर और चौथा चरण एक्यूआई 450 से अधिक (गंभीर से ज्यादा) होने पर लागू किया जाता है। सभी चरणों में अलग अलग प्रतिबंध है।
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गौरतलब है कि सड़कों पर धूल न उड़े इसके लिए पानी के छिड़काव की जिम्मेदारी स्टेट हाईवे के किनारे पीडब्ल्यूडी को दी गई है। गोहाना रोड, बरसत रोड, सनौली रोड व असंध रोड पर पानी का छिड़काव करने की जिम्मेेदारी पीडब्ल्यूडी की है। वहीं जीटी रोड पर पानी का छिड़काव एनएचएआई करेगी। गांजबड़ गांव से समालखा तक पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसी तरह शहर की सड़कों और पेड़ पौधों पर पानी छिड़काव नगर निगमकरेगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी फैक्ट्रियों, होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण करना है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई करनी है। फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी है।
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उत्पादन होगा प्रभावित-
उद्यमी बिजली आपूर्ति ठप होने पर जनरेटर का प्रयोग करते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में अक्सर दो से तीन घंटे तक बिजली कट लगते हैं। अब जनरेटर सेट के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे में फैक्ट्रियों में उत्पादन भी प्रभावित रहेगा।
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सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर को दिए निम्न सावधानी बरतने की हिदायत
- सड़कों पर करें पानी का छिड़काव
-जहां धूल ज्यादा उड़ती हो, जहां ज्यादा ट्रैफिक लगता हो, कूड़ाघरों के आसपास पानी का छिड़काव जरूर हो
- धूल पर नियंत्रण के लिए निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव हो।
- पार्किंग फीस बढ़ाएं, ताकि लोग सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करें।
- सीएनजी बसों की फेरों की संख्या बढ़ाएं
- औद्योगिक इकाइयों, सोसाइटियों में डीजल जेनरेटर का न हो प्रयोग।
- लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों को प्रयोग करने के लिए करें प्रोत्साहित
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आने वाले दिनों में शहर की हवा और अधिक खराब होगी : डॉ. राजेंद्र
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी। फिलहाल एक्यूआई येलो जोन में है। यह स्वास्थ्य के लिए खराब है। प्रशासन को इसे लेकर गंभीर कदम उठाने चाहिए।
वर्जन-
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि एनसीआर में ग्रैप- 2 लागू हो चुका है, जो नियम दिल्ली के लिए रहेंगे वह पानीपत के लिए भी रहेंगे। दूसरे चरण में गाइडलाइन दी गई है। जेनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई होगी। ग्रैप के अनुसार काम किया जाएगा।