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किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कना बंद करें सरकार : सुधीर जाखड़
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पानीपत। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के आह्वान पर गन्ने के भाव बढ़वाने को लेकर इसराना शुगर मिल पर किसानों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। भाकियू के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कहा कि सरकार मांगे नहीं मानकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है, इसे बंद करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो गया। अब बड़ा फैसला लिया जाएगा।
धरने में सैकड़ों गन्ना किसानों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो महीने से किसान अपनी मांग ज्ञापन, धरने-प्रदर्शन, किसान महापंचायत के जरिए सरकार के समक्ष रख रहे हैं, लेकिन सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। सरकार जल्द किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव घोषित करें ताकि किसान की लागत मूल्य की भरपाई हो सकें। कार्यकारी जिलाध्यक्ष राम सिंह कुंडू ने कहा कि सोमवार को कुरुक्षेत्र में भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में हर शुगर मिल से पांच किसानों की कमेटी बैठक करेंगी, जहां बड़ा फैसला होगा। गन्ना किसान मनदीप गुज्जर नारायणा ने कहा कि अगर रात को ठंड की वजह से किसी किसान की तबियत या जान पर बनी तो उसकी जिम्मेदार सरकार और जिला प्रशासन होगा ।
इस अवसर पर गन्ना किसान समिति के प्रधान जयकुंवार कादियान, सुरेंद्र नांदल, इसराना ब्लॉक प्रधान राजरूप फौजी, भाकियू युवा जिला उपाध्यक्ष नदीम गुज्जर, भूपेंद्र नैन भालसी, मनोज नौलथा, वेद जागलान, धर्मबीर मलिक आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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इसराना। विधायक बलबीर वाल्मीकि रविवार को डाहर शुगर मिल में गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरने पर पहुंचे। धरना पर बैठे किसानों के साथ बैठ कर समर्थन दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में गन्ने के रेट बढ़ाने को लेकर उन्होंने विधानसभा में प्रश्न किया था, तब सरकार से कहा था गन्ने का रेट बढ़ाना चाहिए। भाजपा एवं जजपा सरकार किसानों के साथ हर वर्ग की अनदेखी कर रही है। मौजूदा सरकार के शासन में किसान, कर्मचारी, सरपंच सभी धरना दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि प्रदेश के किसानों को कम से कम पंजाब के बराबर गन्ने का रेट दिया जाए, लेकिन हरियाण सरकार ने गन्ना रेट बढ़ाने के लिए कोई जवाब नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी गन्ने के रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन करते हैं।
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धरने में सैकड़ों गन्ना किसानों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो महीने से किसान अपनी मांग ज्ञापन, धरने-प्रदर्शन, किसान महापंचायत के जरिए सरकार के समक्ष रख रहे हैं, लेकिन सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। सरकार जल्द किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव घोषित करें ताकि किसान की लागत मूल्य की भरपाई हो सकें। कार्यकारी जिलाध्यक्ष राम सिंह कुंडू ने कहा कि सोमवार को कुरुक्षेत्र में भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में हर शुगर मिल से पांच किसानों की कमेटी बैठक करेंगी, जहां बड़ा फैसला होगा। गन्ना किसान मनदीप गुज्जर नारायणा ने कहा कि अगर रात को ठंड की वजह से किसी किसान की तबियत या जान पर बनी तो उसकी जिम्मेदार सरकार और जिला प्रशासन होगा ।
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इस अवसर पर गन्ना किसान समिति के प्रधान जयकुंवार कादियान, सुरेंद्र नांदल, इसराना ब्लॉक प्रधान राजरूप फौजी, भाकियू युवा जिला उपाध्यक्ष नदीम गुज्जर, भूपेंद्र नैन भालसी, मनोज नौलथा, वेद जागलान, धर्मबीर मलिक आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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इसराना। विधायक बलबीर वाल्मीकि रविवार को डाहर शुगर मिल में गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरने पर पहुंचे। धरना पर बैठे किसानों के साथ बैठ कर समर्थन दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में गन्ने के रेट बढ़ाने को लेकर उन्होंने विधानसभा में प्रश्न किया था, तब सरकार से कहा था गन्ने का रेट बढ़ाना चाहिए। भाजपा एवं जजपा सरकार किसानों के साथ हर वर्ग की अनदेखी कर रही है। मौजूदा सरकार के शासन में किसान, कर्मचारी, सरपंच सभी धरना दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि प्रदेश के किसानों को कम से कम पंजाब के बराबर गन्ने का रेट दिया जाए, लेकिन हरियाण सरकार ने गन्ना रेट बढ़ाने के लिए कोई जवाब नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी गन्ने के रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन करते हैं।