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36 बैंकों की 256 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाएं सरकारी योजनाएं
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पानीपत। बैठक लेती हुई अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ।
- फोटो : Panipat
जिले के 36 बैंकों की 256 शाखाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। बुधवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय डीएलआरसी और डीसीसी की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें कहा गया कि सरकारी की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाना बैंकों की प्राथमिकता है, इसे गंभीरता से लिया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने कहा कि ग्रामीण विकास केंद्र, प्रदेश सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। सभी बैंक सुनिश्चित कर कमजोर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन को सुदृढ़ बनाएं। कोरोना काल में लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना करने के लिए सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया की एलडीओ शालिनी जैन ने कहा कि सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने और गरीब लोगों के आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग करें। एलडीएम कमल गिरधर ने बताया कि जिला ऋण योजना के तहत कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र, एमएसएमई, हाउसिंग लोन, एजूकेशन लोन और अन्य रिटेल लोन के लिए लक्ष्य निर्धारित का निर्देेेश बैंकों को दिया गया है। निर्धारित समय में इस लक्ष्य को हासिल भी किया जाएगा।
परिवार का सदस्य डिफॉल्टर तो भी ऋण देने से मना नहीं कर सकते
डीडीएम नाबार्ड अभिमन्यु मलिक ने स्वयं सहायता समूह के लिए ऋण राशि को बढ़ाया गया है। अब 10 लाख से लेकर 20 लाख ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जा सकता है। स्वयं सहायता समूह के सदस्य में से किसी के परिवार का सदस्य बैंक का डिफाल्टर है तो भी उसे ऋण देने से मना नहीं किया जा सकता है।
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अतिरिक्त उपायुक्त वीना हुड्डा ने कहा कि ग्रामीण विकास केंद्र, प्रदेश सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। सभी बैंक सुनिश्चित कर कमजोर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन को सुदृढ़ बनाएं। कोरोना काल में लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना करने के लिए सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया की एलडीओ शालिनी जैन ने कहा कि सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने और गरीब लोगों के आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग करें। एलडीएम कमल गिरधर ने बताया कि जिला ऋण योजना के तहत कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र, एमएसएमई, हाउसिंग लोन, एजूकेशन लोन और अन्य रिटेल लोन के लिए लक्ष्य निर्धारित का निर्देेेश बैंकों को दिया गया है। निर्धारित समय में इस लक्ष्य को हासिल भी किया जाएगा।
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परिवार का सदस्य डिफॉल्टर तो भी ऋण देने से मना नहीं कर सकते
डीडीएम नाबार्ड अभिमन्यु मलिक ने स्वयं सहायता समूह के लिए ऋण राशि को बढ़ाया गया है। अब 10 लाख से लेकर 20 लाख ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जा सकता है। स्वयं सहायता समूह के सदस्य में से किसी के परिवार का सदस्य बैंक का डिफाल्टर है तो भी उसे ऋण देने से मना नहीं किया जा सकता है।
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