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Panipat News: महिला किसानों को डेयरी फार्मिंग की दी जानकारी
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महिलाओं को जानकारी देते कृषि विशेषज्ञ। संवाद
सनौली। कृषि विज्ञान केंद्र उझा गांव में डेयरी फार्मिंग एक लाभकारी व्यवसाय विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम किया गया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जाति सब प्लान योजना के तहत किया गया। इसमें जिले की 50 किसान महिलाओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य डेयरी फार्मिंग के बारे में उचित ज्ञान और कौशल प्रदान करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सतपाल सिंह मुख्यातिथि रहे। उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिंग एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है। इसके लिए किसानों को उचित ज्ञान और कौशल की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि डेयरी फार्मिंग में पशुओं के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है और दुग्ध की गुणवत्ता में सुधार होता है।
जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. मोहित सहल ने दुग्ध व्यवसाय में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने से किसानों को पशुओं की खरीद, दुग्ध संग्रहण और विपणन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान हो सकती है, जिससे कि उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉक्टर राजेश कुमार ने पशुओं के चारे से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आशीष ने डेयरी व्यवसाय में होने वाले मौसम से संबंधित आवश्यक बदलावों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर रीना, राजपति व नीलम मौजूद रहीं। संवाद
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कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सतपाल सिंह मुख्यातिथि रहे। उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिंग एक लाभकारी व्यवसाय हो सकता है। इसके लिए किसानों को उचित ज्ञान और कौशल की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि डेयरी फार्मिंग में पशुओं के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है और दुग्ध की गुणवत्ता में सुधार होता है।
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जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. मोहित सहल ने दुग्ध व्यवसाय में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने से किसानों को पशुओं की खरीद, दुग्ध संग्रहण और विपणन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान हो सकती है, जिससे कि उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। केंद्र के अन्य वैज्ञानिक डॉक्टर राजेश कुमार ने पशुओं के चारे से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आशीष ने डेयरी व्यवसाय में होने वाले मौसम से संबंधित आवश्यक बदलावों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर रीना, राजपति व नीलम मौजूद रहीं। संवाद
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