{"_id":"6490b7ef2168c4de880fb854","slug":"friend-and-landlord-killed-in-money-transaction-and-threw-dead-body-in-haridwar-forests-panipat-news-c-244-1-pnp1003-1121-2023-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: पैसों के लेनदेन में दोस्त व मकान मालिक ने हत्या कर शव हरिद्वार के जंगलों में फेंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: पैसों के लेनदेन में दोस्त व मकान मालिक ने हत्या कर शव हरिद्वार के जंगलों में फेंका
विज्ञापन
पानीपत। तहसील कैंप की परशुराम कॉलोनी से लापता फकरे आलम की उसके दोस्त और मकान मालिक ने हत्या की थी। दोनों ने हत्या के बाद शव को हरिद्वार के जंगलों में फेंक दिया था। वह पांच जून से लापता था। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले में हत्या की धारा को जोड़ दी है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तहसील कैंप थाना प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि झारखंड के पलामू जिले के चपी कलां गांव निवासी फकरे आलम उर्फ मुन्ना पिछले कई साल से तहसील कैंप की परशुराम कॉलोनी में राजकुमार के घर किराये पर रहता था। उसके साथ उसके गांव का कबीर अंसारी व वारिश अंसारी भी रहते थे। पांच जून को सुबह जफरूद्दीन ने भाई फकरे को फोन किया तो उसका नंबर बंद मिला। उसके साथी किरायेदार कबीर अंसारी व वारिश अंसारी का नंबर भी बंद था। जफरूद्दीन ने पांच जून को फकरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट तहसील कैंप थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने रविवार रात कबीर अंसारी, मकान मालिक राजकुमार उर्फ धोला, विकास नगर निवासी अंकित व उत्तर प्रदेश के शामली के रसूलपुर गांव निवासी अर्जुन को भैंसवाल गांव के पास से गिरफ्तार किया। इनके पास फकरे की कार भी मिली।
तहसील कैंप थाना प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि आरोपी कबीर का फकरे आलम के साथ पैसों के लेनदेन का विवाद चल रहा था। मकान मालिक राजकुमार उर्फ धोला को भी फकरे आलम से पैसे लेने थे। कबीर ने फकरे आलम की हत्या की साजिश रचकर राजकुमार उर्फ धोला को बताया। धोला ने अपने जानकार अंकित व अर्जुन को कबीर से मिलवाया। साजिश के तहत आरोपी अंकित व अर्जुन ने चार जून की रात फकरे आलम के कमरे पर जाकर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव हरिद्वार के जंगलों में फेंक दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील कैंप थाना प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि झारखंड के पलामू जिले के चपी कलां गांव निवासी फकरे आलम उर्फ मुन्ना पिछले कई साल से तहसील कैंप की परशुराम कॉलोनी में राजकुमार के घर किराये पर रहता था। उसके साथ उसके गांव का कबीर अंसारी व वारिश अंसारी भी रहते थे। पांच जून को सुबह जफरूद्दीन ने भाई फकरे को फोन किया तो उसका नंबर बंद मिला। उसके साथी किरायेदार कबीर अंसारी व वारिश अंसारी का नंबर भी बंद था। जफरूद्दीन ने पांच जून को फकरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट तहसील कैंप थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने रविवार रात कबीर अंसारी, मकान मालिक राजकुमार उर्फ धोला, विकास नगर निवासी अंकित व उत्तर प्रदेश के शामली के रसूलपुर गांव निवासी अर्जुन को भैंसवाल गांव के पास से गिरफ्तार किया। इनके पास फकरे की कार भी मिली।
विज्ञापन
तहसील कैंप थाना प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि आरोपी कबीर का फकरे आलम के साथ पैसों के लेनदेन का विवाद चल रहा था। मकान मालिक राजकुमार उर्फ धोला को भी फकरे आलम से पैसे लेने थे। कबीर ने फकरे आलम की हत्या की साजिश रचकर राजकुमार उर्फ धोला को बताया। धोला ने अपने जानकार अंकित व अर्जुन को कबीर से मिलवाया। साजिश के तहत आरोपी अंकित व अर्जुन ने चार जून की रात फकरे आलम के कमरे पर जाकर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव हरिद्वार के जंगलों में फेंक दिया।
विज्ञापन