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Panipat News: डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी
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पानीपत। सेक्टर-12 के एक व्यक्ति के साथ टोयोटा कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर 28.05 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। थाना साइबर अपराध पुलिस ने इसमें मुकदमा दर्ज कर लिया है।
संजय विज ने पुलिस को शिकायत में बताया कि दिसंबर 2024 में टोयोटा कंपनी की डीलरशिप के लिए कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। उसे करीब तीन माह बाद तक भी कोई जवाब नहीं आया। उनके पास गत दिनों एक फोन आया। उन्होंने बताया कि उनका टोयोटा भारत डीलरशिप के लिए चयन हुआ है। इसके बाद छह मार्च को मेल आईडी पर एक एप्लीकेशन फार्म भेजकर आईडी, बैंक अकाउंट व आधार कार्ड की जानकारी मांगी।
उन्होंने मेल पर ही उनकी साइट की अप्रूवल भेजी और रजिस्ट्रेशन की 6.67 लाख फीस 20 मार्च को एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। इसके बाद उन्हें फोन व ई-मेल के माध्यम से बताया कि डीलरशिप एनओसी एप्लीकेशन फार्म को मिनिस्ट्री ऑफ ट्रांसपोर्ट हाईवे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को भेजना है।
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इसके लिए नाॅन आब्जेक्शन सर्टिफिकेट के नाम पर 21.83 लाख रुपये की मांग की। उसने 21 मार्च को उक्त राशि उक्त खाते में ट्रांसफर कर दी। उनको इसके बाद संदेह हुआ तो स्थानीय शाखा में बैंक खाते के बारे में पता किया। उनको तब धोखाधड़ी का पता चला।
यह खाता टोयोटा कंपनी के बजाय राकेश रंजन नाम के व्यक्ति का मिला। उन्होंने उक्त नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। उसके भतीजे अंश विज ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई।
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संजय विज ने पुलिस को शिकायत में बताया कि दिसंबर 2024 में टोयोटा कंपनी की डीलरशिप के लिए कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया था। उसे करीब तीन माह बाद तक भी कोई जवाब नहीं आया। उनके पास गत दिनों एक फोन आया। उन्होंने बताया कि उनका टोयोटा भारत डीलरशिप के लिए चयन हुआ है। इसके बाद छह मार्च को मेल आईडी पर एक एप्लीकेशन फार्म भेजकर आईडी, बैंक अकाउंट व आधार कार्ड की जानकारी मांगी।
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उन्होंने मेल पर ही उनकी साइट की अप्रूवल भेजी और रजिस्ट्रेशन की 6.67 लाख फीस 20 मार्च को एक बैंक खाते में ट्रांसफर कराए। इसके बाद उन्हें फोन व ई-मेल के माध्यम से बताया कि डीलरशिप एनओसी एप्लीकेशन फार्म को मिनिस्ट्री ऑफ ट्रांसपोर्ट हाईवे गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को भेजना है।
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इसके लिए नाॅन आब्जेक्शन सर्टिफिकेट के नाम पर 21.83 लाख रुपये की मांग की। उसने 21 मार्च को उक्त राशि उक्त खाते में ट्रांसफर कर दी। उनको इसके बाद संदेह हुआ तो स्थानीय शाखा में बैंक खाते के बारे में पता किया। उनको तब धोखाधड़ी का पता चला।
यह खाता टोयोटा कंपनी के बजाय राकेश रंजन नाम के व्यक्ति का मिला। उन्होंने उक्त नंबर पर फोन किया तो वह बंद मिला। उसके भतीजे अंश विज ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई।