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रेडीमेड गारमेंट व्यापारी से 1.5 करोड़ का माल खरीदकर ठगे 95 लाख
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रेडीमेंट गारमेंट के व्यापारी के साथ एक आरोपी ने दूसरे राज्यों में माल भिजवाने के नाम पर 95 लाख की ठगी की। पीड़ित व्यापारी ने बताया कि एक आरोपी ने हैदराबाद, आंध्रप्रदेश व तेलंगाना के 12 आरोपी के साथ मिलकर उनकी दुकान से डेढ़ करोड़ का माल भिजवाया। इसमें उनको पहले एडवांस मिला व बाद में कुछ पेमेंट आई। जब बाकी पेमेंट आनी बंद हुई तो उसे आरोपियों पर शक हुआ और उनसे संपर्क किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। पहले आरोपी से जब इस मामले में बातचीत की गई तो उसने भी सभी 12 आरोपियों का साथ दिया और केस दर्ज न कराने की धमकी दी। इसी ठगी में आरोपी का पूरा कामधंधा भी ठप हो गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी, पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में मनोज कुमार मक्कड, प्रोपराइटर प्रथम ट्रेडिंग कंपनी, स्थित प्रेम मंदिर, नजदीक इंसार चौक ने बताया कि वह रेडिमेड कपड़ों का होल सेल का काम करता था। उसके भाई प्रेम कुमार की गोल्डन टैक्सों फैब व जयधारी फैब, स्थित रमेश नगर में सरदार सम्मी क साथ परदो की फैक्ट्ररी में पार्टनरशिप थी। जहां पर आरोपी भरत चिंताल एजेंट के तौर पर आया था। कुछ समय पहले आरोपी पीड़ित के भाई व उसके पार्टनर के साथ आया और पूरा माल हैराबाद और आंध्रप्रदेश व तेलांगना रेडीमेड गारमेंट का सामान बिकवाने का विश्वास दिलाया। आरोपी भरत ने कहा कि इस कदम से उनका बिजनेस में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। इसके बाद उसने आरोपी भरत के कहने पर माल 1. कुमारी बस्ती लोयला, सिकंदराबाद, 2. सुरेश बाबु प्रोपराइटर विजय अरुणदती सिलेक्शन, आंध्र प्रदेश, 3. राकेश वैसयश श्री वैष्णवी एंटरप्राइजेज, हैदराबाद, 4. अमरनाथ, विधनेशवरा साडीज एंड रेडिमेड, हैदराबाद, 5. दुदुकरी वैकंटा रामा, दिया फैशन 6. पतूरी प्रभाकर, श्री सलेक्शन दुकान, तेनाली, 7. सुबरमण्यम, बाला जी ट्रेडर्स, हैदराबाद 8. सतीश वेलावती श्री साई सिल्क हैदराबाद, 9. दुदुकेला कासिमवली, आर के फैशन, हैदराबाद, 10. अभिसेटी नागा विजयकुमार, जे एस साडीज एंड टेक्सटाइल्स और राधिका साडीज, आंध्रप्रदेश, 11. के रामा प्रसाद, बिग बाजार फैक्टरी सैल 12. बी मलिका अर्जुना राव, सारावनास शौपिगं माल, 13. सरस्वती इसैटी, देवी श्री देवी साड़ी सेेंटर आंध्रप्रदेश को मार्फत ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भिजवाया। जिसमें कुछ पैसे उनके खाते में वापस आए। पीड़ित ने बताया कि अगस्त 2017 से लेकर मार्च 2018 तक प्रार्थी ने दोषियों को लगभग 1.5 करोड का माल भिजवा दिया। जब मार्च 2018 में लगभग 95 लाख रुपये की पेमेंट रुक गई और उन्हें संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ थे। उसके बाद पते पर भेजे गए माल पर जाकर देखा तो वहां पर कुछ अज्ञात युवक मिले जिन्होंने जान से मारने की धमकी दी व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जिसके बाद पीड़ित ने आरोपी भरत से इस मामले में बातचीत की तो आरोपी ने भी बाकी आरोपियों के पक्ष में बात की और केस दर्ज न करवाने की बात कही। पीड़ित ने काफी समय इंतजार करने के बाद सोमवार को सिटी थाना पुलिस को मामले की शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
एक गिरोह में 15 सदस्य, पानीपत में भी दे चुके काफी वारदातों को अंजाम : मनोज
पीड़ित मनोज मक्कड़ ने बताया कि इससे पहले भी वह शहर के काफी व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये ऐठ कर फरार हो चुके है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सिटी थाने में मामले दर्ज हुए है और पुलिस ने पिछले साल एक अरोपी को पकड़कर जेल भी भेजा था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के अंदर 15 सदस्य है जो कि पहले व्यापारी को एडवांस देकर विश्वास जीतते है और फिर उसके साथ करोड़ों की ठगी करते है और फरार हो जाते है।
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शिकायतकर्ता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।
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पुलिस को दी शिकायत में मनोज कुमार मक्कड, प्रोपराइटर प्रथम ट्रेडिंग कंपनी, स्थित प्रेम मंदिर, नजदीक इंसार चौक ने बताया कि वह रेडिमेड कपड़ों का होल सेल का काम करता था। उसके भाई प्रेम कुमार की गोल्डन टैक्सों फैब व जयधारी फैब, स्थित रमेश नगर में सरदार सम्मी क साथ परदो की फैक्ट्ररी में पार्टनरशिप थी। जहां पर आरोपी भरत चिंताल एजेंट के तौर पर आया था। कुछ समय पहले आरोपी पीड़ित के भाई व उसके पार्टनर के साथ आया और पूरा माल हैराबाद और आंध्रप्रदेश व तेलांगना रेडीमेड गारमेंट का सामान बिकवाने का विश्वास दिलाया। आरोपी भरत ने कहा कि इस कदम से उनका बिजनेस में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। इसके बाद उसने आरोपी भरत के कहने पर माल 1. कुमारी बस्ती लोयला, सिकंदराबाद, 2. सुरेश बाबु प्रोपराइटर विजय अरुणदती सिलेक्शन, आंध्र प्रदेश, 3. राकेश वैसयश श्री वैष्णवी एंटरप्राइजेज, हैदराबाद, 4. अमरनाथ, विधनेशवरा साडीज एंड रेडिमेड, हैदराबाद, 5. दुदुकरी वैकंटा रामा, दिया फैशन 6. पतूरी प्रभाकर, श्री सलेक्शन दुकान, तेनाली, 7. सुबरमण्यम, बाला जी ट्रेडर्स, हैदराबाद 8. सतीश वेलावती श्री साई सिल्क हैदराबाद, 9. दुदुकेला कासिमवली, आर के फैशन, हैदराबाद, 10. अभिसेटी नागा विजयकुमार, जे एस साडीज एंड टेक्सटाइल्स और राधिका साडीज, आंध्रप्रदेश, 11. के रामा प्रसाद, बिग बाजार फैक्टरी सैल 12. बी मलिका अर्जुना राव, सारावनास शौपिगं माल, 13. सरस्वती इसैटी, देवी श्री देवी साड़ी सेेंटर आंध्रप्रदेश को मार्फत ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भिजवाया। जिसमें कुछ पैसे उनके खाते में वापस आए। पीड़ित ने बताया कि अगस्त 2017 से लेकर मार्च 2018 तक प्रार्थी ने दोषियों को लगभग 1.5 करोड का माल भिजवा दिया। जब मार्च 2018 में लगभग 95 लाख रुपये की पेमेंट रुक गई और उन्हें संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ थे। उसके बाद पते पर भेजे गए माल पर जाकर देखा तो वहां पर कुछ अज्ञात युवक मिले जिन्होंने जान से मारने की धमकी दी व झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। जिसके बाद पीड़ित ने आरोपी भरत से इस मामले में बातचीत की तो आरोपी ने भी बाकी आरोपियों के पक्ष में बात की और केस दर्ज न करवाने की बात कही। पीड़ित ने काफी समय इंतजार करने के बाद सोमवार को सिटी थाना पुलिस को मामले की शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
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एक गिरोह में 15 सदस्य, पानीपत में भी दे चुके काफी वारदातों को अंजाम : मनोज
पीड़ित मनोज मक्कड़ ने बताया कि इससे पहले भी वह शहर के काफी व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये ऐठ कर फरार हो चुके है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सिटी थाने में मामले दर्ज हुए है और पुलिस ने पिछले साल एक अरोपी को पकड़कर जेल भी भेजा था। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के अंदर 15 सदस्य है जो कि पहले व्यापारी को एडवांस देकर विश्वास जीतते है और फिर उसके साथ करोड़ों की ठगी करते है और फरार हो जाते है।
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शिकायतकर्ता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।