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Panipat News: होबपास पोर्टल से चार साल का रिकॉर्ड गायब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2023 01:52 AM IST
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four year old record missing from hobpass portal
पानीपत। हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान सिस्टम (होबपास) वेब पोर्टल से पिछले चार साल का भवन नक्शों का रिकाॅर्ड गायब हो गया है। पोर्टल पर नवंबर 2019 से अगस्त 2023 तक के पास किए गए नक्शों का रिकॉर्ड नहीं है। वहीं नए आवेदन भी प्रक्रिया में नहीं मिलते। इससे लोगों के अपने आशियाने के लिए बैंक से लोन लेने तक की प्रक्रिया थम गई है। लोगों को बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करने पर विभागीय कार्रवाई का डर सताने लगा है। नक्शों के लिए फीस जमा कराने के बाद भी उनके काम रुक गए हैं। निगम अधिकारियों के पास लोगों को समझाने के लिए संतोषजनक जवाब तक नहीं है। लोग डाटा डिलीट होना निकाय अधिकारियों की लापरवाही बता रहे हैं, जबकि अधिकारी डाटा रिकवरी को लेकर प्रयासरत होने का दावा कर रहे हैं। इनके बीच अधिकारी और लोग डिजिटल युग के नए अपडेट पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के चक्कर में उलझे हुए हैं।
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चार विभाग करते हैं नक्शे पास, अपडेट हुआ तो रिकॉर्ड गायब
होबपास पोर्टल पर भवन निर्माण के लिए नक्शों की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इस पर निकाय विभाग, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी और जिला योजनाकार नक्शों को स्वीकृति देता है। होबपास पोर्टल में चार माह से समस्या आ रही थी। इससे पोर्टल को कई बार बंद भी रखा गया। जब इसे अपडेट किया गया तो इसमें पुराना डाटा गायब मिला, जिसे आवेदन नंबर के साथ खोजने पर पोर्टल भी जवाब दे रहा है। वहीं मौके पर भवन निर्माण का फोटो लेकर पोर्टल से जोड़ने वाला मोबाइल एप्लीकेशन भी बंद हो गया है।
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पानीपत की ही करीब दो सौ फाइलें अटकी हुई हैं और हजारों फाइलें डिलीट हो गई हैं। प्रदेश के 88 निकायों का लाखों रिकॉर्ड नहीं मिल रहा। नक्शा नवीस पीपी कपूर बताते हैं कि भवन निर्माण के लिए नक्शा बनवाना अनिवार्य है। बिना नक्शे के निगम भवन को अवैध बताकर कार्रवाई कर सकता है।
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स्वीकृत नक्शे पर सरकारी बैंक से लोन कम ब्याज दर पर मिलता है, जबकि प्राइवेट बैंक बिना नक्शे के ज्यादा ब्याज दर पर लोन देते हैं। पोर्टल न चलने से लोग अब प्राइवेट बैंकों से ज्यादा ब्याज दर पर लोन लेने को मजबूर हैं। निगम के सौ गज तक के रिहायशी भवन के नक्शे पर 20-25 हजार रुपये की सरकारी फीस लगती है। नपा में यह फीस 10-12 हजार तक होती है। कॉमर्शियल नक्शे में इससे करीब पांच गुना ज्यादा फीस लगती है। फीस का भी पोर्टल पर रिकॉर्ड नहीं है।

होबपास पोर्टल पर नक्शों के रिकॉर्ड में कुछ तकनीकी खामी आ गई है। यह कमी पूरे प्रदेश के लिए बनी है। इसका शहरी स्थानीय निकाय अपने स्तर पर सुधार करा रहा है। जल्द ही पोर्टल पर पूरे डाटा को रिकवर कर लिया जाएगा।
- योगेश तोमर, एटीपी, नगर निगम।
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