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Panipat News: पहली बार पानीपत का कोई मंत्री लगातार दूसरी बार विधायक बना
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पानीपत। भाजपा ने महिपाल ढांडा पानीपत ग्रामीण सीट से तीसरी बार विधायक बने हैं। उनको छह माह पहले सैनी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया था। पानीपत में ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई मंत्री लगातार दूसरी बार विधायक बना हो। इससे पहले पानीपत के पांच ऐसे मंत्री व स्पीकर रहे हैं, जिन्होंने मंत्री रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पानीपत में ऐसी मिथ्या थी कि अगर कोई मंत्री बनता है तो उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं। इस बार महिपाल ढांडा जब मंत्री बने तो जिले में यह चर्चा आम हो गई थी कि वह चुनाव हार जाएंगे लेकिन उन्होंने कांग्रेस के कांग्रेस के सचिन कुंडू को 50212 मतों से हरा दिया। उन्होंने पानीपत में सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। उनको 101079 वोट मिले।
1982 में इंदिरा गांधी ने असंध से विधायक प्रसन्नी देवी को भजनलाल सरकार में मंत्री बनाया था। 1987 में वह चुनाव लड़ी और हार गई। 1991 में बलबीर पाल शाह परिवहन मंत्री बने। 1996 के चुनाव में उनको ओमप्रकाश जैन से हार का सामना करना पड़ा। 1996 में बिजेंद्र कादियान मंत्री बने। 2000 में हुए चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। 2000 में इनेलो सरकार में सतबीर कादियान स्पीकर बने। 2005 में हुए चुनाव में उनको प्रसन्नी देवी ने हरा दिया। 2009 में ओम प्रकाश जैन हुड्डा सरकार में मंत्री बने। 2019 में उन्होंने चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। 2014 में कृष्ण लाल पंवार परिवहन मंत्री बने। 2019 में उनको हार का सामना करना पड़ा। अब 2023 में महिपाल ढांडा मंत्री बने लेकिन छह माह बाद हुए चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर यह मिथ्या तोड़ दी।
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1982 में इंदिरा गांधी ने असंध से विधायक प्रसन्नी देवी को भजनलाल सरकार में मंत्री बनाया था। 1987 में वह चुनाव लड़ी और हार गई। 1991 में बलबीर पाल शाह परिवहन मंत्री बने। 1996 के चुनाव में उनको ओमप्रकाश जैन से हार का सामना करना पड़ा। 1996 में बिजेंद्र कादियान मंत्री बने। 2000 में हुए चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। 2000 में इनेलो सरकार में सतबीर कादियान स्पीकर बने। 2005 में हुए चुनाव में उनको प्रसन्नी देवी ने हरा दिया। 2009 में ओम प्रकाश जैन हुड्डा सरकार में मंत्री बने। 2019 में उन्होंने चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। 2014 में कृष्ण लाल पंवार परिवहन मंत्री बने। 2019 में उनको हार का सामना करना पड़ा। अब 2023 में महिपाल ढांडा मंत्री बने लेकिन छह माह बाद हुए चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर यह मिथ्या तोड़ दी।
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