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Panipat News: तीन दिन के अंदर दर्ज करनी होगी एफआईआर, ट्रायल कोर्ट को तीन साल में देना फैसला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2024 06:23 AM IST
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FIR will have to be filed within three days
पानीपत।आर्य कॉलेज के सभागार में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में शनिवार को पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत व जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को तीनों नए कानूनों के बारे में जानकारी दी।
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एसपी अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई 2024 से लागू हो रहे हैं। जो भारतीय दंड सहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) व भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लेंगे।
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प्रत्येक कार्रवाई के लिए निश्चित समय सीमा निधारित की गई-
नए कानूनों में दिए गए प्रावधानों में प्रत्येक कार्रवाई के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई। शिकायत मिलने के तीन दिन में एफआईआर दर्ज करनी होगी। जिन केसों में तीन से सात साल की सजा का प्रावधान है, उन केसों में थाना प्रभारी, उप पुलिस अधीक्षक या उनसे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेकर 14 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच कर सकेंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज करनी होगी। एफआईआर दर्ज के बाद पीड़ित को मुकदमे की प्रगति बारे एसएमएस या अन्य इलेक्ट्रोनिक्स माध्यमों द्वारा 90 दिनों के अंदर अंदर जानकारी प्रदान की जाएगी।
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संगीन मामलों में 60 दिन के अंदर दोबारा रिमांड

संगठित अपराध जो बार बार अपराध करते हैं ऐसे मामलों में अब कठोर सजा फांसी, उम्रकैद के साथ साथ कम से कम 10 लाख रुपये जुर्माना होगा। जैसे फिरौती मांगना, साइबर अपराध, किडनैपिंग, जमीनों पर कब्जा करना इत्यादी। संगीन मामलों में पुलिस अब आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी न्यायालय में पेश सकती है। गरीब की जायदाद पर जो कब्जा करते है उन पर भी इसमें समयबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इनके अलावा नए कानून में छोटे अपराध जिनमें तीन वर्ष से कम की सजा है, उनमें आरोपी अगर 60 वर्ष से अधिक आयु का है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए उप पुलिस अधीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। गंभीर अपराध की सूचना पर घटनास्थल पर बिना विचार करे शून्य एफआइआर दर्ज होगी। दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट के मामलों में जांच दो माह के भीतर पूरी करनी होगी। नए कानून के तहत पीड़ित को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा तलाशी अथवा जब्ती की प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा। इस दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से वीडियो ग्राफी करने की विधि का प्रशिक्षण दिया गया।



एक जुलाई को प्रत्येक थाना में कार्यक्रम
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि एक जुलाई को जिले के प्रत्येक थाना में कार्यक्रम आयोजित कर सरपंचों और मौजिज लोगों को तीनों नए आपराधिक कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। ताकि वे आगे आमजन को जागरूक कर सकें। जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर डीएसपी मुख्यालय संदीप कुमार, सतीश कुमार गौतम, नरेंद्र सिंह, सुरेश सैनी व कृष्ण कुमार मौजूद रहे।
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