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Panipat News: कूड़ा फेंकने के आरोप में 12 निगम कर्मियों पर प्राथमिकी
Wed, 26 Aug 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:23 AM IST
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पालिका बाजार कार्यालय के नीचे हड़ताल पर बैठे कर्मचारी। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल के दौरान कूड़ा फेंकने पर घिर गए हैं। निगम आयुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का संज्ञान लेते हुए 12 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई है। यह कार्रवाई पिछले दिनों जीटी रोड, इंसार बाजार और स्थानीय विधायक के कार्यालय के बाहर जबरन कूड़ा फेंकने में कराई है। निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार जबरदस्ती की तो निलंबन व बर्खास्त भी किया जा सकता है। इसके साथ तीनों एजेंसियों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अतिरिक्त कर्मी लगाकर वार्डों में सफाई कराई जा रही है।
नगर निगम कर्मचारियों ने बुधवार को 20वें दिन हड़ताल जारी रखी। निगम के पालिका बाजार कार्यालय के नीचे धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य सचिव मांगेराम ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 20 दिनों से कर्मचारी सड़क पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन मांगों का समाधान करने के बजाय दंडात्मक कार्रवाई पर उतर आया है। कर्मचारी अपनी मांगों को रख रहे हैं। सरकार को इसे लागू करना चाहिए। सरकार के दो मंत्रियों की मौजूदगी में 17 मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने तीन महीने बाद भी लागू नहीं किया। ऐसे में कर्मचारियों में रोष है और वे अपनी मांगों के लिए हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं।
इकाई प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने हड़ताल के दौरान कोई कानून नहीं तोड़ा है। उनको कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना नहीं है। ऐसा है तो बहुत गलत है। अधिकारी कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहते हैं। यूनियन कर्मचारियों के साथ खड़ी है। वे अपनी जायज मांगों को लेकर शांतपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनियन बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे पालिका बाजार से जिला सचिवालय तक जोरदार प्रदर्शन करेगी। इसमें सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित दूसरे विभागों के कर्मचारियों का भी समर्थन मिलेगा।
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वर्जन :
लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इससे किसी अन्य नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। जीटी रोड और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वाले 12 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अगर कर्मचारी बाज नहीं आए, तो उन्हें निलंबित और बर्खास्त भी किया जा सकता है। सरकारी कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं होगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
वर्जन :
थाना पुलिस ने अभी सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। इसमें शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र, प्रभारी, थाना शहर पुलिस।
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पानीपत। नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल के दौरान कूड़ा फेंकने पर घिर गए हैं। निगम आयुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का संज्ञान लेते हुए 12 कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई है। यह कार्रवाई पिछले दिनों जीटी रोड, इंसार बाजार और स्थानीय विधायक के कार्यालय के बाहर जबरन कूड़ा फेंकने में कराई है। निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार जबरदस्ती की तो निलंबन व बर्खास्त भी किया जा सकता है। इसके साथ तीनों एजेंसियों के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अतिरिक्त कर्मी लगाकर वार्डों में सफाई कराई जा रही है।
नगर निगम कर्मचारियों ने बुधवार को 20वें दिन हड़ताल जारी रखी। निगम के पालिका बाजार कार्यालय के नीचे धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य सचिव मांगेराम ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 20 दिनों से कर्मचारी सड़क पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन मांगों का समाधान करने के बजाय दंडात्मक कार्रवाई पर उतर आया है। कर्मचारी अपनी मांगों को रख रहे हैं। सरकार को इसे लागू करना चाहिए। सरकार के दो मंत्रियों की मौजूदगी में 17 मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने तीन महीने बाद भी लागू नहीं किया। ऐसे में कर्मचारियों में रोष है और वे अपनी मांगों के लिए हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं।
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इकाई प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने कहा कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने हड़ताल के दौरान कोई कानून नहीं तोड़ा है। उनको कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना नहीं है। ऐसा है तो बहुत गलत है। अधिकारी कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहते हैं। यूनियन कर्मचारियों के साथ खड़ी है। वे अपनी जायज मांगों को लेकर शांतपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनियन बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे पालिका बाजार से जिला सचिवालय तक जोरदार प्रदर्शन करेगी। इसमें सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित दूसरे विभागों के कर्मचारियों का भी समर्थन मिलेगा।
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लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इससे किसी अन्य नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। जीटी रोड और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वाले 12 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अगर कर्मचारी बाज नहीं आए, तो उन्हें निलंबित और बर्खास्त भी किया जा सकता है। सरकारी कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं होगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
वर्जन :
थाना पुलिस ने अभी सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। इसमें शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र, प्रभारी, थाना शहर पुलिस।