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Panipat News: 21 एजेंसियों पर 25 लाख का जुर्माना
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों में देरी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य पूरे नहीं करने पर 21 निर्माण एजेंसियों पर कुल 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगम की इस कार्रवाई से ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों में खलबली मच गई है।
नगर निगम ने हाल ही में शहर और पानीपत ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और समय सीमा की समीक्षा की थी। जांच में पाया गया कि कई एजेंसियां निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूरा करने में विफल रहीं। इसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की गई।
सड़क, गली और पार्क निर्माण के कई कार्य अधूरे
जिन परियोजनाओं में देरी पाई गई, उनमें 80 एमएम इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने, आरसीसी नालों का निर्माण, गलियों का ऊंचीकरण, शहीद उधम सिंह पार्क सहित विभिन्न पार्कों का जीर्णोद्धार, स्वागत द्वार निर्माण और सड़क निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
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कस्तूरी कॉलोनी, अजीजुल्लापुर, सैनी कॉलोनी, सोंधापुर एक्सटेंशन, कुलदीप नगर, अर्जुन नगर, भारत नगर, बाबरपुर अड्डा और अन्य क्षेत्रों में इन परियोजनाओं की समय सीमा वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अब भी अधूरे हैं। इससे स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन एजेंसियों पर हुई कार्रवाई
नगर निगम ने द रिद्धि सिद्धि को-ऑपरेटिव एलएंडसी सोसाइटी, द वत्स को-ऑपरेटिव एलएंडसी सोसाइटी, द क्वालिटी को-ऑप सोसाइटी लिमिटेड, जेपी राठी कंस्ट्रक्शन, द परुथी को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द भाविका को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द पिरथी को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द श्री गंगा एलएंडसी सोसाइटी लिमिटेड, द वीर आर्य को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द जय मां काली को-ऑप सोसाइटी और द कुंज को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी समेत 21 निर्माण एजेंसियों पर जुर्माना लगाया है। ये एजेंसियां शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पार्क, नालों और अन्य विकास कार्यों का निर्माण कर रही हैं।
जुर्माना लगाने का उद्देश्य निर्माण एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने के लिए सचेत करना है। यदि इसके बावजूद संबंधित एजेंसियां कार्य में तेजी नहीं लातीं और परियोजनाएं जल्द पूरी नहीं करतीं, तो उनके टेंडर रद्द करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। -नवीन, एक्सईएन, नगर निगम
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पानीपत। शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों में देरी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य पूरे नहीं करने पर 21 निर्माण एजेंसियों पर कुल 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगम की इस कार्रवाई से ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों में खलबली मच गई है।
नगर निगम ने हाल ही में शहर और पानीपत ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और समय सीमा की समीक्षा की थी। जांच में पाया गया कि कई एजेंसियां निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूरा करने में विफल रहीं। इसके बाद संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की गई।
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सड़क, गली और पार्क निर्माण के कई कार्य अधूरे
जिन परियोजनाओं में देरी पाई गई, उनमें 80 एमएम इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने, आरसीसी नालों का निर्माण, गलियों का ऊंचीकरण, शहीद उधम सिंह पार्क सहित विभिन्न पार्कों का जीर्णोद्धार, स्वागत द्वार निर्माण और सड़क निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
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कस्तूरी कॉलोनी, अजीजुल्लापुर, सैनी कॉलोनी, सोंधापुर एक्सटेंशन, कुलदीप नगर, अर्जुन नगर, भारत नगर, बाबरपुर अड्डा और अन्य क्षेत्रों में इन परियोजनाओं की समय सीमा वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन कई स्थानों पर कार्य अब भी अधूरे हैं। इससे स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन एजेंसियों पर हुई कार्रवाई
नगर निगम ने द रिद्धि सिद्धि को-ऑपरेटिव एलएंडसी सोसाइटी, द वत्स को-ऑपरेटिव एलएंडसी सोसाइटी, द क्वालिटी को-ऑप सोसाइटी लिमिटेड, जेपी राठी कंस्ट्रक्शन, द परुथी को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द भाविका को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द पिरथी को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द श्री गंगा एलएंडसी सोसाइटी लिमिटेड, द वीर आर्य को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी, द जय मां काली को-ऑप सोसाइटी और द कुंज को-ऑप एलएंडसी सोसाइटी समेत 21 निर्माण एजेंसियों पर जुर्माना लगाया है। ये एजेंसियां शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पार्क, नालों और अन्य विकास कार्यों का निर्माण कर रही हैं।
जुर्माना लगाने का उद्देश्य निर्माण एजेंसियों को समय पर काम पूरा करने के लिए सचेत करना है। यदि इसके बावजूद संबंधित एजेंसियां कार्य में तेजी नहीं लातीं और परियोजनाएं जल्द पूरी नहीं करतीं, तो उनके टेंडर रद्द करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा। -नवीन, एक्सईएन, नगर निगम