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निगम की गलती से दोबारा डेवलपमेंट चार्ज भरो या फिर से आपत्ति दर्ज कराओ, तभी होगी रजिस्ट्री
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जितेंद्र नरवाल
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर अपडेट किए गए प्रॉपर्टी रिकार्ड पर दर्ज कराई गईं लंबित आपत्तियों को समाधान करे बगैर ही हटा दिया है। आईं आपत्तियों की पेंडेंसी को शून्य कर दिया गया है। रिकार्ड से आपत्ति दर्ज कराने वालों के मोबाइल नंबर तक हटा दिए गए हैं। इससे लोगों के सामने दोबारा समस्या खड़ी हो गई है। अब उन्हें फिर से आपत्ति दर्ज करानी होगी। ऐसे में रजिस्ट्रियां रुक गईं हैं।
इतना ही नहीं जिन लोगों ने डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान कर दिया था, पोर्टल पर उनकी आईडी पर एनडीसी के जीरो चार्ज की जगह फिर से चार्ज बकाया दिख रहा है। इससे लोगों की रजिस्ट्रियां रुक गई हैं। लोगों को एक बार डेवलपमेंट चार्ज देना महंगा पड़ रहा था, अब निगम की गलती से या तो दोबारा भुगतान किया जाए या आपत्ति दर्ज कराई जाए। समस्या ये है कि आपत्ति दर्ज कराने के बाद लोगों को निगम के चक्कर काटने होंगे, लेकिन समाधान हो ही जाएगा, इसकी गारंटी नहीं है। हैरानी की बात ये है कि निगम अधिकारियों को इस गलती का पता तक नहीं है।
ऐसे समझें निगम की गलती और लोगों की परेशानी
निजी कंपनी याशि से प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे कराने के बाद निगम के पास पौने दो लाख संपत्तियां सामने आईं। ये सर्वे सही से नहीं हुआ और इसका मिलान भी पिछले रिकार्ड से नहीं हो सका। रजिस्ट्री के लिए प्रॉपर्टी आईडी को भी अनिवार्य कर दिया गया। प्रॉपर्टी आईडी को एनडीसी से लिंक किया गया। अब रिकार्ड मैच न होने से परेशान लोग निगम कार्यालय पहुंचने लगे। इनके समाधान के लिए ऑनलाइन आपत्तियां मांगी गईं। अब इन आपत्तियों का समाधान किए बगैर ही इनकी पेंडेंसी को शून्य कर दिया गया, यानि रिकार्ड में कोई आपत्ति है ही नहीं, जिसका समाधान किया जाना है।
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जिन्होंने लिया था टोकन, अब बैरंग लौट रहे लोग: एडवोकेट
डेवलपमेंट चार्ज भुगतान करने के बावजूद अब बकाया दिखाए जाने से रजिस्ट्री कराने आए लोगों को लौटना पड़ा। उनके मोबाइल नंबर तक पोर्टल के रिकार्ड से गायब हैं। जिससे अब लोगों के सामने दो रास्ते हैं, या तो मौके पर दोबारा चार्ज भरकर रजिस्ट्री करवाएं या इसे ठीक करवाएं। अब जिन लोगों ने संपत्ति खरीदने के बाद अग्रिम भुगतान कर दिया है, उनके सामने मुश्किल है।
- विकास कुमार, एडवोकेट एवं डीड राइटर
11 जून के बाद का डाटा नहीं हो पाया अपडेट: डीएमसी
यूएलबी ने 11 जून को प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा पोर्टल पर अपडेट करने के लिए भेजा था। जो अपने आप एनडीसी पोर्टल से लिंक हो जाता है। इसके बाद वाला डाटा मैनपावर और तकनीकी कारणों की वजह से अपडेट नहीं हो सका है क्योंकि नए सर्वे में प्रॉपर्टी पौने दो लाख हैं और डाटा अपडेट करने के लिए कर्मचारी सिर्फ तीन हैं। किसी के सामने डेवलपमेंट चार्ज बकाया दिखने की समस्या आ रही है, वह भुगतान स्लिप या फार्म दिखा कर इसे सही करा सकता है।
- जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर अपडेट किए गए प्रॉपर्टी रिकार्ड पर दर्ज कराई गईं लंबित आपत्तियों को समाधान करे बगैर ही हटा दिया है। आईं आपत्तियों की पेंडेंसी को शून्य कर दिया गया है। रिकार्ड से आपत्ति दर्ज कराने वालों के मोबाइल नंबर तक हटा दिए गए हैं। इससे लोगों के सामने दोबारा समस्या खड़ी हो गई है। अब उन्हें फिर से आपत्ति दर्ज करानी होगी। ऐसे में रजिस्ट्रियां रुक गईं हैं।
इतना ही नहीं जिन लोगों ने डेवलपमेंट चार्ज का भुगतान कर दिया था, पोर्टल पर उनकी आईडी पर एनडीसी के जीरो चार्ज की जगह फिर से चार्ज बकाया दिख रहा है। इससे लोगों की रजिस्ट्रियां रुक गई हैं। लोगों को एक बार डेवलपमेंट चार्ज देना महंगा पड़ रहा था, अब निगम की गलती से या तो दोबारा भुगतान किया जाए या आपत्ति दर्ज कराई जाए। समस्या ये है कि आपत्ति दर्ज कराने के बाद लोगों को निगम के चक्कर काटने होंगे, लेकिन समाधान हो ही जाएगा, इसकी गारंटी नहीं है। हैरानी की बात ये है कि निगम अधिकारियों को इस गलती का पता तक नहीं है।
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ऐसे समझें निगम की गलती और लोगों की परेशानी
निजी कंपनी याशि से प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे कराने के बाद निगम के पास पौने दो लाख संपत्तियां सामने आईं। ये सर्वे सही से नहीं हुआ और इसका मिलान भी पिछले रिकार्ड से नहीं हो सका। रजिस्ट्री के लिए प्रॉपर्टी आईडी को भी अनिवार्य कर दिया गया। प्रॉपर्टी आईडी को एनडीसी से लिंक किया गया। अब रिकार्ड मैच न होने से परेशान लोग निगम कार्यालय पहुंचने लगे। इनके समाधान के लिए ऑनलाइन आपत्तियां मांगी गईं। अब इन आपत्तियों का समाधान किए बगैर ही इनकी पेंडेंसी को शून्य कर दिया गया, यानि रिकार्ड में कोई आपत्ति है ही नहीं, जिसका समाधान किया जाना है।
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जिन्होंने लिया था टोकन, अब बैरंग लौट रहे लोग: एडवोकेट
डेवलपमेंट चार्ज भुगतान करने के बावजूद अब बकाया दिखाए जाने से रजिस्ट्री कराने आए लोगों को लौटना पड़ा। उनके मोबाइल नंबर तक पोर्टल के रिकार्ड से गायब हैं। जिससे अब लोगों के सामने दो रास्ते हैं, या तो मौके पर दोबारा चार्ज भरकर रजिस्ट्री करवाएं या इसे ठीक करवाएं। अब जिन लोगों ने संपत्ति खरीदने के बाद अग्रिम भुगतान कर दिया है, उनके सामने मुश्किल है।
- विकास कुमार, एडवोकेट एवं डीड राइटर
11 जून के बाद का डाटा नहीं हो पाया अपडेट: डीएमसी
यूएलबी ने 11 जून को प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा पोर्टल पर अपडेट करने के लिए भेजा था। जो अपने आप एनडीसी पोर्टल से लिंक हो जाता है। इसके बाद वाला डाटा मैनपावर और तकनीकी कारणों की वजह से अपडेट नहीं हो सका है क्योंकि नए सर्वे में प्रॉपर्टी पौने दो लाख हैं और डाटा अपडेट करने के लिए कर्मचारी सिर्फ तीन हैं। किसी के सामने डेवलपमेंट चार्ज बकाया दिखने की समस्या आ रही है, वह भुगतान स्लिप या फार्म दिखा कर इसे सही करा सकता है।
- जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।