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Panipat News: रात में ड्यूटी करने से कतरा रहीं महिला डॉक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2024 07:09 AM IST
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Female doctors shying away from duty at night
यमुनानगर। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पिछले दिनों प्रशिक्षु डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के बाद से जिले की महिला डॉक्टरों में भी डर का माहौल है। रात की ड्यूटी न लगाने के लिए जगाधरी सब डिविजन अस्पताल की कुछ डॉक्टर इस बारे में मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ से भी मिल चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि रात के समय दुष्कर्म, छेड़छाड़ के मामलों में पीड़ित महिलाओं या युवतियों को सब डिवीजन अस्पताल में न भेज कर मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में ही लाया जाए।
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उन्होंने पीएमओ को बताया कि महिला डॉक्टरों द्वारा रात में ड्यूटी न किए जाने की दूसरी बड़ी वजह काम का बोझ भी है। महिला डॉक्टरों को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक व दोपहर से रात आठ बजे तक ड्यूटी करनी पड़ती है। वहीं थानों में आए दिन दुष्कर्म, छेड़छाड़ व मारपीट आदि के केस दर्ज होते रहते हैं। पुलिस को इनका मेडिकल करवाना जरूरी होता है। कई बार तो पुलिस आधी रात को ही पीड़िताओं को सब डिवीजन व जिला नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंच जाती है। ऐसे में महिला डॉक्टरों को उनकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए फोन पर घर से बुलाया जाता है। डॉक्टरों की यह मांग है कि इस तरह के मामलों को रात के समय केवल जिला अस्पताल में ही भेजा जाए ताकि सभी डॉक्टरों को रात में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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अस्पताल में नहीं सुरक्षा के प्रबंध
जिला नागरिक अस्पताल समेत सब डिवीजन और सीएचसी, पीएचसी में सुरक्षा के बंदोबस्त बिल्कुल भी नहीं है। किसी भी अस्पताल में एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं है। जिससे मरीजों के साथ-साथ महिला स्टाफ व डॉक्टरों में डर का माहौल है। दिन में तो स्टाफ किसी तरह चौकस रहता है, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत रात की ड्यूटी करने में आती है। अस्पताल के गेट भी हर समय खुले रहते हैं, इसलिए कोई किसी भी समय आना जाना कर लेता है।
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उनका कहना है कि अस्पतालों में काम करने वाले अधिकतर स्टाफ के पास न वर्दी होती और न ही उनके गले में पहचान पत्र होता है। एंबुलेंस चालकों को छोड़ कर स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी वर्दी नहीं पहनता। यहां तक की किसी के आई कार्ड भी नहीं बने हैं। बिना वर्दी व पहचान पत्र के पता ही नहीं चलता कि अस्पताल में आ रहे लोगों में कौन स्टाफ सदस्य है और कौन बाहरी।

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इस बारे में एसपी को पत्र लिखेंगे : दिव्या मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि जगाधरी अस्पताल की महिला डॉक्टर उनसे इस बारे में मिली थी। डॉक्टरों ने मांग की है कि दुष्कर्म या छेड़छाड़ के जो केस हैं उन्हें रात के समय केवल जिला नागरिक अस्पताल में ही डील किया जाए। इसके लिए वह एसपी को पत्र लिखेंगी कि वह सभी थानों में आदेश दें कि इस तरह के केस रात में जिला अस्पताल में ही भेजा जाएं। कोलकाता हत्याकांड के बाद से डॉक्टरों में रोष व डर दोनों है। वहीं स्टाफ को आई कार्ड बनवाने के लिए बोल दिया गया है।
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