पानीपत। जिले के 600 उद्योग बंद होने से लाखों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। अब उद्योगपतियों को श्रमिकों के पलायन का भी डर है। उद्योगपति श्रमिकों से पलायन न करने की अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर श्रमिक अपनी रोजी रोटी के लिए दूसरे जिलों में जाने की योजना बना रहे हैं। इसी चिंता को देखते हुए रविवार शाम को पूर्वांचल कल्याण समिति ने सेक्टर 25 में आपात बैठक बुलाई। बैठक में समिति ने श्रमिकों से अपील की कि वह अभी पलायन न करें। वह उद्योगों को दोबारा चलाने के लिए संघर्ष करेंगे। उद्योगपतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन करेंगे। इस संबंध में समिति विधायक और उपायुक्त को ज्ञापन भी देगी। समिति के अध्यक्ष सुमन झा ने कहा कि कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने जो फैसला दिया है, उससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। कई प्रदेशों के लाखों युवा यहां काम करते हैं। इन युवाओं पर उनका परिवार पूर्ण रूप से निर्भर करता है। अगर एक महीने भी पैसे नहीं भेजे गए तो परिवार पर संकट आन खड़ा होता है। इसलिए सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। उद्योगों को दोबारा चलने की अनुमति मिलनी चाहिए। बॉयलर को पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए कम से कम दो साल का वक्त दिया जाना चाहिए। पानीपत की पहचान विश्व में टेक्सटाइल नगरी के नाम पर है। ऐसे में पूरे विश्व में पानीपत का नाम खराब हो रहा है। अगर एक बार श्रमिक पलायन कर गए तो इनको दोबारा वापस लाना मुश्किल होता है। अब समिति इस संबंध में सोमवार को विधायक और उपायुक्त को ज्ञापन देगी। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो समिति उद्योगपतियों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। बैठक में अशोक झा, हरे राम चौधरी,अजंलि, धर्मेंद्र सिंह, रामदत्त दूबे, अनिल पांडे, अजय कुमार झा, राहुल सिंह व अनिल सिंह मौजूद रहे।