{"_id":"618832648bd3e8242a16993c","slug":"farmers-movement-strengthened-due-to-kalash-yatra-in-the-district-farmers-associated-with-40-villages-panipat-news-knl888787195","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में निकली कलश यात्रा से मजबूत हुआ किसान आंदोलन, 40 गांव से जुड़े किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में निकली कलश यात्रा से मजबूत हुआ किसान आंदोलन, 40 गांव से जुड़े किसान
विज्ञापन
पानीपत। मकड़ौली टोल पर धरना में पहुंचे पानीपत भारतीय किसान यूनियन के लिजा अध्यक्ष सोनू व अन्य सा?
- फोटो : Panipat
पानीपत। 24 अक्तूबर को जिले में निकली कलश यात्रा से जिले के लगभग 20 हजार से ज्यादा किसान एक बार फिर से किसान आंदोलन में जुड़ चुके है। 24 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में निकली कलश यात्रा जिले के 40 गांव से होकर गुजरी थी, जिसमें 50 गाड़ियों का काफिला था। किसान यूनियन के नेताओं का दावा है कि जिस भी गांव में कलश यात्रा पहुंच रही थी उस गांव में किसानों ने आकर लखीमपुर खीरी में मृतक किसानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद से वह किसान दोबारा से किसान आंदोलन से जुड़ चुके है।
- हर रणनीति के लिए पानीपत टोल प्लाजा पर की जाती है अहम बैठक
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कोई भी रणनीति आती है तो वह ब्लॉक प्रधान से फोन पर संपर्क करके उनको बुलाते है और बैठक का आयोजन किया जाता है, जिसमें किसान आंदोलन की रणनीति के बारे में बताया जाता है। चाहे वह चक्का जाम हो या फिर रेल रोको आंदोलन। वहीं हर माह की एक तारीख को भी किसान भवन में जिला भारतीय किसान यूनियन की बैठक की जाती है।
- मकड़ौली पंचायत में जिले के किसान भी हुए शामिल
मकड़ौली पंचायत में जिले के किसान भी शामिल हुए। रविवार को जिले के सैकड़ों किसान सुबह 10 बजे ही पंचायत के लिए रवाना हो गए थे। पंचायत खत्म होने के बाद शाम को 4 बजे पानीपत वापस आ गए। जिले के किसानों का कहना है कि वह हर पंचायत और महापंचायत में शामिल होते है ताकि किसान आंदोलन में एकता बनी रहे।
विज्ञापन
- अगली रणनीति का इंतजार : सोनू मालपुरिया
किसानों को संयुक्त किसान मोर्चा की अगली रणनीति का इंतजार है। अगली रणनीति आते ही जिले के किसानों को रणनीति के बारे में बता दिया जाएगा और हर बार की तरह पानीपत के किसान अपनी अलग पहचान बनाने का काम करेंगे।
- सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान ,भाकियू
विज्ञापन
- हर रणनीति के लिए पानीपत टोल प्लाजा पर की जाती है अहम बैठक
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपुरिया ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कोई भी रणनीति आती है तो वह ब्लॉक प्रधान से फोन पर संपर्क करके उनको बुलाते है और बैठक का आयोजन किया जाता है, जिसमें किसान आंदोलन की रणनीति के बारे में बताया जाता है। चाहे वह चक्का जाम हो या फिर रेल रोको आंदोलन। वहीं हर माह की एक तारीख को भी किसान भवन में जिला भारतीय किसान यूनियन की बैठक की जाती है।
विज्ञापन
- मकड़ौली पंचायत में जिले के किसान भी हुए शामिल
मकड़ौली पंचायत में जिले के किसान भी शामिल हुए। रविवार को जिले के सैकड़ों किसान सुबह 10 बजे ही पंचायत के लिए रवाना हो गए थे। पंचायत खत्म होने के बाद शाम को 4 बजे पानीपत वापस आ गए। जिले के किसानों का कहना है कि वह हर पंचायत और महापंचायत में शामिल होते है ताकि किसान आंदोलन में एकता बनी रहे।
विज्ञापन
- अगली रणनीति का इंतजार : सोनू मालपुरिया
किसानों को संयुक्त किसान मोर्चा की अगली रणनीति का इंतजार है। अगली रणनीति आते ही जिले के किसानों को रणनीति के बारे में बता दिया जाएगा और हर बार की तरह पानीपत के किसान अपनी अलग पहचान बनाने का काम करेंगे।
- सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान ,भाकियू

पानीपत। सोनू।- फोटो : Panipat