{"_id":"6521bf75f6fd88a24401ec38","slug":"extorted-rs-22-lakh-on-the-pretext-of-removing-his-name-from-the-case-panipat-news-c-244-1-pnp1004-7276-2023-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: मुकदमे से नाम कटवाने का झांसा देकर जबरन वसूले 22 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: मुकदमे से नाम कटवाने का झांसा देकर जबरन वसूले 22 लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समालखा। मुकदमे से नाम कटवाने का झांसा देकर 22 लाख रुपये जबरन वसूली करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी को दिल्ली कुंडली बार्डर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
थाना समालखा प्रभारी इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने बताया कि समालखा के बैनीवाल मोहल्ला निवासी संजय ने नवंबर 2022 में शिकायत दी थी कि आलंबा वाई फाई प्राइवेट लिमिटिड में सोनीपत निवासी नीशु और बीकानेर दिल्ली निवासी अमित पार्टनर हैं। नवंबर 2021 में जिला गुरुग्राम के थाना राजेंद्रा पार्क में दर्ज एक मुकदमे में नीशु का नाम आया था। समालखा में होम्योपैथिक क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला के साथ उन तीनों की जान पहचान थी। सुनील शुक्ला ने उन तीनों को अपने क्लीनिक पर बुलाकर पीएस तिवारी नाम के युवक से मिलवाते हुए बताया था कि तिवारी ईडी में कमिश्नर हैं और उसकी पत्नी की रिश्तेदारी में है।
उन्होंने नीशू पर दर्ज मुकदमे से नाम कटवाने की एवज में 22 लाख रुपये मांगे थे। तीन नवंबर 2021 को उन्होंने 15 लाख रुपये नकद दे दिए और इसके तीन दिन बाद चार लाख रुपये कैश उसके भतीजे को दिए। कुछ दिन बाद तिवारी को दो लाख रुपये कैश दिए और एक लाख रुपये उसकी पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए। पीएस तिवारी व डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला के कहने पर नीशु गुरुग्राम एसटीएफ थाने में गया जहां उसकी उक्त मुकदमे में गिरफ्तारी हो गई। नीशु की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला से अपने पैसे वापस मांगे तो धौंस दिखाते हुए केस में फंसवाने की धमकी दी। इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच करते हुए नामजद आरोपी सुनील शुक्ला को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने परमात्मा शरण तिवारी निवासी गाजियाबाद यूपी के साथ मिलकर उक्त ठगी और जबरन वसूली की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस टीम ने शुक्रवार देर शाम आरोपी पीएस तिवारी को कुंडली बार्डर से काबू करने में कामयाबी हासिल की। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि ठगी और जबरन वसूली से हासिल की नगदी में से उसके हिस्से में आए आठ लाख रुपये में से ज्यादातर पैसे उसने खाने पीने में खर्च कर दिए। पुलिस ने आरोपी पीएस तिवारी के कब्जे से बचे दो लाख रुपये बरामद कर पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना समालखा प्रभारी इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने बताया कि समालखा के बैनीवाल मोहल्ला निवासी संजय ने नवंबर 2022 में शिकायत दी थी कि आलंबा वाई फाई प्राइवेट लिमिटिड में सोनीपत निवासी नीशु और बीकानेर दिल्ली निवासी अमित पार्टनर हैं। नवंबर 2021 में जिला गुरुग्राम के थाना राजेंद्रा पार्क में दर्ज एक मुकदमे में नीशु का नाम आया था। समालखा में होम्योपैथिक क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला के साथ उन तीनों की जान पहचान थी। सुनील शुक्ला ने उन तीनों को अपने क्लीनिक पर बुलाकर पीएस तिवारी नाम के युवक से मिलवाते हुए बताया था कि तिवारी ईडी में कमिश्नर हैं और उसकी पत्नी की रिश्तेदारी में है।
विज्ञापन
उन्होंने नीशू पर दर्ज मुकदमे से नाम कटवाने की एवज में 22 लाख रुपये मांगे थे। तीन नवंबर 2021 को उन्होंने 15 लाख रुपये नकद दे दिए और इसके तीन दिन बाद चार लाख रुपये कैश उसके भतीजे को दिए। कुछ दिन बाद तिवारी को दो लाख रुपये कैश दिए और एक लाख रुपये उसकी पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए। पीएस तिवारी व डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला के कहने पर नीशु गुरुग्राम एसटीएफ थाने में गया जहां उसकी उक्त मुकदमे में गिरफ्तारी हो गई। नीशु की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला से अपने पैसे वापस मांगे तो धौंस दिखाते हुए केस में फंसवाने की धमकी दी। इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच करते हुए नामजद आरोपी सुनील शुक्ला को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने परमात्मा शरण तिवारी निवासी गाजियाबाद यूपी के साथ मिलकर उक्त ठगी और जबरन वसूली की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस टीम ने शुक्रवार देर शाम आरोपी पीएस तिवारी को कुंडली बार्डर से काबू करने में कामयाबी हासिल की। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि ठगी और जबरन वसूली से हासिल की नगदी में से उसके हिस्से में आए आठ लाख रुपये में से ज्यादातर पैसे उसने खाने पीने में खर्च कर दिए। पुलिस ने आरोपी पीएस तिवारी के कब्जे से बचे दो लाख रुपये बरामद कर पूछताछ के बाद शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन