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Panipat News: जिले का हर चौथा बच्चा बीमारी से ग्रस्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2024 07:33 AM IST
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Every fourth child in the district suffers from disease
पानीपत। जिले का हर चौथा बच्चा किसी ने किसी रोग से पीड़ित है । स्वास्थ्य विभाग की सात महीने की स्क्रीनिंग रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है । स्वास्थ्य विभाग ने एक जनवरी से 30 जुलाई तक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में करीब 50 हजार बच्चों की जांच की है। इनमें 13000 से अधिक बच्चे किसी ने किसी बीमारी से ग्रस्त मिले हैं । 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे रोगों से ग्रस्त हैं। इस आंकड़े से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। बच्चों में सांस, दांत टीबी, एलर्जी, छाती व कान सहित तमाम प्रकार की गंभीर बीमारियां मिल रही है। लगभग तीन बच्चों में विटामिन ए विटामिन बी विटामिन डी और खून की कमी भी मिली है। लगभग 1200 बच्चों में कम सुनने और कम दिखाई देने जैसी बीमारियां मिली है।
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राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की खाली पड़ी भूमि का शिक्षा विभाग अब बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उपयोग करेगा। खाली भूमि में न्यूट्रिशियन गार्डन विकसित किए जाएंगे ताकि इन गार्डन में सब्जियां उगाई जा सके। शिक्षकों के सहयोग से बच्चों की टोलियां बना कर न्यूट्रिशियन गार्डन तैयार किए जाएंगे। इसके लिए स्कूली बच्चों को श्रमदान के लिए भी तैयार किया जाएगा। स्कूल की भूमि में उगाई जाने वाली मौसमी सब्जियों का भरपूर प्रयोग बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन में किया जाएगा। न्यूट्रिशियन गार्डन में टमाटर, मूली, गाजर, साग, तोरई सहित फुलवारी भी तैयार की जाएगी। बच्चों में सामूहिक श्रम की भावना विकसित करने और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय स्कूलों में न्यूट्रिशियन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए गए है। स्कूलों में गार्डन तैयार करने के निर्देश भी शिक्षकों को दिए जा रहे हैं।
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वर्जन-

स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से स्कूलों और आंगनबाड़ी केदों में बच्चों की स्क्रीनिंग करता है। उनमें रोगों को चिन्हित कर उनका जिला नागरिक अस्पताल में इलाज करता है । सात महीने में 50 हजार से अधिक बच्चों की जांच की गई है। इनमें से 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे विभिन्न रोगों से ग्रस्त मिले हैं । उनकी टीम में शिक्षा अधिकारियों की मदद से दिल में छेद वाले बच्चों को भी चिन्हित कर रही है । पिछले छह साल में 112 बच्चों को चिह्नित कर उनके दिल की सर्जरी कराई जा चुकी है। इस पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की भी मदद ली जा रही है।
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डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, आरबीएस के कार्यक्रम के नोडल अधिकारी
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