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Panipat News: 20 दिन में भी वायरल फीवर से बॉडी नहीं हो रही रिकवर, वेरिएंट बदला
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पानीपत। जिले का हर पांचवां व्यक्ति वायरल से ग्रस्त है। हर दूसरे घर में मरीज है। जिले में डेंगू संदिग्ध रोगियों की संख्या हजारों में है। इस साल वारयल फीवर के वेरिएंट में काफी बदलाव है। बुखार के साथ साथ शरीर में दर्द व थकान से रोगी परेशान हैं।
बुखार जाने के बाद भी 15-20 दिन तक रोगी की बॉडी रिकवर नहीं कर पा रही है। उन्हें सिर दर्द व पैरों में दर्द की शिकायत बनी रहती है। चिकनगुनिया की तरह लोगों को जोड़ों में दर्द महसूस हो रहा है। डॉक्टर लोगों को ओआरएस के घोल का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में अब डेंगू के रोगियों की संख्या 272 पहुंच चुकी है। बुधवार को भी डेंगू के दो मरीज मिले है। यह सभी केस निजी अस्पतालों से आए हैं। इनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब जिले में डेंगू के रोगियों की संख्या 213 पहुंच चुकी है। हालांकि जिले में डेंगू का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत है।
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अब डेंगू का पॉजिटिविटी रेट 14 प्रतिशत से अधिक है। डेंगू के साथ साथ जिला वायरल फीवर की चपेट में है। वायरल फीवर में भी डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। बच्चे वायरल फीवर की जल्द चपेट में आ रहे हैं।
हर परिवार में वायरल फीवर के मरीज हैं। जिले में अब प्रतिदिन एक हजार से अधिक एलाइजा टेस्ट हो रहे हैं। लोगों को प्लेट्लेटस के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। निजी ब्लड बैंकों पर प्लेटलेट्स के लिए लाइन लगी है।
जिले की लगभग 50 लैब पर प्रतिदिन ढाई हजार से अधिक सीबीसी टेस्ट हो रहे हैं। प्रतिदिन 100 से अधिक नए डेंगू के संदिग्ध रोगी मिले रहे हैं। इसके साथ साथ डेंगू का खतरा अब अधिक गहरा गया है। नए मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
जहां डेंगू के रोगी मिले हैं वहां पर अब स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। यहां 250 से अधिक बुखार पीड़ितों के ब्लड स्लाइड बनाई गई है। लगभग 250 मकानों में लार्वा जांचा गया है। यहां सात स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला।
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बुखार जाने के बाद भी 15-20 दिन तक रोगी की बॉडी रिकवर नहीं कर पा रही है। उन्हें सिर दर्द व पैरों में दर्द की शिकायत बनी रहती है। चिकनगुनिया की तरह लोगों को जोड़ों में दर्द महसूस हो रहा है। डॉक्टर लोगों को ओआरएस के घोल का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।
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जिले में अब डेंगू के रोगियों की संख्या 272 पहुंच चुकी है। बुधवार को भी डेंगू के दो मरीज मिले है। यह सभी केस निजी अस्पतालों से आए हैं। इनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब जिले में डेंगू के रोगियों की संख्या 213 पहुंच चुकी है। हालांकि जिले में डेंगू का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत है।
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अब डेंगू का पॉजिटिविटी रेट 14 प्रतिशत से अधिक है। डेंगू के साथ साथ जिला वायरल फीवर की चपेट में है। वायरल फीवर में भी डेंगू के लक्षण मिल रहे हैं। बच्चे वायरल फीवर की जल्द चपेट में आ रहे हैं।
हर परिवार में वायरल फीवर के मरीज हैं। जिले में अब प्रतिदिन एक हजार से अधिक एलाइजा टेस्ट हो रहे हैं। लोगों को प्लेट्लेटस के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। निजी ब्लड बैंकों पर प्लेटलेट्स के लिए लाइन लगी है।
जिले की लगभग 50 लैब पर प्रतिदिन ढाई हजार से अधिक सीबीसी टेस्ट हो रहे हैं। प्रतिदिन 100 से अधिक नए डेंगू के संदिग्ध रोगी मिले रहे हैं। इसके साथ साथ डेंगू का खतरा अब अधिक गहरा गया है। नए मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
जहां डेंगू के रोगी मिले हैं वहां पर अब स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। यहां 250 से अधिक बुखार पीड़ितों के ब्लड स्लाइड बनाई गई है। लगभग 250 मकानों में लार्वा जांचा गया है। यहां सात स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला।