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Panipat News: यमुना के पानी से कटाव जारी, किसानों की चिंता बढ़ी, नवादा-आर में काम ठप
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सनौली। यमुना में पानी खतरे और चेतावनी के निशान से नीचे आ गया है। यह दो दिन से 229.00 मीटर पर बह रहा है। जबकि चेतावनी का निशान 231 और खतरे का 231.50 मीटर है। अभी करीब चार हजार एकड़ फसल में पानी खड़ा है। वहीं मिर्च और घीया समेत सब्जी की करीब दो हजार एकड़ फसल खराब होने का किसानों ने दावा किया है।
नवादा-आर गांव में पानी के चलते कटाव भरा नहीं जा रहा है। पानी गन्ने और दूसरी फसल को कटाव के साथ बहाकर ले जा रहा है। सिंचाई विभाग ने खोजकीपुर गांव में बांस की मदद से अस्थायी स्टड बनाकर मिट्टी के कट्टे लगाना शुरू किया है।
सिंचाई विभाग की टीम वीरवार को खोजकीपुर गांव के पास कटाव को बंद करने में लगी रही। पानी के बहाव के चलते कटाव बंद नहीं हो पाए। अधिकारियों ने बांस के स्टड बनाकर लगाना शुरू किए। खोजकीपुर में छह अस्थायी स्टड बनाए। इसके बाद कटाव में मिट्टी के कट्टे लगाना शुरू किए। वहीं नवादा-आर गांव के नजदीक कटाव पानी जमा होने के चलते बंद नहीं किया जा सका। यहां गहरी खाई में पानी भरने के चलते ट्रैक्टर या जेसीबी नहीं पहुंच पा रही हैं। मजदूरों ने गहरे पानी से होकर जाने से मना कर दिया है। यहां चार दिन से कटाव को रोकने के लिए कोई काम नहीं हो पाया है।
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किसान नुकसान का आकलन करने में लगे : किसान यमुना में नुकसान का आकलन करने लगे हैं। यमुना में तेज पानी आने पर करीब 10 हजार एकड़ फसल में पानी भर गया था। पानी कम होने के बाद किसानों ने राहत की कुछ सांस ली है। वहीं चार हजार एकड़ में अभी पानी जमा है।
यमुना में पानी आने पर सबसे अधिक नुकसान सब्जी की फसल को हुआ है। किसानों ने करीब दो हजार एकड़ में सब्जी खराब होने की बात कही है। किसान रमेश, अजमेर, समशुद्दीन और अख्तर ने बताया कि यमुना की तलहटी में खड़ी सब्जी की फसल पूरी तरह से खराब हो गई हैं। गन्ने और धान की फसल में अपेक्षाकृत कम नुकसान है। कटाव के चलते करीब 20 एकड़ फसल बह गई है।
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नवादा-आर गांव में पानी के चलते कटाव भरा नहीं जा रहा है। पानी गन्ने और दूसरी फसल को कटाव के साथ बहाकर ले जा रहा है। सिंचाई विभाग ने खोजकीपुर गांव में बांस की मदद से अस्थायी स्टड बनाकर मिट्टी के कट्टे लगाना शुरू किया है।
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सिंचाई विभाग की टीम वीरवार को खोजकीपुर गांव के पास कटाव को बंद करने में लगी रही। पानी के बहाव के चलते कटाव बंद नहीं हो पाए। अधिकारियों ने बांस के स्टड बनाकर लगाना शुरू किए। खोजकीपुर में छह अस्थायी स्टड बनाए। इसके बाद कटाव में मिट्टी के कट्टे लगाना शुरू किए। वहीं नवादा-आर गांव के नजदीक कटाव पानी जमा होने के चलते बंद नहीं किया जा सका। यहां गहरी खाई में पानी भरने के चलते ट्रैक्टर या जेसीबी नहीं पहुंच पा रही हैं। मजदूरों ने गहरे पानी से होकर जाने से मना कर दिया है। यहां चार दिन से कटाव को रोकने के लिए कोई काम नहीं हो पाया है।
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किसान नुकसान का आकलन करने में लगे : किसान यमुना में नुकसान का आकलन करने लगे हैं। यमुना में तेज पानी आने पर करीब 10 हजार एकड़ फसल में पानी भर गया था। पानी कम होने के बाद किसानों ने राहत की कुछ सांस ली है। वहीं चार हजार एकड़ में अभी पानी जमा है।
यमुना में पानी आने पर सबसे अधिक नुकसान सब्जी की फसल को हुआ है। किसानों ने करीब दो हजार एकड़ में सब्जी खराब होने की बात कही है। किसान रमेश, अजमेर, समशुद्दीन और अख्तर ने बताया कि यमुना की तलहटी में खड़ी सब्जी की फसल पूरी तरह से खराब हो गई हैं। गन्ने और धान की फसल में अपेक्षाकृत कम नुकसान है। कटाव के चलते करीब 20 एकड़ फसल बह गई है।