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Panipat News: नहीं मिली उद्यमियों को जेडएलडी व कॉमन बॉयलर की सौगात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 06:14 AM IST
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Entrepreneurs did not get the gift of ZLD and common boiler
पानीपत। पानीपत के उद्यमी पांच साल से कॉमन बॉयलर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसको लेकर विधायक से लेकर मंत्री और मुख्यमंत्री तक से मिल चुके हैं। यह मुद्दा दो बार विधानसभा में भी उठाया जा चुका है, लेकिन उद्यमियों को इन दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट की सौगात नहीं मिल पाई। कॉमन बॉयलर का तो एक साल से सर्वे ही चल रहा है।
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जेडएलडी प्रोजेक्ट के लिए उद्यमियों से ही 25 प्रतिशत यानि 200 करोड़ रुपये राशि मांगी गई। ऐसे में उद्यमियों में इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। डायर्स एसोसिएशन के तत्कालीन प्रधान भीम राणा ने 2018 में कॉमन बॉयलर की मांग को लेकर चंडीगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री से मिले थे। यहां उन्हें पूरे प्रोजेक्ट को समझाया गया। सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट को झंडी भी मिल गई। गुजरात की एक कंपनी को कॉमन बॉयलर लगाने को कहा गया, लेकिन कंपनी के साथ भाप के रेट को लेकर उद्यमियों में बात नहीं बनी। एचएसआईआईडीसी एक साल से कॉमन बॉयलर का सर्वे कर रहा है। इसके लिए जगह तो चिह्नित की गई है, लेकिन इस पर लगभग छह साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर जेडएलडी प्रोजेक्ट के लिए भी उद्यमियों ने केंद्रीय मंत्री से लेकर प्रदेश के कई मंत्रियों से मुलाकात की। इसकी लागत लगभग 800 करोड़ रुपये थे। केंद्र ने 50 और प्रदेश सरकार ने 25 प्रतिशत राशि देने की हामी भर दी। बाकी 25 प्रतिशत राशि उद्यमियों को देने की कही। उद्यमियों ने असमर्थता जता दी। ऐसे में यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया।
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सभी इंडस्ट्री के लिए एक कॉमन बॉयलर लगना है। इसी बॉयलर से सभी उद्योगों को स्टीम सप्लाई होनी है। इससे प्रदूषण पर नियंत्रण होगा। उद्यमियों को अपने-अपने उद्योग में अलग से बॉयलर नहीं लगाना पड़ेगा। सूरत व चीन में ऐसे ही प्रदूषण को कंट्रोल किया गया है।
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जेडएलडी यानि जीरो लिक्वेट डिस्चार्ज। प्रोजेक्ट लगने के बाद उद्यमियों को इससे पानी मिलना था। उद्योगों में पानी इस्तेमाल होने के बाद जेडएलडी में जाएगा। वहां से ट्रीट होकर दोबारा उद्योगों में आएगा। ऐसे ही पानी की साइकिल चलती रहेगी। इससे पानी का दोहन काफी कम होगा।


क्या कहते हैं उद्यमी-


- हरियाणा एन्वायरनमेंट मैनेजमेंट सोसायटी के प्रधान भीम राणा ने कहा कि इन प्रोजेक्ट के लिए बहुत मेहनत की थी। सालों मेहनत करने के बाद भी परिणाम नहीं मिले। अगर यह दोनों प्रोजेक्ट पानीपत को मिल जाते तो बेहतर होता।

- पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने कहा कि जेडएलडी व कॉमन बॉयलर प्रोजेक्ट पानीपत के लिए बेहद जरूरी है। इन पर सरकार ने विचार तो जरूर किया, लेकिन जमीन पर इसका परिणाम नहीं मिला।

- उद्यमी सुमन झा ने कहा कि दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट हैं। कॉमन बॉयलर के लिए सरकार ने प्रयास जरूर किए थे , जेडएलडी प्रोजेक्ट में भी कुछ बाधाएं है। सरकार को दोनों प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से लेना चाहिए।

- हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने कहा कि उद्योगों को रफ्तार देने के लिए यह दोनों प्रोजेक्ट जरूरी हैं। प्रदूषण के कारण साल में तीन माह उद्योग बंद रहते हैं। इसलिए कॉमन बॉयलर की जरूरत है। पानी का बहुत अधिक दोहन होता है। इसलिए यहां जेएलडी जरूरी है।


वर्जन-

कांग्रेस के नेता मुकेश टूटेजा ने कहा कि सरकार ने 10 साल तक उद्यमियों की परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया। उद्यमी कई बार सड़कों पर आए। उद्यमियों का करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरकार उद्यमियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं रही।


वर्जन-

भाजपा के जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट का कहना है कि सरकार ने उद्यमियों के लिए बहुत कल्याणकारी काम किए हैं। उद्यमियों की मांगों पर कई प्रोजेक्ट लाए गए हैं। निवेश के लिए भी बेहतरीन काम किए हैं। एमएसएमई के अंतर्गत उद्यमियों को करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है।
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