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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के फैसले से उद्यमी नाराज, आज से उद्योग बंद रखने का फैसला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 12:48 AM IST
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Entrepreneurs angry with the decision of Central Pollution Control Board, decision to keep the industry closed from today
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोयले से संचालित उद्योगों को आठ घंटे ही चलने की अनुमति दी है। अगर कोई उद्योग आठ घंटे से अधिक चलते मिला तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा उद्योगों को सप्ताह में पांच ही दिन चलाया जाएगा। सीपीसीबी के इस फैसले से नाराज उद्यमियों ने इसके खिलाफ सोमवार को 500 से अधिक डाइंग यूनिट को बंद रखने का फैसला किया है। एक दिन उद्योग बंद रहने से टेक्सटाइल नगरी को करीब एक हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। उद्यमी उद्योग बंद रखकर अपना विरोध जताएंगे। उद्यमियों ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल से भी मिलने का वक्त मांगा है, वहीं दूसरी ओर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की ओर से उद्यमियों को आश्वासन मिला है।
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गौरतलब है कि पानीपत में करीब दो हजार उद्योग कोयले पर चलते हैं। करीब 75 उद्योगों में ही पीएनजी व एलपीजी की सप्लाई है। सीपीसीबी की टीमें फील्ड में उद्योगों की मॉनीटरिंग भी कर रही है। उद्यमियों का कहना है कि पानीपत का एक्यूआई बहुत ज्यादा नहीं है। इसलिए पानीपत को 24 घंटे उद्योग चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इन नियमों के लागू होने से कंबल, चादर, डाइंग व प्रिटिंग के कारोबार पर खासा प्रभाव पड़ेगा। उत्पादन 50 प्रतिशत तक कम होगा। ऐसे में जो ऑर्डर बायर से मिले हैं उन्हें समय पर पूरा नहीं किया जा सकेगा, इससे उद्यमियों को नुकसान भी होगा।
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कोरोना और लॉकडाउन के बाद अब उभरा था उद्योग
कोरोना, लॉकडाउन व किसान आंदोलन में टेक्सटाइल नगरी को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। अब उद्यमियों को विदेशों को अच्छे ऑर्डर मिले हैं। कंबल का पीक सीजन चल रहा है। उद्यमियों बायर के ऑर्डर पूरा करने में जुटे हैं। पानीपत का एक्सपोर्ट भी तीन हजार करोड़ रुपये बढ़ा है। अब अच्छे आर्डर मिलने से उद्योग को संजीवनी मिली थी। अब सीपीसीबी के आदेशों से उद्योगों को बड़ा नुकसान होने का भय है।
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एनसीआर में होने का पानीपत को हो रहा है नुकसान-
पानीपत को एनसीआर में होने का नुकसान हो रहा है। सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, दिल्ली, नोयडा व गाजियाबाद में एक्यूूआई 200 से अधिक है। पानीपत का एक्यूआई पिछले तीन दिन में 200 से अधिक हुआ है। रविवार को एक्यूआई 216 दर्ज किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर के लिए आदेश जारी किए हैं, इसलिए पानीपत को एनसीआर में होने का नुकसान हो रहा है।

उद्योगों को बंद रखकर करेंगे विरोध- भीम
पानीपत के बढ़ते एक्यूआई का इकलौता कारण उद्योग नहीं है। एक्यूआई बढ़ने का कारण खेतों में जल रही पराली, सड़कों पर उठ रही धूल व वाहनों का आवागमन है। उद्योगों को टारगेट करना ठीक नहीं है। उन्होंने फैसला लिया है कि जब तक सीपीसीबी अपने निर्देशों को वापस नहीं लेती वो विरोध स्वरूप उद्योगों को बंद रखेंगे। पानीपत के लिए आठ घंटे बॉयलर चलाने के निर्देश दिए हैं। दो दिन उद्योगों को बंद रखा जाएगा। ऐसे में उद्यमियों को बड़ा नुकसान होगा। समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हो सकेंगे। दो घंटे में बॉयलर गर्म होता है। छह घंटे में मात्र 30-40 प्रोडक्शन ही होगा। डाइंग यूनिट का 20-24 घंटे चलना जरूरी है।
भीम राणा, अध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन
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