{"_id":"5f6ce44f8ebc3e42972a3074","slug":"dtp-panipat-news-knl453073129","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों ने दिखाए कोर्ट के कागजात, पर नहीं रूकी कारवाई, तीन ढाबे नेस्तानाबूद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों ने दिखाए कोर्ट के कागजात, पर नहीं रूकी कारवाई, तीन ढाबे नेस्तानाबूद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला योजनाकार विभाग की टीम डीटीपीओ एन्क्रोचमेंट ललित कुमार के नेतृत्व में जीटी रोड पर बने अवैध ढाबों पर कार्रवाई के लिए सुबह करीब ग्यारह बजे गांव करहंस के पास पहुंची। उनके साथ ड्यूटी मैजिस्ट्रेट विवेक रावल भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले जीटी रोड किनारे बने मयूर ढाबा और उसके उपरांत चाप वाला ढाबे को जेसीबी की सहायता से गिराया। इसके बाद टीम साथ लगते सांझा चूल्हा ढाबे पर पहुंची, लेकिन वहां पर ढाबा संचालक वकीलों के साथ मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कोर्ट से मिले कागजात की प्रति दिखाते हुए कोर्ट स्टे की बात कही।
डीटीपी ने उनकी एक सुनी। अधिकारियों ने किसी भी तरह के स्टे ना होने की बात कही और ढाबे को पूरी तरह नेस्तानाबूद कर दिया। तीनों ढाबे मलबे में तबदील हो गए। इस दौरान ढाबा संचालकों तथा वहां एकत्रित हुए लोगों ने बड़े लोगों को छोड़ छोटों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समालखा में कई अवैध कालोनियां हैं, जिनमें धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है। डीटीपीओ वहां कार्रवाई करने से क्यों कतराते हैं।
ढाबे में बैठे युवाओं को पुलिस ने खदेड़ा
कार्रवाई नहीं करने की मांग को लेकर दर्जनों युवक ढाबे में बैठ गए। डीटीपीओ द्वारा मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से कई बार उन्हें बाहर निकालने को कहा। लेकिन वो बेबस नजर आए। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने ढाबे में बैठे युवकों को कुछ ही मिनटों में बाहर खदेड़ दिया।
विज्ञापन
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान खर्ब पहुंचे टीम के साथ
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान शेर सिंह खर्ब अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि कोर्ट द्वारा स्टे दिया गया है। उन्होंने इसको लेकर डीटीपीओ, ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बात की लेकिन, वो नहीं माने। खर्ब ने कहा कि स्टे को नहीं मानकर कोर्ट की अवमानना की गई है। साथ ही उन्होंने अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
कोई स्टे नहीं है। डीओ और एडीओ से राय लेने के बाद कार्रवाई की गई है। जो कागजात वो दिखा रहे हैं वो दो पार्टियों के बीच का केस है। उससे विभाग का कोई संबंध नहीं है।
ललित कुमार, डीटीपीओ एंक्रोचमेंट
विज्ञापन
डीटीपी ने उनकी एक सुनी। अधिकारियों ने किसी भी तरह के स्टे ना होने की बात कही और ढाबे को पूरी तरह नेस्तानाबूद कर दिया। तीनों ढाबे मलबे में तबदील हो गए। इस दौरान ढाबा संचालकों तथा वहां एकत्रित हुए लोगों ने बड़े लोगों को छोड़ छोटों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समालखा में कई अवैध कालोनियां हैं, जिनमें धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया जा रहा है। डीटीपीओ वहां कार्रवाई करने से क्यों कतराते हैं।
विज्ञापन
ढाबे में बैठे युवाओं को पुलिस ने खदेड़ा
कार्रवाई नहीं करने की मांग को लेकर दर्जनों युवक ढाबे में बैठ गए। डीटीपीओ द्वारा मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से कई बार उन्हें बाहर निकालने को कहा। लेकिन वो बेबस नजर आए। सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने ढाबे में बैठे युवकों को कुछ ही मिनटों में बाहर खदेड़ दिया।
विज्ञापन
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान खर्ब पहुंचे टीम के साथ
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान शेर सिंह खर्ब अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि कोर्ट द्वारा स्टे दिया गया है। उन्होंने इसको लेकर डीटीपीओ, ड्यूटी मजिस्ट्रेट से बात की लेकिन, वो नहीं माने। खर्ब ने कहा कि स्टे को नहीं मानकर कोर्ट की अवमानना की गई है। साथ ही उन्होंने अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
कोई स्टे नहीं है। डीओ और एडीओ से राय लेने के बाद कार्रवाई की गई है। जो कागजात वो दिखा रहे हैं वो दो पार्टियों के बीच का केस है। उससे विभाग का कोई संबंध नहीं है।
ललित कुमार, डीटीपीओ एंक्रोचमेंट