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Panipat News: करोड़ों खर्च के बाद भी शुरू नहीं हुआ सूखी हाली झील प्रोजेक्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 03:46 AM IST
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Dry Hali Lake project not started even after spending crores
पानीपत। हाली पार्क और झील पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी आज तक न तो ये प्रोजेक्ट शुरू हो पाया है और न ही झील में नहरी पानी लाया जा सका। इसके लिए शहर के नेताओं, अधिकारियों ने पांच साल के भीतर करीब 35 बार बैठकें कर रणनीति बनाई, 20 से ज्यादा बार अधिकारियों नेताओं ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर बड़े बड़े दावे किए।
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प्रोजेक्ट चालू करने से लेकर झील को भरने के लिए सरकार तक से करीब दस बार पत्राचार हुआ लेकिन आज तक इसके परिणाम सिरे नहीं चढ़ पाए। अब हालात ये बन चुके हैं कि शहर का ये सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नशेड़ियों और जुआरियों का अड्डा बन चुका है। सीवर का गंदा पानी झील में जा रहा है, जो झील को भर तो नहीं सकेगा लेकिन यहां बदबूदार माहौल जरूर बना चुका है। शहर के नेताओं और अधिकारियों ने बार बार शहर के लोगों को ये प्रोजेक्ट चालू करने के सपने दिखाए जो सपने ही बनकर रह गए। अब यहां चारों और गंदगी का आलम है। सीवर का गंदा पानी झील में जा रहा है। खराब बोतलें और खाली ग्लास प्रोजेक्ट की सुंदरता पर धब्बा लगा रहे हैं।
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बॉक्स
ये दिखाए थे सपने-
निगम अधिकारियों और नेताओं ने सपने दिखाए कि झील में दिल्ली पैरलल नहर से दस करोड़ लीटर पानी को पाइपलाइन से झील में छोड़ा जाएगा। जिससे 25 साल बाद प्रदेश भर के सैलानी इसमें बोटिंग का आनंद ले पाएंगे। इसके लिए अंसध रोड के साथ 18 इंच की करीब दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन आज तक झील नहीं भरी। अब सीवर का गंदा पानी झील में जा रहा है।
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झील के ऊपर से आर-पार जाता एक पुल भी बनाया गया। जैसे 25 साल पहले यहां बोटिंग की व्यवस्था थी वैसे ही लेकिन आधुनिक अंदाज में यहां सैलानियों के लिए बोटिंग व्यवस्था उपलब्ध करवाई जानी थी, जो आज तक शुरू नहीं हो पाई। पार्क के बीचों बीच एक 100 फीट ऊंचा पोल बनाया जाना था, जिस पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराता, जो नहीं बनाया जा सका। यहां एक रेस्टारेंट और एक बार बनाया गया जो आज तक खुल नहीं पाया। ओपन जिम के साथ ओपन एयर थियेटर भी तैयार किए जो बिना रखरखाव के खस्ताहाल हैं। ऑडिटोरियम बनाया जो अब नशेड़ियों का अड्डा है। एक क्यूसेक यानी सर्कुलर शेप में एक मार्केट बनाई जानी थी, जो नहीं बन पाई। विदेशी लाइटों से तैयार किया गया लाइटिंग सिस्टम लगना था जो सपना ही रह गया। पार्क में लगाए जाने वाले पेड़-पौधे व घास तक स्पेशल होनी थी लेकिन जंगली घास उग चुकी है जिसे काटने वाला तक कोई नहीं है।
वर्जन-
कांग्रेसी नेता संजय अग्रवाल ने कहा कि पांच साल तक भाजपा के नेता झूठे वादे करते रहे। इन्होंने जनता को सिर्फ झूठे सपने ही दिखाए हैं। हाली पार्क को लेकर यह तमाम प्रकार की झूठ बोलते रहे। अब जनता इनको समझ चुकी है। चुनाव में इसका परिणाम झूलना पड़ेगा।


वर्जन-
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि हाली पार्क का काम चल रहा है। उनका हमेशा प्रयास रहा कि हाली पार्क का काम जल्द पूरा किया जाए लेकिन किन्हीं कारणों से समय पर काम पूरा नहीं हुआ। हाली पार्क को बेहद भव्य बनाया जा रहा है। वह अपने काम पर वोट मांग रहे हैं।
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