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सकारात्मक सोच और धैर्य होना जरूरी : मनोज मुनि
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पानीपत। चातुर्मास में सोमवार को जैन मुनियों ने साधकों को आध्यात्मिकता अपनाने, सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया और लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता के साथ आगे बढ़ने पर उपदेश दिया। जिले में शहर समेत पांच स्थानों पर जैन मुनियों के प्रवचन चल रहे हैं। राजाखेड़ी गांव में रमण गुरुनी महाराज, अग्रवाल मंडी में मनोज मुनि महाराज और गांधी मंडी में डॉ. राजेश मुनि और राजेंद्र मुनि महाराज ने प्रवचन किए। प्रवचन कार्यक्रम सुबह आठ से नौ बजे तक चल रहे हैं।
सकारात्मक सोच और धैर्य होना जरूरी : मनोज मुनि
एसएम जैन सभा अग्रवाल मंडी में सोमवार को मनोज मुनि ने सकारात्मक सोच और धैर्य पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि दूसरों को खुश रखना सबसे मुश्किल कार्य है। आज सबसे जरूरी है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक रखें। इससे जीवन में कोई समस्या नहीं होगी। वहीं धैर्य के साथ अपना कर्म करना चाहिए क्योंकि गुस्से में लिए गया फैसला गलत ही साबित होता है। इसलिए धैर्य धारण करना चाहिए और नम्रतापूर्वक सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।
लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता जरूरी : रमण गुरुनी महाराज
एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में सोमवार को रमण गुरनीजी महाराज ने साधकों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता करने पर जोर दिया और उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति का मन चंचल है तो वह कभी भी किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है क्योंकि सफलता के लिए एकाग्रता का होना जरूरी है। यदि हमें लक्ष्य की प्राप्ति करनी है तो पहले मन को एकाग्र करना रखना होगा। व्यक्ति एकाग्रता के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करता है या प्रभु स्मरण करता है तो उसे एक दिन प्रभु की प्राप्ति हो ही जाती है।
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राजेश मुनि ने आध्यात्मिकता अपनाने का दिया संदेश-
जैन स्थानक गांधी मंडी में चातुर्मास में सोमवार को डॉ. राजेंद्र मुनि महाराज और राजेश मुनि महाराज ने प्रवचन किए। राजेश मुनि ने कहा कि मनुष्य जीवन का अनमोल समय अज्ञानता की निद्रा में बीत जाता है। अध्यात्म हमें इस अज्ञानता से जगाकर मोक्ष और कल्याण की राह दिखाता है। संयम और तप लोगों को आध्यात्मिकता की ओर ले जाती है। इसलिए जीवन में हिंसा को त्याग अहिंसा और आध्यात्मिकता को अपनाना चाहिए।
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सकारात्मक सोच और धैर्य होना जरूरी : मनोज मुनि
एसएम जैन सभा अग्रवाल मंडी में सोमवार को मनोज मुनि ने सकारात्मक सोच और धैर्य पर प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि दूसरों को खुश रखना सबसे मुश्किल कार्य है। आज सबसे जरूरी है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक रखें। इससे जीवन में कोई समस्या नहीं होगी। वहीं धैर्य के साथ अपना कर्म करना चाहिए क्योंकि गुस्से में लिए गया फैसला गलत ही साबित होता है। इसलिए धैर्य धारण करना चाहिए और नम्रतापूर्वक सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए।
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लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता जरूरी : रमण गुरुनी महाराज
एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में सोमवार को रमण गुरनीजी महाराज ने साधकों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रता करने पर जोर दिया और उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति का मन चंचल है तो वह कभी भी किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है क्योंकि सफलता के लिए एकाग्रता का होना जरूरी है। यदि हमें लक्ष्य की प्राप्ति करनी है तो पहले मन को एकाग्र करना रखना होगा। व्यक्ति एकाग्रता के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करता है या प्रभु स्मरण करता है तो उसे एक दिन प्रभु की प्राप्ति हो ही जाती है।
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राजेश मुनि ने आध्यात्मिकता अपनाने का दिया संदेश-
जैन स्थानक गांधी मंडी में चातुर्मास में सोमवार को डॉ. राजेंद्र मुनि महाराज और राजेश मुनि महाराज ने प्रवचन किए। राजेश मुनि ने कहा कि मनुष्य जीवन का अनमोल समय अज्ञानता की निद्रा में बीत जाता है। अध्यात्म हमें इस अज्ञानता से जगाकर मोक्ष और कल्याण की राह दिखाता है। संयम और तप लोगों को आध्यात्मिकता की ओर ले जाती है। इसलिए जीवन में हिंसा को त्याग अहिंसा और आध्यात्मिकता को अपनाना चाहिए।