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Panipat News: ओटी में चिकित्सक, ओपीडी में बिना इलाज के लौटे मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 03:33 AM IST
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Doctors in OT, patients returned without treatment in OPD
01:32 बजे जरनल सर्जन का खाली पड़ा कक्ष। संवाद
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में समय पर चिकित्सक के कक्ष में न होने व पूरी दवा न मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को ओपीडी बंद होने से सोमवार को ओपीडी अपेक्षाकृत ज्यादा रही। सोमवार को डेढ़ बजे ही जरनल सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट न मिलने से मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। बताया गया कि चिकित्सक ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में हैं। पौने दो बजे ही जन औषधि केंद्र बंद होने से मरीजों को महंगे दामों पर बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
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जिला नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार, काला पीलिया, शुगर, बीपी, पेट-हड्डी में दर्द, कान-गले में संक्रमण के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पताल में रविवार को ओपीडी बंद होने से सोमवार को ओपीडी बढ़कर 1600 रही। ओपीडी का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है लेकिन चिकित्सकों के समय से पहले ही उठकर जाने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। अस्पताल में चिकित्सकों के ओटी के दिन निर्धारित किए गए हैं। अस्पताल में तीन जनरल सर्जन हैं। इनमें से डॉ. दिनेश और संजीव की ओटी बुधवार और डॉ. अनिल की ओटी का दिन शुक्रवार है। सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे ही तीनों में से कोई भी सर्जन कक्ष में नहीं मिले। इससे मरीजों को बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा।
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मरीजाें को बाहर से खरीदनी पड़ी महंगी दवा
अस्पताल में कान व दांत साफ करने की दवा न होने और जन औषधि केंद्र दो बजे से पहले ही बंद होने से मरीजों को महंगी दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। वीवर्स कॉलोनी निवासी नरेश खुराना ने बताया कि उनकी बेटी के कान में दर्द हो रहा है। वे सुबह करीब 11 बजे अस्पताल जांच करवाने के लिए पहुंचे। पंजीकरण और चिकित्सक कक्ष के बाहर लंबी लाइन होने से उन्हें करीब ढाई घंटे का समय लगा। चिकित्सक द्वारा लिखी दवा फार्मेसी पर नहीं मिली। वे जन औषधि केंद्र पर पहुंची। केंद्र भी समय से पहले ही बंद मिला। उनको बाहर मेडिकल स्टोर से 95 रुपये में दवा खरीदनी पड़ी। मॉडल टाउन के कृष्ण कुमार ने बताया कि वे दांतों में कालापन होने से जांच के लिए सुबह 10 बजे अस्पताल आए। पंजीकरण कराने में ही डेढ़ घंटे का समय लग गया। इसके बाद दांत जांच करवाने के लिए एक घंटे बैठना पड़ा। चिकित्सक ने जांच कर दवा लिखी लेकिन वह अस्पताल की फार्मेसी और जन औषधि केंद्र में नहीं मिली। उनको बाहर मेडिकल स्टोर से 100 रुपये में खरीदनी पड़ी।
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वर्जन :
अस्पताल में विशेषज्ञों के ओटी (ऑपरेशन थियेटर) के दिन निर्धारित किए गए हैं। आपातकालीन स्थिति में ही विशेषज्ञ ओपीडी समय में ओटी में जा सकते हैं। ओपीडी के पूरे समय चिकित्सक कक्ष में ही रहेंगे और जन औषधि केंद्र ओपीडी के पूरे समय खुला रहेगा। इसे निश्चित करने के लिए जांच भी की जाएगी।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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