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Panipat News: जिला प्रशासन का दुरुस्त नहीं, अब पंचकूला से पीपीपी का डेटा मंगवाएगा निगम
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पानीपत। नगर निगम ने वार्डबंदी का मिशन शुरू कर दिया है। इसके सबसे पहले चरण में परिवार पहचान पत्र की मैपिंग का काम शुरू हो चुका है, लेकिन शुरुआती दौर में ही जिला प्रशासन का पुराना डाटा अधिकारियों के काम नहीं आया। इसमें निगम क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले लोगों की जनसंख्या छह से सात लाख तक दर्शायी जा रही है। जबकि अधिकारियों का अनुमान है कि क्षेत्र का विकास ज्यादा हुआ है। इसलिए अनुमानित जनसंख्या नौ से 10 लाख के बीच होनी चाहिए। इसे लेकर निगम आयुक्त राहुल नरवाल ने संयुक्त आयुक्त, उप निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के साथ अपने कैंप कार्यालय में एक बैठक भी ली, जिसमें निगम अधिकारियों ने फैसला किया है कि वे पंचकूला में एचपीपीए से पीपीपी का नवीनतम डेटा लेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि परिवार पहचान पत्रों के आधार पर उनके पास क्षेत्र की पूरी जनंसख्या की गणना होगी। इसमें कितने पुरुष और महिलाएं हैं। जनसंख्या में जातिगत आंकड़े भी शामिल रहेंगे। इसमें जनरल, अनुसूचित वर्ग, पिछड़ा वर्ग आदि के लोग शामिल हैं। इनके आधार पर वार्डों की संख्या का निर्धारण होगा और इसी के आधार पर क्षेत्र के वार्डों की सीटों का रिजर्वेशन तय होगा। कुल मिलकार पीपीपी से पूरे आंकड़े लिए जाएंगे। इसकी पूरी रिपोर्ट और वार्डों की बाउंड्री की मैपिंग कर अधिकारी इसे कमेटी के सामने रखेंगे। इसके बाद आगामी प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। अधिकारियों का अनुमान है कि जनसंख्या के हिसाब से अबकी बार वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
वार्डबंदी के पहले ही चरण में जिन लोगों ने परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाएं हैं, उनकी समस्या निगम अधिकारियों के सामने खड़ी हो चुकी है। इससे निगम क्षेत्र में जनसंख्या ज्यादा होने और रिकॉर्ड में कम होने का अनुमान बना हुआ है। अगर ये संख्या लाखों में हुई तो निगम अधिकारी इसके लिए सर्वे भी करवा सकते हैं। वहीं, पीपीपी का डाटा भी हर प्रक्रिया से खंगालने की तैयारी की जा रही है ताकि अधिकारियों को शहर में रहने वाले लोगोें की सही और सटीक जानकारी मिल सके।
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अधिकारियों ने बताया कि परिवार पहचान पत्रों के आधार पर उनके पास क्षेत्र की पूरी जनंसख्या की गणना होगी। इसमें कितने पुरुष और महिलाएं हैं। जनसंख्या में जातिगत आंकड़े भी शामिल रहेंगे। इसमें जनरल, अनुसूचित वर्ग, पिछड़ा वर्ग आदि के लोग शामिल हैं। इनके आधार पर वार्डों की संख्या का निर्धारण होगा और इसी के आधार पर क्षेत्र के वार्डों की सीटों का रिजर्वेशन तय होगा। कुल मिलकार पीपीपी से पूरे आंकड़े लिए जाएंगे। इसकी पूरी रिपोर्ट और वार्डों की बाउंड्री की मैपिंग कर अधिकारी इसे कमेटी के सामने रखेंगे। इसके बाद आगामी प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। अधिकारियों का अनुमान है कि जनसंख्या के हिसाब से अबकी बार वार्डों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
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वार्डबंदी के पहले ही चरण में जिन लोगों ने परिवार पहचान पत्र नहीं बनवाएं हैं, उनकी समस्या निगम अधिकारियों के सामने खड़ी हो चुकी है। इससे निगम क्षेत्र में जनसंख्या ज्यादा होने और रिकॉर्ड में कम होने का अनुमान बना हुआ है। अगर ये संख्या लाखों में हुई तो निगम अधिकारी इसके लिए सर्वे भी करवा सकते हैं। वहीं, पीपीपी का डाटा भी हर प्रक्रिया से खंगालने की तैयारी की जा रही है ताकि अधिकारियों को शहर में रहने वाले लोगोें की सही और सटीक जानकारी मिल सके।
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