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डेंगू पॉजिटिव मरीजों में मिल रहे हैं अलग-अलग स्ट्रेन
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पानीपत। अक्तूबर के 19 दिनों में डेंगू के पॉजिटिव केसों में यकायक बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक मिले डेंगू पॉजिटिव मरीजों में अलग-अलग स्ट्रेन पाया गया है। कुल 53 डेंगू पॉजिटिव केस हैं, इनमें से 18 वर्ष से आयु के कम 12 मरीज हैं। बुधवार को भी बुखार का एक मरीज सामने आया है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने उसे डेंगू होने की पुष्टि नहीं की है।
बुखार को आया बुखार का मरीज बाहरी कॉलोनी का रहने वाला है। इसका सिविल अस्पताल में फिर से टेस्ट होगा, जिससे उसे डेंगू है या नहीं, इसकी पुष्टि की जा सके। वीरवार को 88 सैंपलों की जांच की जाएगी, जिनकी रिपोर्ट शाम तक आएगी। इस माह 49 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 13 मरीजों की सूची तो खानपुर मेडिकल कालेज से बुधवार को ही मिली है। ये सभी वहां उपचाराधीन हैं या डिस्चार्ज हो चुके हैं। विभाग इनके घर के आसपास लार्वा विरोधी गतिविधियां चलाई जा रही है।
जहां डेंगू के मरीज मिल रहे, वहां की जा रहीं स्लाइड तैयार
जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि सोमवार को डेंगू के नौ और मंगलवार को 13 केस मिले थे। प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास 50-60 घरों में लार्वा विरोधी गतिविधियां करते हुए पानी की टंकी, होदी, गमलों, रेफ्रीजरेटर की ट्रे व कंटेनरों में लार्वा चैक किया गया। बुखार के 50 से अधिक मरीजों की रक्त स्लाइड बनाई है। चार घरों में लार्वा मिला, उन्हें नोटिस थमाए गए हैं। खानपुर मेडिकल कॉलेज से 13 मरीजों की सूची शाम के समय मिली है। इन मरीजों के फोन नंबर पर काल कर घरों को चिह्नित किया जा रहा है। बुधवार को डेंगू की जांच के लिए दोबारा सैंपल लेंगे।
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औसतन हर तीन साल में लौटकर आता है डेंगू : डॉ. संजीव
डेंगू औसतन हर तीन साल में लौटकर आता है। प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर एवं फिजिशियन डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि डेंगू के चार स्ट्रेन यानि रूप हैं। ये हैं डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 । मरीज को डेंगू के किसी एक रूप ने सताया है तो इलाज से उसके शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। अगली बार जब भी उसे डेंगू होगा तो नया स्ट्रेन ही सामने आता है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
घटते-बढ़ते रहे डेंगू केस
2016- 12
2017-469
2018-133
2019- 04
2020-272
2021- 53 (20 अक्तूबर तक)
मच्छरों से बचाव के तरीके
शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।
खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाएं।
घर-आफिस के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर और गमलों का पानी रोजाना बदलें।
रेफ्रीजरेटर की ट्रे रोजाना साफ करें।
मच्छरदानी लगाकर ही सोएं।
पानी की टंकी, होदी, बाल्टी को हमेशा ढककर रखें।
डेंगू के बुखार के लक्षण
उल्टी होना, तेज बुखार होना।
सिर में दर्द रहना।
मांसपेशियों-हड्डियों में दर्द रहना।
शरीर पर लाल दाने या चकत्ते होना।
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बुखार को आया बुखार का मरीज बाहरी कॉलोनी का रहने वाला है। इसका सिविल अस्पताल में फिर से टेस्ट होगा, जिससे उसे डेंगू है या नहीं, इसकी पुष्टि की जा सके। वीरवार को 88 सैंपलों की जांच की जाएगी, जिनकी रिपोर्ट शाम तक आएगी। इस माह 49 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 13 मरीजों की सूची तो खानपुर मेडिकल कालेज से बुधवार को ही मिली है। ये सभी वहां उपचाराधीन हैं या डिस्चार्ज हो चुके हैं। विभाग इनके घर के आसपास लार्वा विरोधी गतिविधियां चलाई जा रही है।
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जहां डेंगू के मरीज मिल रहे, वहां की जा रहीं स्लाइड तैयार
जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि सोमवार को डेंगू के नौ और मंगलवार को 13 केस मिले थे। प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास 50-60 घरों में लार्वा विरोधी गतिविधियां करते हुए पानी की टंकी, होदी, गमलों, रेफ्रीजरेटर की ट्रे व कंटेनरों में लार्वा चैक किया गया। बुखार के 50 से अधिक मरीजों की रक्त स्लाइड बनाई है। चार घरों में लार्वा मिला, उन्हें नोटिस थमाए गए हैं। खानपुर मेडिकल कॉलेज से 13 मरीजों की सूची शाम के समय मिली है। इन मरीजों के फोन नंबर पर काल कर घरों को चिह्नित किया जा रहा है। बुधवार को डेंगू की जांच के लिए दोबारा सैंपल लेंगे।
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औसतन हर तीन साल में लौटकर आता है डेंगू : डॉ. संजीव
डेंगू औसतन हर तीन साल में लौटकर आता है। प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर एवं फिजिशियन डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि डेंगू के चार स्ट्रेन यानि रूप हैं। ये हैं डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 । मरीज को डेंगू के किसी एक रूप ने सताया है तो इलाज से उसके शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। अगली बार जब भी उसे डेंगू होगा तो नया स्ट्रेन ही सामने आता है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।
घटते-बढ़ते रहे डेंगू केस
2016- 12
2017-469
2018-133
2019- 04
2020-272
2021- 53 (20 अक्तूबर तक)
मच्छरों से बचाव के तरीके
शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।
खिड़कियों और दरवाजों पर महीन जाली लगवाएं।
घर-आफिस के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर और गमलों का पानी रोजाना बदलें।
रेफ्रीजरेटर की ट्रे रोजाना साफ करें।
मच्छरदानी लगाकर ही सोएं।
पानी की टंकी, होदी, बाल्टी को हमेशा ढककर रखें।
डेंगू के बुखार के लक्षण
उल्टी होना, तेज बुखार होना।
सिर में दर्द रहना।
मांसपेशियों-हड्डियों में दर्द रहना।
शरीर पर लाल दाने या चकत्ते होना।