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Panipat News: गोविंद हरि गोपाल हरि पर झूमे श्रद्धालु
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पानीपत। इस्कॉन कुरुक्षेत्र व इस्कॉन प्रचार समिति पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक नगरी पानीपत में श्रीमद्भागवत कथा व भगवान श्री कृष्ण बलराम रथयात्रा महोत्सव का शनिवार को छठा दिन रहा। सुबह प्रभात फेरी निकाली गई और सायंकाल में भगवान श्रीकृष्ण और बलराम को पंडाल में भक्तों के बीच लाया गया। इस दौरान सभी ने भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की आरती की। संकीर्तन के क्रम में गोविंद हरि गोपाल हरि भजन पर श्रद्धालु झूम उठे। इस मौके पर 56 भोग लगाया गया और सबको प्रसाद वितरित किया।
शनिवार को प्रातः कालीन सत्र में प्रभात फेरी के बाद हरि नाम का संकीर्तन स्थानीय ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कथा स्थल से शुरू किया गया। इस्काॅन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने गोविंद हरि गोपाल हरि, भजले प्रभु दीनदयाल हरि, जय राम हरि, जय श्याम हरि, जय जय प्रभु दीनदयाल हरि, गोविंद हरि गोपाल हरि...समेत कई भजन गाकर सबको नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया। सत्यपति प्रभु ने हरे कृष्णा महामंत्र का गुणगान किया और युवा टीम को नृत्य करने के लिए प्रेरित किया । इस्काॅन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपालदास ने कथा के क्रम में भगवान श्रीकृष्ण व बलराम जी के बारे में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब भगवान कृष्ण कुरुक्षेत्र आ गए थे तो राधा रानी व ब्रज की गोप व गोपियाें का भगवान श्रीकृष्ण के विरह में रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। जब उनको भगवान श्रीकृष्ण का कुरुक्षेत्र में होने का पता चला तो उन्होंने भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) भाई बलराम व बहन शुभुद्रा के साथ रथ में बैठाकर सभी ब्रजवासी की गोप व गोपियां ने रथ के घोड़ों को खोल दिया और स्वयं रथ को रस्सों से बांधकर खींचते हुए वृंदावन तक ले गए थे। इस अवसर पर इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदर लाल चुघ, आशु गुप्ता, अशोक गोयल, बोबी गुप्ता, विशाल गोयल, हैप्पी लक गुप्ता, सतीश बुद्धिराजा, आशीष अग्रवाल, इंद्रजीत कथूरिया, देवेंद्र महाजन, सन्नी अग्रवाल, संजय मंगला, वेद पराशर, महेश थरेजा, गौरव श्रीवास्तव, पंकज मेंहदीरत्ता व ओम कृष्ण दास मौजूद रहे।
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शनिवार को प्रातः कालीन सत्र में प्रभात फेरी के बाद हरि नाम का संकीर्तन स्थानीय ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कथा स्थल से शुरू किया गया। इस्काॅन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने गोविंद हरि गोपाल हरि, भजले प्रभु दीनदयाल हरि, जय राम हरि, जय श्याम हरि, जय जय प्रभु दीनदयाल हरि, गोविंद हरि गोपाल हरि...समेत कई भजन गाकर सबको नृत्य करने के लिए मजबूर कर दिया। सत्यपति प्रभु ने हरे कृष्णा महामंत्र का गुणगान किया और युवा टीम को नृत्य करने के लिए प्रेरित किया । इस्काॅन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपालदास ने कथा के क्रम में भगवान श्रीकृष्ण व बलराम जी के बारे में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब भगवान कृष्ण कुरुक्षेत्र आ गए थे तो राधा रानी व ब्रज की गोप व गोपियाें का भगवान श्रीकृष्ण के विरह में रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। जब उनको भगवान श्रीकृष्ण का कुरुक्षेत्र में होने का पता चला तो उन्होंने भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) भाई बलराम व बहन शुभुद्रा के साथ रथ में बैठाकर सभी ब्रजवासी की गोप व गोपियां ने रथ के घोड़ों को खोल दिया और स्वयं रथ को रस्सों से बांधकर खींचते हुए वृंदावन तक ले गए थे। इस अवसर पर इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदर लाल चुघ, आशु गुप्ता, अशोक गोयल, बोबी गुप्ता, विशाल गोयल, हैप्पी लक गुप्ता, सतीश बुद्धिराजा, आशीष अग्रवाल, इंद्रजीत कथूरिया, देवेंद्र महाजन, सन्नी अग्रवाल, संजय मंगला, वेद पराशर, महेश थरेजा, गौरव श्रीवास्तव, पंकज मेंहदीरत्ता व ओम कृष्ण दास मौजूद रहे।
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