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Panipat News: आर्थिक तंगी के बावजूद खो-खो में चमक रहा है मानसु का नाम
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मानसू। स्वयं
- फोटो : संवाद
पानीपत। जिले के बलाना गांव के 16 वर्षीय खिलाड़ी मानसु अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खो-खो खेल में लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद मानसु ने खेल में अपनी अलग पहचान बनाई है और जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। मानसु अभी सरकारी स्कूल में 11 वीं कक्षा के छात्र हैं। छोटी उम्र में ही उन्होंने खो-खो खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था।
लगातार अभ्यास और मेहनत के बल पर उन्होंने जिला स्तर पर चार बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा मानसु दो बार स्कूली राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं। वहीं जूनियर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था। हाल ही में उन्होंने सीनियर राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में भी भाग लिया और वहां भी स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया।
मानसु का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता पवन का निधन हो चुका है जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां मीना देवी पर आ गई। मीना देवी मजदूरी करके अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। मानसु की एक बहन आंचल भी है। सीमित आय के बावजूद उनकी मां बच्चों की पढ़ाई और खेल के प्रति लगन को देखते हुए हर संभव सहयोग कर रही हैं।
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लगातार अभ्यास और मेहनत के बल पर उन्होंने जिला स्तर पर चार बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा मानसु दो बार स्कूली राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं। वहीं जूनियर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया था। हाल ही में उन्होंने सीनियर राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में भी भाग लिया और वहां भी स्वर्ण पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया।
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मानसु का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता पवन का निधन हो चुका है जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां मीना देवी पर आ गई। मीना देवी मजदूरी करके अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। मानसु की एक बहन आंचल भी है। सीमित आय के बावजूद उनकी मां बच्चों की पढ़ाई और खेल के प्रति लगन को देखते हुए हर संभव सहयोग कर रही हैं।
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