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Panipat News: फीवर सर्वे में 460 घरों में डेंगू के लार्वा की जांच
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने वीरवार को गांव डाहर, डिडवाड़ी, ब्राह्मण माजरा, भादड़ और बुड़शाम गांव में रेपिड फीवर सर्वे किया। इस दौरान 460 घरों में डेंगू के लार्वा की जांच की और बुखार के 20 संदिग्ध मरीजों की रक्तपट्टिका बनाई।
टीम ने डाहर गांव के मॉडल संस्कृति राजकीय प्राथमिक पाठशाला में विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया।
स्वास्थ्य निरीक्षक ओम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मई माह को डेंगू-मलेरिया रोधी मना रहा है और इसी अभियान के तहत ग्रामीणों के लिए डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान टीमें घरों में जाकर पानी की टंकी, फ्रीज की ट्रे, कूलर, होदी में लार्वा की जांच कर रही है और डेंगू का लार्वा मिलने पर लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। जिस घर में लार्वा मिलता है टीम द्वारा संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाता है और जागरूक किया जा रहा है। नुक्कड़ सभाओं, लोगों मे पम्प्लेट बांटकर, डेंगू -मलेरिया बुखार से बचाव, उपचार, लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है।
स्वास्थ्यकर्मी सतबीर सिंह ने बताया कि डेंगू मच्छर एडिज के काटने से होता है, ये मच्छर पानी में अपना जीवन चक्र पुरा करता है इसके सिर दर्द, उल्टी, जी मचलाना और थकावट होती है इसलिए डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दे और जमा पानी में काला तेल डाले। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी जगबीर सिंह, राजेश कुमार, पवन कुमार, कमलजीत व सुमन व मुख्याध्यापिका सुनीता उपस्थित रही।
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टीम ने डाहर गांव के मॉडल संस्कृति राजकीय प्राथमिक पाठशाला में विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया।
स्वास्थ्य निरीक्षक ओम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मई माह को डेंगू-मलेरिया रोधी मना रहा है और इसी अभियान के तहत ग्रामीणों के लिए डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान टीमें घरों में जाकर पानी की टंकी, फ्रीज की ट्रे, कूलर, होदी में लार्वा की जांच कर रही है और डेंगू का लार्वा मिलने पर लार्वा को नष्ट किया जा रहा है। जिस घर में लार्वा मिलता है टीम द्वारा संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाता है और जागरूक किया जा रहा है। नुक्कड़ सभाओं, लोगों मे पम्प्लेट बांटकर, डेंगू -मलेरिया बुखार से बचाव, उपचार, लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है।
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स्वास्थ्यकर्मी सतबीर सिंह ने बताया कि डेंगू मच्छर एडिज के काटने से होता है, ये मच्छर पानी में अपना जीवन चक्र पुरा करता है इसके सिर दर्द, उल्टी, जी मचलाना और थकावट होती है इसलिए डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दे और जमा पानी में काला तेल डाले। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी जगबीर सिंह, राजेश कुमार, पवन कुमार, कमलजीत व सुमन व मुख्याध्यापिका सुनीता उपस्थित रही।
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