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Panipat News: मिड डे मील कर्मियों का लघु सचिवालय में प्रदर्शन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। लघु सचिवालय में वीरवार को मिड डे मील कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर समय पर मानदेय न देने व उसका शोषण करने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के नाम डीसी डॉ. वीरेंद्र दहिया को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं का जल्द निपटान हो। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें महंगाई के दौर में जिन कठिन हालातों का सामना करना पड़ रहा है। सुशीला,सुमन, पूनम, मीना व कुसुम ने बताया कि उन्हें मानदेय साल में सिर्फ 10 महीने का ही दिया जाता है। गर्मी और सर्दी की छुट्टियों का मानदेय नहीं दिया जाता।
तीसरी समस्या यह है कि भीषण महंगाई के दौर में 7 हजार रुपये मासिक मानदेय बहुत कम है। इसे बढ़ाकर न्यूनतम वेतन के बराबर किया जाना चाहिए। कई स्कूलों में शिक्षक हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते। कई स्कूलों में हमसे ड्यूटी के अलावा अन्य काम भी कराया जाता है। इससे खाना बनाने में दिक्कत होती है। इस बारे में वह पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हमें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
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पानीपत। लघु सचिवालय में वीरवार को मिड डे मील कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर समय पर मानदेय न देने व उसका शोषण करने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के नाम डीसी डॉ. वीरेंद्र दहिया को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं का जल्द निपटान हो। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें महंगाई के दौर में जिन कठिन हालातों का सामना करना पड़ रहा है। सुशीला,सुमन, पूनम, मीना व कुसुम ने बताया कि उन्हें मानदेय साल में सिर्फ 10 महीने का ही दिया जाता है। गर्मी और सर्दी की छुट्टियों का मानदेय नहीं दिया जाता।
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तीसरी समस्या यह है कि भीषण महंगाई के दौर में 7 हजार रुपये मासिक मानदेय बहुत कम है। इसे बढ़ाकर न्यूनतम वेतन के बराबर किया जाना चाहिए। कई स्कूलों में शिक्षक हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते। कई स्कूलों में हमसे ड्यूटी के अलावा अन्य काम भी कराया जाता है। इससे खाना बनाने में दिक्कत होती है। इस बारे में वह पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हमें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
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