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Panipat News: एनएचएम की हड़ताल से डिलीवरी एक तिहाई घटी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:24 AM IST
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Delivery reduced by one third due to NHM strike
पानीपत। एनएचएम कर्मचारियों ने एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले वीरवार को सातवें दिन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखी। पानीपत में एड्स कंट्रोल सोसायटी का स्टाफ भी इनके समर्थन में काम छोड़कर हड़ताल में शामिल हो गया। इसके चलते जिला नागरिक अस्पताल एचआईवी एड्स की भी जांच नहीं हो पाई। एनएचएम की हड़ताल के चलते डिलीवरी पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा।
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सामान्य दिनों में 25 से 30 डिलीवरी जिला नागरिक अस्पताल में होती थी। अब सात-आठ डिलीवरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस चलाने के लिए रोडवेज का सहयोग मांगा है। कौशल के साथ रोडवेज के चालकों ने एंबुलेंस संभाली है। इनके माध्यम मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल व पीजीआई खानपुर ले जा रहे हैं। वहीं हड़ताल के चलते टीकाकरण लगातार प्रभावित हो रहा है। यूनियन ने हड़ताल में 90 प्रतिशत स्टाफ के शामिल होने का दावा किया है। एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले सीएचसी, पीएचसी और जिला नागरिक अस्पताल के कर्मियों ने वीरवार को सातवें दिन जिला नागरिक अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया। इसमें अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक कर्मी शामिल रहे।
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यूनियन के जिला प्रधान अमित मलिक ने दावा किया ही हड़ताल में करीब 90 प्रतिशत लोग शामिल रहे हैं। इसके चलते जिला नागरिक अस्पताल की डिलीवरी तक प्रभावित हुई है। सामान्य दिनों में हर रोज 25-30 डिलीवरी होती थी। अब इनका आकड़ा सात-आठ तक पहुंच पाता है। उन्होंने बताया कि गर्भवती और बच्चों का टीकाकरण पूरी तरह से बंद है। टीबी की दवा भी नहीं मिल पा रही है। एड्स कंट्रोल सोसायटी का स्टाफ भी हड़ताल पर उतर आया है। इससे एचआईवी की जांच तक रुक गई है। वहीं करीब 55 एंबुलेंस चालक हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जिले में एनएचएम के अंतर्गत 496 कर्मी हैं। यूनियन ने 480 के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने 460 कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने की रिपोर्ट निदेशालय भेजी है।
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रोडवेज से मांगे चालक
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस सुचारु रखने के लिए पहले कौशल विकास निगम के अंतर्गत चालकों को बुलाया गया। इसके बाद भी एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से सुचारु नहीं हो पाई है। अब रोडवेज से चालक मांगे हैं। इनकी मदद से पानीपत से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल और पीजीआई खानपुर में डिलीवरी के केसों को रेफर किया गया।




जिला प्रधान अमित मलिक ने मरीजों की परेशानी का जिम्मेदार सरकार को बताया है।
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