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Panipat News: डीन और विद्यार्थियों से बंद कमरे में 10 घंटे पूछताछ, फाइलें भी खंगाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:12 AM IST
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Dean and students were questioned in a closed room for 10 hours, files were also scrutinized.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के निदेशक बीवी रमना रेड्डी पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने मंगलवार को बंद कमरे में लगभग 30 लोगों से 10 घंटे तक गहन पूछताछ की। इनमें सभी डीन, 12 विभागाध्यक्ष, संस्थान के सभी संगठनों के अध्यक्ष व विद्यार्थी शामिल किए गए, जिनको टीम ने एक-एक कर कमरे में बुलाया।
पूछताछ के दौरान टीम ने सभी से निदेशक की कार्यशैली से लेकर उन पर लगाए गए आरोपों के बारे में जाना। पूछताछ के दौरान जो भी आरोप सामने आए उनके सबूत भी एकत्रित किए। साथ ही टीम ने सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए। दोपहर बाद निदेशक बीवी रमना रेड्डी से सभी आरोपों पर उनका पक्ष जाना। पूरी कार्रवाई के दौरान टीम ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। जांच कमेटी में प्रो अनिल सहस्रबुद्धे, एम मदन गोपाल, केके शुक्ला शामिल रहे। टीम ने सुबह नौ लेकर दोपहर दो बजे तक विद्यार्थियों, शिक्षकों व गैर शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों व एनआईटी में बनाई गई कमेटियों में शामिल विद्यार्थियों को शामिल किया। दोपहर तीन बजे दोबारा जांच शुरू हुई और सभी डीन व विभागध्यक्षों को बुलाया। टीम अपने साथ सवालों की एक पूरी लिस्ट लेकर आई थी और सभी से लगभग 20 मिनट से लेकर आधा घंटा तक पूछताछ होती रही। निदेशक बीवी रमना रेड्डी से भी टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की और उनका पक्ष जाना। टीम पूछताछ के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा मंत्रालय को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय आगे का फैसला करेगा। देर शाम समाचार लिखे जाने तक टीम एनआईटी में ही मौजूद रही।
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पदोन्नति और नियुक्तियों पर उठे सवाल : जांच कमेटी के सामने प्राध्यापकों ने पदोन्नति रोकने से जुड़े मामले भी रखे, जिसमें 15 जुलाई 2021 को जारी अधिसूचना के करीब 18 महीने बाद सलाह जारी की गई, वह भी संस्थान के चुनाव परिणाम आने के बाद।
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इस मामले में पहले ही न्यायालय में वाद दायर किया जा चुका था। इसके अलावा कई पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठे। आरोप है कि कुछ पदों पर योग्य उम्मीदवारों की बजाय करीबी लोगों को नियुक्त किया गया।

निदेशक आवास से जुड़ा मामला भी चर्चा में : जांच कमेटी के सामने निदेशक के आवास से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें आवास को बिना किसी जरुरत के तोड़-फोड़ कर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। इसमें आवास के पहले और बाद की तस्वीरें कमेटी के सामने रखी गई। आरोप है कि साल 2023 में पूरे घर को पुनर्निर्माण किया गया, जिसमें अतिरिक्त गेट तक बनाए गए। वहीं दोबारा पुनर्निर्माण के नाम पर घर की ऊपरी मंजिल को तोड़ा गया। हालांकि केंद्र सरकार ने इस काम पर बाद में रोक लगा दी थी। इसके अलावा वे गेस्ट हाउस में बिना किराये के लंबे समय से रह रहे थे। जिसको निदेशक के द्वारा समिति के दौरे से पहले खाली किया गया।
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