{"_id":"656e30768c947881bd077819","slug":"dead-body-of-machine-operator-found-hanging-in-factory-panipat-news-c-244-1-pnp1003-10131-2023-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: फैक्टरी में लटका मिला मशीन ऑपरेटर का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: फैक्टरी में लटका मिला मशीन ऑपरेटर का शव
विज्ञापन
पानीपत। विद्यानंद कॉलोनी स्थित टेक्सटाइल फैक्टरी में मशीन ऑपरेटर का शव फंदे पर लटका मिला है। मशीन ऑपरेटर ने फैक्टरी में बने कमरे में छत पर लगे हुक पर बेडशीट के साथ फंदा लगाकर जान दी है। साथी श्रमिकों ने इसकी सूचना फैक्टरी मालिक को दी। फैक्टरी मालिक ने पुलिस बुलाई। पुलिस ने यहां फैक्टरी मालिक और श्रमिकों से पूछताछ कर शव को फंदे से उतारकर नागरिक अस्पताल में भिजवाया। परिजनों ने फैक्टरी मालिक पर ऑपरेटर को परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के जानी गांव निवासी प्रभाकर (19) दो साल से विद्यानंद कॉलोनी में किराए पर रहता था। वो सनौली रोड स्थित विद्यानंद कॉलोनी स्थित एक फैक्टरी में धागा मशीन पर ऑपरेटर था। वह सोमवार सुबह फैक्टरी में काम पर गया था। सुबह 10 बजे उसने फैक्टरी में बने कमरे में खुद को बंद कर छत पर लगे पंखे के हुक से बेडशीट के साथ फंदा लगा लिया। यहां काम कर रहे श्रमिकों ने खिड़की से शव को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद फैक्टरी मालिक सौरभ तायल को घटना की सूचना दी। परिजनों को भी फैक्टरी में बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि फैक्टरी मालिक को प्रभाकर के काम के डेढ़ लाख रुपये देने थे। उनके बार-बार मांगने पर भी सौरभ पैसे नहीं दे रहा था। इसलिए उसने फंदा लगाकर जान दी है। वहीं दूसरी ओर सौरभ तायल का कहना है कि प्रभाकर उसकी फैक्टरी में काम ही नहीं करता था। उसका भाई धीर सिंह यहां काम करता था। प्रभाकर उससे मिलने आता था। फैक्टरी मालिक सौरभ ने बताया कि प्रभाकर फैक्टरी में अपने भाई के साथ आता था। वह फैक्टरी में कर्मचारी नहीं था।
विज्ञापन
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के जानी गांव निवासी प्रभाकर (19) दो साल से विद्यानंद कॉलोनी में किराए पर रहता था। वो सनौली रोड स्थित विद्यानंद कॉलोनी स्थित एक फैक्टरी में धागा मशीन पर ऑपरेटर था। वह सोमवार सुबह फैक्टरी में काम पर गया था। सुबह 10 बजे उसने फैक्टरी में बने कमरे में खुद को बंद कर छत पर लगे पंखे के हुक से बेडशीट के साथ फंदा लगा लिया। यहां काम कर रहे श्रमिकों ने खिड़की से शव को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद फैक्टरी मालिक सौरभ तायल को घटना की सूचना दी। परिजनों को भी फैक्टरी में बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि फैक्टरी मालिक को प्रभाकर के काम के डेढ़ लाख रुपये देने थे। उनके बार-बार मांगने पर भी सौरभ पैसे नहीं दे रहा था। इसलिए उसने फंदा लगाकर जान दी है। वहीं दूसरी ओर सौरभ तायल का कहना है कि प्रभाकर उसकी फैक्टरी में काम ही नहीं करता था। उसका भाई धीर सिंह यहां काम करता था। प्रभाकर उससे मिलने आता था। फैक्टरी मालिक सौरभ ने बताया कि प्रभाकर फैक्टरी में अपने भाई के साथ आता था। वह फैक्टरी में कर्मचारी नहीं था।
विज्ञापन