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शहरी और ग्रामीण विधानसभा में पायलेट बेस पर 5-5 जगह बनाए जाएंगे रूफ टॉप वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:48 AM IST
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जितेंद्र नरवाल
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पानीपत। नगर निगम अपने जल संचय अभियान के तहत ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज करने और शहर से जलभराव की समस्या का निदान करने के लिए प्लानिंग बना चुका है। इस अभियान के तहत रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोक पिट बनाए जाएंगे। रूफ टॉप सिस्टम के लिए निगम ने शहरी और ग्रामीण विधानसभा में 5-5 जगहों को फाइनल कर लिया है। यहां पायलेट बेस पर काम शुरू किया जाएगा। सफल होने के बाद इसी आधार पर पूरे शहर में ऐसे सिस्टम बनाए जाएंगे। वहीं, शहर भर के पार्कों करीब 150 सोक पिट बनाने पर काम भी शुरू हो चुका है।
रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए पब्लिक हेल्थ और नगर निगम के बंद पड़े ट्यूबवेलों के बोर चुने गए हैं। इनमें पाइप के माध्यम से जमीन के अंदर बरसाती पानी भेजा जाएगा। खास बात यह रहेगी कि जो पानी इनमें जाएगा, वह आसपास के घरों की छतों से निकलने वाला बरसाती पानी होगा। इसके लिए निगम उन घरों की सहमति से पाइपलाइन बिछाने का काम भी करेगा। इसीलिए इसे रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का नाम दिया गया है। ऐसे एक सिस्टम में करीब 20 से 25 घरों को जोड़ा जाएगा। एक सिस्टम को तैयार करने में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च बताया जा रहा है।
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वहीं, जल संचय के दूसरे चरण में शहर में करीब 150 सोक पिट पार्कों में बनाएं जाएंगे। पार्कों में गड्ढे खोदकर इनमें पत्थर भरें जाएंगे। पार्क का पूरा बरसाती पानी इनके माध्यम से जमीन के अंदर चला जाएगा। इससे ग्राउंड वाटर लेवल तो रिचार्ज होगा ही साथ में शहर में बरसाती पानी की वजह से जलभराव भी नहीं होगा। एक सोक पिट सिस्टम पर 1500 से 2000 रुपये तक खर्च होंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि वे इस सीजन में ये दोनों काम पूरे कर देंगे।
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जिले में लगातार घट रहा वाटर लेवल बढ़ेेगा
इस समय ग्राउंड वाटर लेवल काफी नीचे जा चुका है। कई जगहों पर तो 600 फीट तक खुदाई करने के बाद भी पीने योग्य पानी नहीं मिलता। जमीन के अंदर के पानी का ये लेवल पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा गिरा है। जिसका कारण फैक्टरियों द्वारा जल दोहन और घरों में लगाए जाने वाले सबमर्सिबलों को बताया गया है। इनमें ज्यादा मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता है। बरसाती पानी को इन तकनीक से वापस जमीन में उतारने के बाद ग्रांउड वाटर लेवल में इजाफा होगा और पानी का स्तर ऊपर उठ सकेगा।
जलभराव की सबसे बड़ी समस्या का होगा निदान
शहर में बरसाती पानी के भराव की सबसे बड़ी समस्या है। थोड़ी सी बरसात में शहर के सभी मुख्य बाजार और कई कॉलोनियों जलमग्न हो जाती हैं। इस पानी की निकासी के लिए निगम व जनस्वास्थ्य विभाग को भी कई कई दिन मशक्कत करनी पड़ती है। पानी के बहाव में गंदगी जमा होने से शहर की सीवरेज लाइन ब्लॉक हो जाती हैं। इसके लिए शहरवासी बार-बार निगम को शिकायत पर शिकायतें देते हैं, जिससे निगम समेत शहरवासियों की भी दुविधा बढ़ जाती है। इस प्रोजेक्ट से शहर भर में निकासी की समस्या का समाधान हो सकेगा।
यहां हो चुकी है शुरुआत
नगर निगम द्वारा पालिका बाजार की पार्किंग में जनस्वास्थ्य विभाग के बंद पड़े ट्यूबवेल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में बदला जा चुका है। वार्ड नंबर 21 सौंधापुर के पार्क में सोक पिट बनाए जा रहे हैं। वहीं वार्ड नंबर दस में जगह को फाइनल कर टेंडर का एस्टीमेट बनाया जा रहा है।

प्रोजेक्ट से शहर की जलभराव की सबसे बड़ी समस्या का समाधान होगा। बरसाती पानी को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए इसे जमीन में छोड़ा जाएगा, जिससे जमीन के अंदर जलस्तर भी बढ़ेगा। इसके लिए निगम ने दोनों विधानसभाओं के लगते एरिया में 10 जगहों को फाइनल कर पायलेट बेस पर रूफ टॉप हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की तैयारी की है। वहीं निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब 150 सोक पिट बनाए जाएंगे।
-अजय छौक्कर, जेई, नगर निगम, पानीपत।
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