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पानीपत का एक गांव ऐसा, जहां का कोई भी विवाद आज तक नहीं पहुंचा थाने, गांव का कोई भी व्यक्ति अपराधिक मामलों में नहीं रहा शामिल
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जिले में यमुना के टापू पर बसे गांव खेड़ी नवाब में रहने वाले किसी भी बाशिंदे के खिलाफ आज तक कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं हुआ है। आज तक इस गांव का किसी भी प्रकार का मामला पुलिस थाने में नहीं पहुंचा है। अगर लोगों का आपस में किसी बात पर विवाद हो जाता है तो गांव के बुजुर्ग उसे सुलझा लेते हैं।
बताया जाता है कि वर्ष 1944-47 के बीच अलीगढ़ के रहने वाले नवाब की यमुना के टापू पर 500 एकड़ भूमि थी। देश के बंटवारे के दौरान नवाब ये भूमि बेचकर अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चला गया था। इस गांव की किसी दूसरे गांव के साथ सीमा नहीं लगती। गांव की पंचायत गांव गढ़ी भलौर के अधीन है। यहां दो पंच चुने जाते हैं। ग्रामीणों का मुख्य पेशा खेती बाड़ी है। गांव की कुल जनसंख्या एक हजार है और 305 वोटर हैं।
ग्रामीण चौधरी रतन सिंह, जयपाल सिंह, फूल सिंह चौकीदार, पूर्ण यादव, जय कंवार यादव, पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह व पंच रणधीर व पंच बिमला ने बताया कि गांव में सभी धर्मों के लोग यहां कितने प्रेम भाव से रहते हैं। उन्होंने आज तक पुलिस थाने का मुंह नहीं देखा है। गांव में अगर किसी का विवाद हो जाता है तो वो सब एकत्रित होकर दोनों पक्षों की सुनते हैं और यहीं पर मामले को खत्म कर देते हैं। कभी किसी का आपस में इतना बड़ा विवाद नहीं हुआ कि गांव के लोग उसे सुलझा न पाए हों। गांव के बुजुर्ग सप्ताह में एक बार पंचायत कर सभी को प्रेम से रहने का संदेश देते हैं और युवाओं को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह देते हैं। उनके गांव की बदनसीबी ये है कि इस गांव के लिए प्रदेश की सरकार ने कुछ नहीं किया। गांव को दूसरे गांवों से जोड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। बच्चे यमुना नदी को पार करके गांव गढ़ी भलौर में पढ़ने के लिए जाते हैं। नदी को पार करने के लिए वे भी नाव का सहारा लेते हैं।
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गांव की सिर्फ एक बेटी व एक बहू सरकारी नौकरी पर
इस गांव में किसी भी पुरुष के पास सरकारी नौकरी नहीं है। गांव की एक बेटी व एक बहु सरकारी अध्यापक हैं। जिनकी ड्यूटी बापौली के गांवों में हैं। इन दोनों ने गांव के गौरव को बढ़ाया है
सब एक दूसरे का सम्मान करते हैं : सरपंच
सभी ग्रामीण एक दूसरे का सम्मान करते हैं। बुजुर्गों की बातों को युवा मानते हैं और बुजुर्ग भी युवाओं केे अच्छी तरह से समझते हैं। गांव में हिंदू, मुस्लिम और सिख धर्मों के लोग रहते हैं, लेकिन हमारे बीच धर्मों की कोई दीवार नहीं है। उनका प्रयास हमेशा ये रहा है कि विवाद का गांव में ही निपटारा हों। उसमें हम कामयाब भी रहें हैं।
सबके लिए मिशाल पेश की है, हमें ऐसे ही रहना चाहिए : एसपी
हमें हमेशा आपस में तालमेल बनाकर रहना चाहिए। प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए। गांव खेड़ी नवाब ने मिशाल पेश की है। हमें लड़ाई झगड़ों से हमेशा बचना चाहिए और शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए।
-शंशाक कुमार सावन, एसपी पानीपत।
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बताया जाता है कि वर्ष 1944-47 के बीच अलीगढ़ के रहने वाले नवाब की यमुना के टापू पर 500 एकड़ भूमि थी। देश के बंटवारे के दौरान नवाब ये भूमि बेचकर अपने परिवार के साथ पाकिस्तान चला गया था। इस गांव की किसी दूसरे गांव के साथ सीमा नहीं लगती। गांव की पंचायत गांव गढ़ी भलौर के अधीन है। यहां दो पंच चुने जाते हैं। ग्रामीणों का मुख्य पेशा खेती बाड़ी है। गांव की कुल जनसंख्या एक हजार है और 305 वोटर हैं।
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ग्रामीण चौधरी रतन सिंह, जयपाल सिंह, फूल सिंह चौकीदार, पूर्ण यादव, जय कंवार यादव, पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह व पंच रणधीर व पंच बिमला ने बताया कि गांव में सभी धर्मों के लोग यहां कितने प्रेम भाव से रहते हैं। उन्होंने आज तक पुलिस थाने का मुंह नहीं देखा है। गांव में अगर किसी का विवाद हो जाता है तो वो सब एकत्रित होकर दोनों पक्षों की सुनते हैं और यहीं पर मामले को खत्म कर देते हैं। कभी किसी का आपस में इतना बड़ा विवाद नहीं हुआ कि गांव के लोग उसे सुलझा न पाए हों। गांव के बुजुर्ग सप्ताह में एक बार पंचायत कर सभी को प्रेम से रहने का संदेश देते हैं और युवाओं को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह देते हैं। उनके गांव की बदनसीबी ये है कि इस गांव के लिए प्रदेश की सरकार ने कुछ नहीं किया। गांव को दूसरे गांवों से जोड़ने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। बच्चे यमुना नदी को पार करके गांव गढ़ी भलौर में पढ़ने के लिए जाते हैं। नदी को पार करने के लिए वे भी नाव का सहारा लेते हैं।
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गांव की सिर्फ एक बेटी व एक बहू सरकारी नौकरी पर
इस गांव में किसी भी पुरुष के पास सरकारी नौकरी नहीं है। गांव की एक बेटी व एक बहु सरकारी अध्यापक हैं। जिनकी ड्यूटी बापौली के गांवों में हैं। इन दोनों ने गांव के गौरव को बढ़ाया है
सब एक दूसरे का सम्मान करते हैं : सरपंच
सभी ग्रामीण एक दूसरे का सम्मान करते हैं। बुजुर्गों की बातों को युवा मानते हैं और बुजुर्ग भी युवाओं केे अच्छी तरह से समझते हैं। गांव में हिंदू, मुस्लिम और सिख धर्मों के लोग रहते हैं, लेकिन हमारे बीच धर्मों की कोई दीवार नहीं है। उनका प्रयास हमेशा ये रहा है कि विवाद का गांव में ही निपटारा हों। उसमें हम कामयाब भी रहें हैं।
सबके लिए मिशाल पेश की है, हमें ऐसे ही रहना चाहिए : एसपी
हमें हमेशा आपस में तालमेल बनाकर रहना चाहिए। प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए। गांव खेड़ी नवाब ने मिशाल पेश की है। हमें लड़ाई झगड़ों से हमेशा बचना चाहिए और शिक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए।
-शंशाक कुमार सावन, एसपी पानीपत।