फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   d

निगम को नहीं लगी ओडीएफ जांच करने पहुंची टीम की भनक, पता चला तो बंद शौचालयों में फॉयर ब्रिगेड से भरवाया पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 12:44 AM IST
विज्ञापन
d
जितेंद्र नरवाल
विज्ञापन

पानीपत। हर माह शहर की सफाई व्यवस्था पर 5 से 6 करोड़ रुपये खर्च करने वाले निगम के दावों की स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के पहले चरण में ही पोल खुलकर सामने आ गई। खुुुुले में शौच मुक्त और शहर के सार्वजनिक शौचालयों को जांचने शुक्रवार सुबह आठ बजे ही सर्वेक्षण टीम शहर में पहुंच गई, लेकिन नगर निगम को इसकी भनक तक नहीं लगी। शहर के बंद और गंदे शौचालयों के हालातों ने टीम के सामने निगम की हकीकत खोल कर रख दी। जब निगम अधिकारियों को इसका पता चला तो कोई ठोस विकल्प न होने पर बंद पड़े शौचालयों की पानी की टंकियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी भरवा दिया गया।
निगम का यह कारनामा देखने लायक रहा। जिन 35 शौचालयों निगम ने टेंडर दिया, वे अब भी बंद पड़े थे। न उनमें कोई कर्मचारी था, न पानी था और न ही अन्य कोई सुविधा था। फायर कर्मियों को भी इन शौचालयों की टंकियों में पानी भरने के लिए सीढ़ी से पाइप लेकर चढ़ना पड़ा। अभी निगम व फायर कर्मी एक दो शौचालयों में ही पानी भरवा पाए थे कि टीम आधे से ज्यादा जगहों का दौरा भी कर चुकी थी। टीम रात 11 बजे तक शहर के शौचालयों को मुआयना करती रहीं, जबकि निगम कर्मी अपने प्रयास तीन बजे से लगाना शुरू हुए और पांच बजे छुट्टी करके चले गए।
विज्ञापन

केयर टेकर से चला पता कि आई है टीम
शहर के एक शौचालय पर केयर टेकर एवं सफाई का काम कर रहे एक कर्मचारी ने टीम के बारे में निगम की सफाई शाखा को बताया। जिसके बाद निगम में हड़कंप मच गया। गलतियों को छुपाने के लिए निगम कर्मी आनन-फानन में यहां से वहां दौड़ते नजर आए। यहां तक की निगम के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी भी टीम को अटेंड करने के लिए सड़कों की खाक छानते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकतर शौचालयों पर लगे थे ताले
नगर निगम द्वारा संचालित शहर की 35 जगहों पर करीब 273 सीटों के सार्वजनिक शौचालय बने हुए हैं। इनमें से अधिकतर पर ताले लग चुके हैं। इससे पहले भी निगम ने इसका टेंडर दिया था, अबकी बार दोबार टेंडर अलॉट हो चुका है, लेकिन यहां के ताले अभी तक नहीं खुले हैं।
जाम में फंसी रहीं गाड़ियां, अधिकारियों के खड़कते रहे फोन
गंदे और बिना पानी वाले शौचालयों में पानी भरवाने के लिए जैसे ही फायर कर्मियों को फोन किया तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के सायरन सुनाई देने लगे, लेकिन जाम ज्यादा होने की वजह से गाड़ी किसी भी शौचालय पर समय से नहीं पहुंच पाई। यहां तक की फ्लाईओवर के नीचे भी कार पार्किंग ज्यादा होने की वजह से गाड़ी काफी देर तक फंसी रही।
अब जीएफसी की बारी
स्वच्छ सर्वेक्षण टीम के इस चरण के बाद अब अगले चरण में जीएफसी यानी गारबेज फ्री सिटी का नंबर आएगा। इसमें टीम शहर में कूड़ा मुक्त शहर के बारे में सर्वे करेगी। इसमें शहर में बने हुए अवैध डंपिंग स्टेशनों का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए भी निगम ने कोई खास तैयारी नहीं की है, लेकिन निगम का पूरा ध्यान जेबीएम को हर वार्ड में दो प्लाट किराए पर देने पर जरूर है।

सर्वेक्षण अधिकारी बोले, उनकी रिपोर्ट है गोपनीय
स्वच्छ सर्वेक्षण में आई टीम के अधिकारी ने सर्वे के बारे में कुछ भी बताने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी रिपोर्ट गोपनीय है, जिसे उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed