{"_id":"5f78caf48ebc3e5fa3000779","slug":"d-panipat-news-knl463184137","type":"story","status":"publish","title_hn":"134-ए के तहत एडमिशन ना होने से रूकी जिले के 4500 गरीब छात्रों की शिक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
134-ए के तहत एडमिशन ना होने से रूकी जिले के 4500 गरीब छात्रों की शिक्षा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीरज गिरी
पानीपत। दो जमा पांच मुद्दे के तहत इस बार सरकार ने लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन प्राईवेट स्कूल में आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिसकी वजह से जिले के 4500 छात्रों की शिक्षा पूरी तरह से रुक गई है। अब वह ना तो अपने पिछले स्कूल जा सकते ना ही नए स्कूल में जाने के लिए सरकार पोर्टल को खोल रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू ना होने की वजह से गरीब छात्र अपने घर पर स्कूल में दाखिला लेने की आस में बैठे हुए हैं।
सरकारी स्कूल में भी नहीं हो पा रहा है दाखिला
134-ए के तहत एडमिशन लेने की आस में बैठे छात्र अब सरकारी स्कूल में भी दाखिला नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई छह महीने की पूरी तरह से व्यर्थ हो गई है। पहले सरकार ने आदेश दिए थे कि सरकारी स्कूल में बिना एसएलसी के बिना ही स्कूल में दाखिला हो पाऐगा, लेकिन बाद में सरकार ने आदेश वापिस ले लिए।
लॉकडाउन से पहले भरे गए थे 1566 फार्म
लॉकडाउन से केवल 1566 विद्यार्थियों के ही आवेदन हो पाए थे। जिसके बाद पोर्टल सही से ना चलने के कारण बार बार बंद हो जा रहा था। वहीं यदि अभी पोर्टल खोले जाते हैं तो भी एक महीने से ज्यादा का समय तो उन्हें केवल आवेदन भरने व प्रवेश परीक्षा में लग जाऐगी।
विज्ञापन
अब पिछले स्कूल से यदि विद्यार्थी एसएलसी लेने जाते हैं तो उनसे अप्रैल से अक्टूबर महीने तक की फीस मांगी जा रही है। जिसकी वजह से उनको एसएलसी भी नहीं मिल रही है।
शोकैंद्र बालियान, प्रधान, 2 जमा 5 मुद्दा
विज्ञापन
पानीपत। दो जमा पांच मुद्दे के तहत इस बार सरकार ने लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन प्राईवेट स्कूल में आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिसकी वजह से जिले के 4500 छात्रों की शिक्षा पूरी तरह से रुक गई है। अब वह ना तो अपने पिछले स्कूल जा सकते ना ही नए स्कूल में जाने के लिए सरकार पोर्टल को खोल रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू ना होने की वजह से गरीब छात्र अपने घर पर स्कूल में दाखिला लेने की आस में बैठे हुए हैं।
सरकारी स्कूल में भी नहीं हो पा रहा है दाखिला
134-ए के तहत एडमिशन लेने की आस में बैठे छात्र अब सरकारी स्कूल में भी दाखिला नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई छह महीने की पूरी तरह से व्यर्थ हो गई है। पहले सरकार ने आदेश दिए थे कि सरकारी स्कूल में बिना एसएलसी के बिना ही स्कूल में दाखिला हो पाऐगा, लेकिन बाद में सरकार ने आदेश वापिस ले लिए।
विज्ञापन
लॉकडाउन से पहले भरे गए थे 1566 फार्म
लॉकडाउन से केवल 1566 विद्यार्थियों के ही आवेदन हो पाए थे। जिसके बाद पोर्टल सही से ना चलने के कारण बार बार बंद हो जा रहा था। वहीं यदि अभी पोर्टल खोले जाते हैं तो भी एक महीने से ज्यादा का समय तो उन्हें केवल आवेदन भरने व प्रवेश परीक्षा में लग जाऐगी।
विज्ञापन
अब पिछले स्कूल से यदि विद्यार्थी एसएलसी लेने जाते हैं तो उनसे अप्रैल से अक्टूबर महीने तक की फीस मांगी जा रही है। जिसकी वजह से उनको एसएलसी भी नहीं मिल रही है।
शोकैंद्र बालियान, प्रधान, 2 जमा 5 मुद्दा