पकड़ा गया घूसखोर पटवारी: चंद रुपयों के लिए बेच दिया इमान, किसान से ले रहा था रिश्वत, समालखा का पटवारी गिरफ्तार
हरियाणा के पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने घूसखोर पटवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी किसान ने घूस ले रहा था। एसीबी टीम ने ट्रैप लगाकर आरोपी पटवारी को दबोचा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसान ने दी थी शिकायत
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम के प्रभारी सतपाल ने बताया कि गढ़ी छाजू गांव के किसान अशोक ने पटवारी अनिल कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने की शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि तीन भाइयों की जमीन का खाता अलग करने की एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उनमें 25 हजार में सौदा तय हुआ था। वह पटवारी को 17 हजार रुपये पहले ही ले चुका है। इसमें चार हजार रुपये पटवारी के सहायक और 13 हजार पटवारी को दे चुका है। आठ हजार रुपये बाकी थे। ब्यूरो ने टीम ने पाउडर लगाकर आठ हजार रुपये किसान अशोक को दिए। अशोक ने मंगलवार को पटवारी अनिल को उनके कार्यालय में आठ हजार रुपये पकड़ाए। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटवारी जौरासी गांव का है और 2019 से समालखा में ज्वाइन किया था। उनके अधीन अब करहंस, मच्छरौली और गढ़ी छाजू गांव है। आरोपी अनिल को कल अदालत में पेश किया जाएगा।
पटवारी 1100 रुपये लेकर भी कटवाता रहा चक्कर
अशोक ने बताया कि वे तीन भाई हैं। उनकी खेत की जमीन का खाता अलग कराने के लिए 22 मई को तहसील कार्यालय में पटवारी अनिल से मिला था। उसी समय 11 सौ रुपये देकर खाता तकसीम करने को कहा लेकिन आरोपी पटवारी अनिल बार-बार चक्कर कटवा रहा था। कई दिन पहले पटवारी से उसके भाई से खाता अलग करने की एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। अशोक ने एसीबी के टोल फ्री नंबर पर पंचकूला में बात कर अपनी समस्या बताई। उन्होंने पटवारी के साथ सौदा करने को कहा। अशोक ने बताया कि जब उसने पटवारी अनिल से दोबारा मिला और बात की तो 25 हजार रुपये तय हुआ। करनाल और पानीपत के अधिकारियों की टीम रिश्वतखोर पटवारी को पकड़ने की योजना बनाकर समालखा पहुंची।ब्रेकिंग अपडेट।