{"_id":"5807b9374f1c1b726b704960","slug":"panipat-apharan-kabu","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानीपत से अपहृत युवक मुठभेड़ के बाद मुक्त, एक काबू ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पानीपत से अपहृत युवक मुठभेड़ के बाद मुक्त, एक काबू
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
mbm
- फोटो : bm
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत पुलिस ने झज्जर के गांव माच्छरौली के खेतों से पानीपत रिफाइनरी से अपहृत युवक को छुड़ा लिया। युवक जयपुर दूरदर्शन में इंजीनियर का बेटा है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक अपहरणकर्ता को दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी भाग निकले। मुठभेड़ के दौरान पांच राउंड फायर हुए। इस प्रकरण में चार आरोपी शामिल थे। पुलिस ने अपहर्ताओं से फिरौती के रूप में ली गई छह लाख की रकम भी बरामद कर ली है। युवक का रिफाइनरी टाउनशिप से 16 अक्तूबर को चाकू की नोक पर अपहरण कर लिया गया था। वह यहां पर अपने भाई के पास आया था। जिला पुलिस के दो डीएसपी और तीन इंस्पेक्टर समेत 50 पुलिसकर्मी अभियान का हिस्सा बने। इस दौरान एक सब इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मी शिकायकर्ता के ड्राइवर और रिश्तेदार बनकर साथ रहे।
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में इंजीनियर के बेटे के अपहरण के मामले का खुलासा किया। उन्होंने ने बताया कि जयपुर दूरदर्शन में इंजीनियर हेमराज मीणा के छोटे लड़के सिद्धार्थ मीणा का 16 अक्तूबर को रिफाइनरी टाउनशिप से अपहरण कर लिया गया था। वह इलेक्ट्रीकल इंजीनियर है। फिलहाल सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। सिद्धार्थ अपने बड़े भाई वैभव के पास पानीपत आया था। वैभव पानीपत रिफाइनरी में इंजीनियर है। सिद्धार्थ के अपहरण के बाद अपहर्ताओं ने हेमराज से फोन पर 20 लाख रुपये की मांग की थी। थाना मतलौडा पुलिस ने शिकायत मिलने पर केस दर्ज सिद्धार्थ की तलाश शुरू कर दी थी। एसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता सिद्धार्थ को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर इंडिका गाड़ी में डालकर करनाल के शेखपुरा गांव स्थित खेतों में ले गए। अगले दिन उसे झज्जर के माच्छरौली गांव के खेतों में ले गए।
20 लाख मांगे, छह लाख में माने
एसपी ने बताया कि अपहर्ताओं ने हेमराज को 17 अक्तूबर की शाम को फोन कर 20 लाख रुपये फिरौती मांगी। उनके पास अगले दिन तीन बजे फिर फोन किया। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम लेकर झज्जर-रेवाड़ी रोड पर आने के लिए कहा। इस दौरान अपहर्ता छह लाख रुपये में सिद्धार्थ को छोड़ने के लिए राजी हो गए।
विज्ञापन
दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर समेत 50 पुलिसकर्मी लगाए
एसपी ने बताया कि सिद्धार्थ को छुड़ाने के लिए डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून, डीएसपी मतलौडा बली सिंह, सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर अजय मोर, सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा, थाना मतलौडा प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मबीर सिंह खर्ब सहित 50 पुलिसकर्मियों को लगाया था।
ऐसे चला ऑपरेशन
जिला पुलिस को मंगलवार को अपहर्ताओं की लोकेश झज्जर में मिली। इसके बाद टीम रात करीब दस रवाना हो गई। शिकायतकर्ता इंजीनियर हेमराज मीणा गाड़ी में आगे थे। उन्होंने माच्छरौली के पास जाकर अपहर्ताओं से बात की। अपहर्ताओं ने उन्हें झज्जर-रेवाड़ी रोड स्थित खेतों में बुलाया। अपहर्ताओं ने छह लाख रुपये की फिरौती लेकर सिद्धार्थ को साथ ही ले जाने की तैयारी की हुई थी। आरोपी सोनू फिरौती लेने आया तो हेमराज ने पहले अपने बेटे को दिखाने की मांग की। इस पर सोनू ने अपने साथी को बाइक पर सिद्धार्थ को लाने के लिए कहा। अपहर्ता ने साथी से कहा कि वह पैसे लेकर इधर से आ रहा है और तुम उसके बेेटे को उस तरफ से छोड़ दो। इसी बीच पुलिस पार्टी ने हमला बोल दिया। इस पर आरोपी सिद्धार्थ मीना को बाइक पर लेकर भागने लगे। इसी दौरान सोनू निवासी शेखपुरा ने पुलिस पार्टी पर देसी पिस्तौल से दो फायर कर दिए। पुलिस ने जवाब में तीन फायर किए। कार्रवाई के दौरान आरोपी सोनू को काबू कर लिया। जबकि, उसके दो साथी भाग निकले। पुलिस ने उनकी पहचान मोनू और मोनू निवासी शेखपुरा के रूप में की। तीसरा साथी सोनू के मामा का लड़का संजय निवासी माच्छरौली, झज्जर है। संजय इस पूरे मामले में पीछे ही था।
सोनू और दोनों मोनू रिफाइनरी में करते थे चोरी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोनू और मोनू निवासी शेखपुरा करनाल का आपराधिक रिकॉर्ड है। दोनों रिफाइनरी में छोटी चोरियों करते रहे हैं। मुख्य आरोपी मोनू निवासी शेखपुरा करनाल आईओसीएल के एक अधिकारी का ड्राइवर था। अधिकारी ने ही पानीपत से जाते समय मोनू को अपनी इंडिका गाड़ी बेच दी। मोनू रिफाइनरी के अधिकारी की स्टीकर लगी गाड़ी को लेकर आता जाता था।
खाने को देते थे, लेकिन डराते भी थे : सिद्धार्थ
अपहृत सिद्धार्थ ने बताया कि वह 16 अक्तूबर की शाम को खाना खाकर करीब नौ बजे क्वार्टर पर आया। वह क्वार्टर का ताला खोल रहा था। इसी समय एक युवक आया और उसने मेरे पीछे नुकीली चीज अड़ा दी। वह उसे क्वार्टर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दो अन्य साथियों को भी बुला लिया। बहुत देर तक अपहर्ता उसे क्वार्टर में ही रखे रहे। रात करीब 12 बजे एक कार में बैठाकर उसे खेतों में ले गए। उसका पर्स भी निकाल लिया। खेतों में आरोपियों ने उसे धमाया। अगले दिन उसे गाड़ी लेकर अन्य जगह पर खेतों ले गए। इस दौरान आरोपी उसके हाथ या शरीर के अन्य भाग की नस काटने की धमकी देते रहे। अपहर्ता उसे दाल और रोटी समेत सामान्य खाना देते थे। माच्छरौली गांव के खेतों में गोली चलने के बाद वह घबरा गया था। अपहर्ताओं ने उसे बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। लेकिन, वह भाग निकला और बहुत देर तक इधर-उधर भागता रहा। करीब 20 मिनट बाद उसे पिता हेमराज दिखाई दिए।
सिद्धार्थ को साथ ले जाने की फिराक में थे
पिता हेमराज मीणा ने बताया कि वह जयुपर के मालवीय नगर में रहते हैं और दूरदर्शन जयपुर में इंजीनियर हैं। उनके पास 16 अक्तूबर की शाम को सिद्धार्थ का अपहरण करने और 20 लाख रुपये फिरौती के लिए फोन आया था। इसके बाद वह पानीपत आ गए। यहां एसपी राजेश दुग्गल को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सिद्धार्थ को जल्द मुक्त कराने का भरोसा दिया। वह अपने साथ केवल एटीएम कार्ड ही लेकर आए थे। यहां छह लाख रुपये में अपहर्ताओं से सौदा हुआ। इसके बाद रिश्तेदारों और सिद्धार्थ के दोस्तों के सहयोग से छह लाख रुपये जमा किए।
पुलिस को सिद्धार्थ मीणा का अपहरण करने और 20 लाख की चौथ मांगने की शिकायत मिली थी। थाना मतलौडा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस के दो डीएसपी और तीन इंस्पेक्टर के साथ 50 पुलिसकर्मियों ने झज्जर के माच्छरौली गांव के खेतों से सिद्धार्थ को मुक्त करा लिया है। पुलिस ने आरोपियों से फिरौती में लिए गए छह लाख रुपये, एक देसी पिस्तौल बरामद कर ली है। एक अपहर्ता भी पकड़ा गया है। उसके तीन साथियों की तलाश की जा रही है।
राजेश दुग्गल, एसपी पानीपत।
विज्ञापन
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में इंजीनियर के बेटे के अपहरण के मामले का खुलासा किया। उन्होंने ने बताया कि जयपुर दूरदर्शन में इंजीनियर हेमराज मीणा के छोटे लड़के सिद्धार्थ मीणा का 16 अक्तूबर को रिफाइनरी टाउनशिप से अपहरण कर लिया गया था। वह इलेक्ट्रीकल इंजीनियर है। फिलहाल सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। सिद्धार्थ अपने बड़े भाई वैभव के पास पानीपत आया था। वैभव पानीपत रिफाइनरी में इंजीनियर है। सिद्धार्थ के अपहरण के बाद अपहर्ताओं ने हेमराज से फोन पर 20 लाख रुपये की मांग की थी। थाना मतलौडा पुलिस ने शिकायत मिलने पर केस दर्ज सिद्धार्थ की तलाश शुरू कर दी थी। एसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता सिद्धार्थ को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर इंडिका गाड़ी में डालकर करनाल के शेखपुरा गांव स्थित खेतों में ले गए। अगले दिन उसे झज्जर के माच्छरौली गांव के खेतों में ले गए।
विज्ञापन
20 लाख मांगे, छह लाख में माने
एसपी ने बताया कि अपहर्ताओं ने हेमराज को 17 अक्तूबर की शाम को फोन कर 20 लाख रुपये फिरौती मांगी। उनके पास अगले दिन तीन बजे फिर फोन किया। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम लेकर झज्जर-रेवाड़ी रोड पर आने के लिए कहा। इस दौरान अपहर्ता छह लाख रुपये में सिद्धार्थ को छोड़ने के लिए राजी हो गए।
विज्ञापन
दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर समेत 50 पुलिसकर्मी लगाए
एसपी ने बताया कि सिद्धार्थ को छुड़ाने के लिए डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून, डीएसपी मतलौडा बली सिंह, सीआईए-वन प्रभारी इंस्पेक्टर अजय मोर, सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा, थाना मतलौडा प्रभारी इंस्पेक्टर धर्मबीर सिंह खर्ब सहित 50 पुलिसकर्मियों को लगाया था।
ऐसे चला ऑपरेशन
जिला पुलिस को मंगलवार को अपहर्ताओं की लोकेश झज्जर में मिली। इसके बाद टीम रात करीब दस रवाना हो गई। शिकायतकर्ता इंजीनियर हेमराज मीणा गाड़ी में आगे थे। उन्होंने माच्छरौली के पास जाकर अपहर्ताओं से बात की। अपहर्ताओं ने उन्हें झज्जर-रेवाड़ी रोड स्थित खेतों में बुलाया। अपहर्ताओं ने छह लाख रुपये की फिरौती लेकर सिद्धार्थ को साथ ही ले जाने की तैयारी की हुई थी। आरोपी सोनू फिरौती लेने आया तो हेमराज ने पहले अपने बेटे को दिखाने की मांग की। इस पर सोनू ने अपने साथी को बाइक पर सिद्धार्थ को लाने के लिए कहा। अपहर्ता ने साथी से कहा कि वह पैसे लेकर इधर से आ रहा है और तुम उसके बेेटे को उस तरफ से छोड़ दो। इसी बीच पुलिस पार्टी ने हमला बोल दिया। इस पर आरोपी सिद्धार्थ मीना को बाइक पर लेकर भागने लगे। इसी दौरान सोनू निवासी शेखपुरा ने पुलिस पार्टी पर देसी पिस्तौल से दो फायर कर दिए। पुलिस ने जवाब में तीन फायर किए। कार्रवाई के दौरान आरोपी सोनू को काबू कर लिया। जबकि, उसके दो साथी भाग निकले। पुलिस ने उनकी पहचान मोनू और मोनू निवासी शेखपुरा के रूप में की। तीसरा साथी सोनू के मामा का लड़का संजय निवासी माच्छरौली, झज्जर है। संजय इस पूरे मामले में पीछे ही था।
सोनू और दोनों मोनू रिफाइनरी में करते थे चोरी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोनू और मोनू निवासी शेखपुरा करनाल का आपराधिक रिकॉर्ड है। दोनों रिफाइनरी में छोटी चोरियों करते रहे हैं। मुख्य आरोपी मोनू निवासी शेखपुरा करनाल आईओसीएल के एक अधिकारी का ड्राइवर था। अधिकारी ने ही पानीपत से जाते समय मोनू को अपनी इंडिका गाड़ी बेच दी। मोनू रिफाइनरी के अधिकारी की स्टीकर लगी गाड़ी को लेकर आता जाता था।
खाने को देते थे, लेकिन डराते भी थे : सिद्धार्थ
अपहृत सिद्धार्थ ने बताया कि वह 16 अक्तूबर की शाम को खाना खाकर करीब नौ बजे क्वार्टर पर आया। वह क्वार्टर का ताला खोल रहा था। इसी समय एक युवक आया और उसने मेरे पीछे नुकीली चीज अड़ा दी। वह उसे क्वार्टर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दो अन्य साथियों को भी बुला लिया। बहुत देर तक अपहर्ता उसे क्वार्टर में ही रखे रहे। रात करीब 12 बजे एक कार में बैठाकर उसे खेतों में ले गए। उसका पर्स भी निकाल लिया। खेतों में आरोपियों ने उसे धमाया। अगले दिन उसे गाड़ी लेकर अन्य जगह पर खेतों ले गए। इस दौरान आरोपी उसके हाथ या शरीर के अन्य भाग की नस काटने की धमकी देते रहे। अपहर्ता उसे दाल और रोटी समेत सामान्य खाना देते थे। माच्छरौली गांव के खेतों में गोली चलने के बाद वह घबरा गया था। अपहर्ताओं ने उसे बाइक पर बैठाने का प्रयास किया। लेकिन, वह भाग निकला और बहुत देर तक इधर-उधर भागता रहा। करीब 20 मिनट बाद उसे पिता हेमराज दिखाई दिए।
सिद्धार्थ को साथ ले जाने की फिराक में थे
पिता हेमराज मीणा ने बताया कि वह जयुपर के मालवीय नगर में रहते हैं और दूरदर्शन जयपुर में इंजीनियर हैं। उनके पास 16 अक्तूबर की शाम को सिद्धार्थ का अपहरण करने और 20 लाख रुपये फिरौती के लिए फोन आया था। इसके बाद वह पानीपत आ गए। यहां एसपी राजेश दुग्गल को इसकी जानकारी दी। उन्होंने सिद्धार्थ को जल्द मुक्त कराने का भरोसा दिया। वह अपने साथ केवल एटीएम कार्ड ही लेकर आए थे। यहां छह लाख रुपये में अपहर्ताओं से सौदा हुआ। इसके बाद रिश्तेदारों और सिद्धार्थ के दोस्तों के सहयोग से छह लाख रुपये जमा किए।
पुलिस को सिद्धार्थ मीणा का अपहरण करने और 20 लाख की चौथ मांगने की शिकायत मिली थी। थाना मतलौडा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस के दो डीएसपी और तीन इंस्पेक्टर के साथ 50 पुलिसकर्मियों ने झज्जर के माच्छरौली गांव के खेतों से सिद्धार्थ को मुक्त करा लिया है। पुलिस ने आरोपियों से फिरौती में लिए गए छह लाख रुपये, एक देसी पिस्तौल बरामद कर ली है। एक अपहर्ता भी पकड़ा गया है। उसके तीन साथियों की तलाश की जा रही है।
राजेश दुग्गल, एसपी पानीपत।