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बाजार एसोसिएशन उतरी
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:54 PM IST
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जाट आरक्षण को लेकर औद्योगिक नगरी पानीपत लगातार चौथे दिन भभकती रही। बाजारों में पूरा दिन उपद्रवियों के आने का हव्वा मचा रहा और दुकानदार लट्ठ और डंडे लेकर बाहर खड़े रहे।
वहीं शहर की बाजारों व व्यापारियों के प्रधानों ने आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के दौरान प्रशासन व पुलिस की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
प्रदेश में हंगामे के दौरान नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। बाजार एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप मंगलवार को दोपहर तक बाजार बंद रखने का फैसला लिया।
सभी दुकानदार उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपेंगे। प्रशासन व पुलिस ने भी सुबह से लेकर देर रात तक सेना के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला और शहरवासियों को सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया।
जाट आरक्षण के चलते सोमवार को पानीपत में तनावपूर्ण शांति रही। सोमवार को बाजारों में सुबह ही उपद्रवियों के आने का हव्वा मच गया।
इसके तुरंत बाद बाजारों में दुकान बंद होना शुरू हो गई। इसके बाद एक बाजार से दूसरे बाजार में उपद्रवियों के जाने की सूचना मिलती रही।
जिसके चलते दुकानदार बाहर निकल गए और बाजार एसोसिएशन के प्रधानों ने सबको दुकानों के बाहर रखवाली के लिए बैठने का फैसला लिया।
शहर की सभी 35 बाजारों की एसोसिएशन व अन्य संस्थाएं शाम को प्राइम एंजल मॉल के पीछे एकजुट हुई और कई घंटे तक बैठक चली।
आज दोपहर 12 बजे तक रहेगा बाजार बंद, मांगा मुआवजा
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता, युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ व शॉल एसोसिएशन के प्रधान एवं पार्षद अशोक नारंग की अगुवाई में सोमवार शाम को सेक्टर-11-12 स्थित प्राइम एंजल मॉल के पीछे मीटिंग हुई।
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जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले समेत प्रदेशभर में व्यापारी व दुकानदारों को हुए नुकसान की निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में प्रशासन व पुलिस की अनदेखी सामने आई।
उपद्रवियों ने प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिस व सेना उनको रोकने तक का साहस नहीं जुटा सकी। वे समझदारी के साथ काम लेते तो व्यापारी व दुकानदारों को इतना नुकसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबका पूरा का पूरा मुआवजा देना चाहिए और ऐसा नहीं होता है तो वे टैक्स के पैसे रोककर नुकसान की भरपाई करेंगे।
बाजार एसोसिएशन ने फैसला लिया कि वे अपनी मांगों को लेकर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक बाजार बंद रखेंगे और सुबह 10 बजे पालिका बाजार में एकत्रित होंगे।
वे यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचेंगे और उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मौके पर संजय वर्मा, गौरव लिखा, तरुण नागपाल, दर्शनलाल वधवा, रोशनलाल चुघ, सुरेश गुप्ता, पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह व अनिल मदान मौजूद रहे।
एक बार खुला जीटी रोड फिर किया शामिली डायवर्ट
प्रशासन व पुलिस ने सेना के सहयोग से सिवाह गांव में रविवार रात करीब सवा ग्यारह बजे जीटी रोड को खुलवा दिया। इसके कुछ घंटों बाद ही जीटी रोड पर पड़े पेड़ व पत्थरों को हटवाया गया। जिसके बाद जीटी रोड को सुचारू किया गया। इसको लेकर पानीपत टोल प्लाजा को फ्री करना पड़ा। दोपहर तक जीटी रोड सामान्य चला, लेकिन दोपहर के समय सोनीपत के हिस्से में जीटी रोड पर कई जगह जाम लगा दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने दिल्ली व आगे जाने वाले ट्रैफिक को पानीपत-हरिद्वार रोड से डायवर्ट कर दिया। संजय चौक पर इसका बोर्ड भी लगा दिया। कुछ वाहन चालक सीधा रास्ता खुलने की उम्मीद से शहर में ही ठहरे रहे।
प्रशासन व पुलिस की दिनभर फूली रही सांसे
जाट आरक्षण की धधकती आग सोमवार को कुछ शांत हुई। इस बीच भी प्रशासन व पुलिस की दिनभर सांसे फूली रही। उपायुक्त समीर पाल सरो व एसपी राहुल शर्मा सुबह ही दलबल के साथ शहर में आ गए। वे समालखा में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके तुरंत बाद सिवाह गांव में जीटी रोड जाम करने की सूचना मिली। उपायुक्त व एसपी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर लोगों को समझाया और सोनीपत से वापस आने वाले ट्रैफिक को रूट पर लगाया। प्रशासनिक व पुलिस के साथ सेना सोमवार को सिवाह गांव में जीटी रोड पर तैनात रही। इस दौरान संदिग्ध लोगों पर नजर रखी।
एक राहगीर बना परेशानी का सबब
जीटी रोड सिवाह में एक राहगीर प्रशासन व पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया। उक्त युवक कुछ नशे की स्थिति में था। वह बार-बार कह रहा था कि उसकी पत्नी सवारी में आगे चली गई और वह पीछे रह गया है।
अधिकारियों ने उसको ऑटो में बैठाना चाहा, लेकिन वह गाड़ी मंगवाने की बात पर अड़ गया। पुलिसकर्मियों ने उसको समझाकर ऑटो में बैठाया। इसके आधा घंटे बाद उक्त युवक फिर से वहीं आ गया। वह फिर से अपने व अपनी पत्नी के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताने लगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उसको चेतावनी दी और दूसरे ऑटो में बैठाकर पानीपत की तरफ भेज दिया।
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वहीं शहर की बाजारों व व्यापारियों के प्रधानों ने आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के दौरान प्रशासन व पुलिस की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
प्रदेश में हंगामे के दौरान नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। बाजार एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप मंगलवार को दोपहर तक बाजार बंद रखने का फैसला लिया।
सभी दुकानदार उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को अपना ज्ञापन सौंपेंगे। प्रशासन व पुलिस ने भी सुबह से लेकर देर रात तक सेना के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला और शहरवासियों को सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया।
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जाट आरक्षण के चलते सोमवार को पानीपत में तनावपूर्ण शांति रही। सोमवार को बाजारों में सुबह ही उपद्रवियों के आने का हव्वा मच गया।
इसके तुरंत बाद बाजारों में दुकान बंद होना शुरू हो गई। इसके बाद एक बाजार से दूसरे बाजार में उपद्रवियों के जाने की सूचना मिलती रही।
जिसके चलते दुकानदार बाहर निकल गए और बाजार एसोसिएशन के प्रधानों ने सबको दुकानों के बाहर रखवाली के लिए बैठने का फैसला लिया।
शहर की सभी 35 बाजारों की एसोसिएशन व अन्य संस्थाएं शाम को प्राइम एंजल मॉल के पीछे एकजुट हुई और कई घंटे तक बैठक चली।
आज दोपहर 12 बजे तक रहेगा बाजार बंद, मांगा मुआवजा
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष रोशन लाल गुप्ता, युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ व शॉल एसोसिएशन के प्रधान एवं पार्षद अशोक नारंग की अगुवाई में सोमवार शाम को सेक्टर-11-12 स्थित प्राइम एंजल मॉल के पीछे मीटिंग हुई।
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जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले समेत प्रदेशभर में व्यापारी व दुकानदारों को हुए नुकसान की निंदा की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में प्रशासन व पुलिस की अनदेखी सामने आई।
उपद्रवियों ने प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिस व सेना उनको रोकने तक का साहस नहीं जुटा सकी। वे समझदारी के साथ काम लेते तो व्यापारी व दुकानदारों को इतना नुकसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि सरकार को सबका पूरा का पूरा मुआवजा देना चाहिए और ऐसा नहीं होता है तो वे टैक्स के पैसे रोककर नुकसान की भरपाई करेंगे।
बाजार एसोसिएशन ने फैसला लिया कि वे अपनी मांगों को लेकर मंगलवार दोपहर 12 बजे तक बाजार बंद रखेंगे और सुबह 10 बजे पालिका बाजार में एकत्रित होंगे।
वे यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचेंगे और उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मौके पर संजय वर्मा, गौरव लिखा, तरुण नागपाल, दर्शनलाल वधवा, रोशनलाल चुघ, सुरेश गुप्ता, पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह व अनिल मदान मौजूद रहे।
एक बार खुला जीटी रोड फिर किया शामिली डायवर्ट
प्रशासन व पुलिस ने सेना के सहयोग से सिवाह गांव में रविवार रात करीब सवा ग्यारह बजे जीटी रोड को खुलवा दिया। इसके कुछ घंटों बाद ही जीटी रोड पर पड़े पेड़ व पत्थरों को हटवाया गया। जिसके बाद जीटी रोड को सुचारू किया गया। इसको लेकर पानीपत टोल प्लाजा को फ्री करना पड़ा। दोपहर तक जीटी रोड सामान्य चला, लेकिन दोपहर के समय सोनीपत के हिस्से में जीटी रोड पर कई जगह जाम लगा दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने दिल्ली व आगे जाने वाले ट्रैफिक को पानीपत-हरिद्वार रोड से डायवर्ट कर दिया। संजय चौक पर इसका बोर्ड भी लगा दिया। कुछ वाहन चालक सीधा रास्ता खुलने की उम्मीद से शहर में ही ठहरे रहे।
प्रशासन व पुलिस की दिनभर फूली रही सांसे
जाट आरक्षण की धधकती आग सोमवार को कुछ शांत हुई। इस बीच भी प्रशासन व पुलिस की दिनभर सांसे फूली रही। उपायुक्त समीर पाल सरो व एसपी राहुल शर्मा सुबह ही दलबल के साथ शहर में आ गए। वे समालखा में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके तुरंत बाद सिवाह गांव में जीटी रोड जाम करने की सूचना मिली। उपायुक्त व एसपी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यहां पर लोगों को समझाया और सोनीपत से वापस आने वाले ट्रैफिक को रूट पर लगाया। प्रशासनिक व पुलिस के साथ सेना सोमवार को सिवाह गांव में जीटी रोड पर तैनात रही। इस दौरान संदिग्ध लोगों पर नजर रखी।
एक राहगीर बना परेशानी का सबब
जीटी रोड सिवाह में एक राहगीर प्रशासन व पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया। उक्त युवक कुछ नशे की स्थिति में था। वह बार-बार कह रहा था कि उसकी पत्नी सवारी में आगे चली गई और वह पीछे रह गया है।
अधिकारियों ने उसको ऑटो में बैठाना चाहा, लेकिन वह गाड़ी मंगवाने की बात पर अड़ गया। पुलिसकर्मियों ने उसको समझाकर ऑटो में बैठाया। इसके आधा घंटे बाद उक्त युवक फिर से वहीं आ गया। वह फिर से अपने व अपनी पत्नी के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताने लगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उसको चेतावनी दी और दूसरे ऑटो में बैठाकर पानीपत की तरफ भेज दिया।