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9वीं कक्षा के छात्र का अपहरण, 25 लाख की मांगी फिरौती
ब्यूरो पानीपत
Updated Fri, 05 May 2017 12:47 AM IST
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हर्ष
- फोटो : फाइल फोटो
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तहसील कैंप के अशोक नगर से नौवीं कक्षा के छात्र का अपहरण कर 25 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला प्रकाश में आया है। अपहरणकर्ता छात्र के परिजनों को फिरौती की रकम देने की बार-बार धमकी दे रहे हैं। परंतु पुलिस मौन धारण कर बैठी हुई है। हालांकि तहसील कैंप चौकी पुलिस मामले को जल्द सुलझाने का आश्वासन भी दे रही है। इस घटना को लेकर परिजन उपायुक्त चंद्रशेखर खरे व पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा से मिले। जिस पर एसपी ने मामले की जांच सीआईए-टू को सौंपते हुए एक सप्ताह का समय परिजनों से मांगा है।
अशोक नगर निवासी राजकुमार (50) ने तहसील कैंप चौकी में शिकायत देकर बताया कि उसका इकलौता बेटा हर्ष उर्फ हितेश (17) सलारगंज गेट के पास हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता है। जो 26 जुलाई 2016 को किसी का फोन आने पर घर से चला गया। इसके बाद उसका कहीं सुराग नहीं लग पाया। दो दिन बाद उसके रिश्तेदार राहुल के पास अज्ञात युवक की कॉल आई। जिसमें कहा गया कि हर्ष उनके कब्जे में है, उसे छोड़ने के लिए उन्हें 25 लाख रुपये चाहिए। रकम तैयार होते ही दिल्ली पहुंचा देना। तभी उन्हें पता चला कि उसके बेटे हर्ष का अपहरण किया गया है। करीब दस दिन बाद फिर से अपहरणकर्ताओं की उसके भांजे पारस के पास कॉल आई कि हर्ष की सलामती चाहते हैं तो जल्द से जल्द 25 लाख रुपये का इंतजाम कर दो, नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे। परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी। लेकिन 10 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके बेटे का सुराग नहीं लग पाया।
शिकायतकर्ता राजकुमार वीरवार को परिजनों के साथ उपायुक्त चंद्रशेखर खरे व पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा से मिले और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। परिजनों ने एक अन्य युवक पर भी शक जताया है। जिस पर पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मामले की जांच तहसील कैंप चौकी से सीआईए-टू को सौंपकर परिजनों से एक सप्ताह का समय मांगा है। डीसी व एसपी से मिलने वालों में नितेश, राजेश, कौशल, सिमरण व सुमन आदि शामिल थे।
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पानी का प्लांट भी कर दिया बंद
राजकुमार (50) पेशे से गंगा प्योर वाटर प्लांट लगाकर पानी सप्लायर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जब से उसके बेटे का अपहरण हुआ है, तभी से उन्होंने प्लांट को पूरी तरह से बंद कर रखा है और दिनरात बेटे को ढूंढने में लगे हैं। उसके दो बच्चे हैं। जिसमें बड़ी लड़की सिमरण आईबी कॉलेज में बीए में पढ़ती है, जबकि हर्ष अभी तक गायब है।
फोन की घंटी बजते ही छूटता है पसीना
राजकुमार बताते हैं कि जब भी उनके मोबाइल की घंटी बजती है, वैसे ही माथे से पसीना छूटना शुरू हो जाता है। उन्हें हर वक्त ऐसा लगता है कि जैसे किडनैपर की कॉल आई हो।
अभी तक बदल चुके हैं 6 चौकी प्रभारी
राजकुमार ने बताया कि वह अपने बेटे हर्ष का पता लगाने के लिए अनेक बार तहसील कैंप चौकी पर चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसके इकलौते बेटे को ढूंढ नहीं पाई है। जबकि अभी तक तहसील कैंप चौकी के 6-7 प्रभारी भी बदल चुके हैं। हर प्रभारी को हर बार अपहरण हुए बेटे की पूरी जानकारी बतानी पड़ती है। कई पुलिस अधिकारी पल्ला भी झाड़ देते हैं और कइयों की तरफ से रटा रटाया जवाब मिलता है शीघ्र ही हर्ष को ढूंढ लिया जाएगा। परंतु जब पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई शुरू की जाती है, तभी चौकी प्रभारी का तबादला हो जाता है।
रिकॉर्डिंग की सीडी सौंपी
अपहरणकर्ता द्वारा कई बार फिरौती मांगने की कॉल उनके रिश्तेदारों के पास आई है। अपहरणकर्ताओं द्वारा की गई बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग की सीडी बनाकर उन्होंने तहसील कैंप पुलिस को भी सौंपी है। उसी के आधार पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की। सूत्रों के अनुसार मोबाइल लोकेशन बाबरपुर के पास स्थित कचरौली गांव की मिली। जहां पर पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की।
अशोक नगर से गायब हुए छात्र की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। लोकेशन के आधार पुलिस द्वारा जांच भी की जा रही है। शीघ्र ही उसे तलाश लिया जाएगा।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर पुलिस।
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अशोक नगर निवासी राजकुमार (50) ने तहसील कैंप चौकी में शिकायत देकर बताया कि उसका इकलौता बेटा हर्ष उर्फ हितेश (17) सलारगंज गेट के पास हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता है। जो 26 जुलाई 2016 को किसी का फोन आने पर घर से चला गया। इसके बाद उसका कहीं सुराग नहीं लग पाया। दो दिन बाद उसके रिश्तेदार राहुल के पास अज्ञात युवक की कॉल आई। जिसमें कहा गया कि हर्ष उनके कब्जे में है, उसे छोड़ने के लिए उन्हें 25 लाख रुपये चाहिए। रकम तैयार होते ही दिल्ली पहुंचा देना। तभी उन्हें पता चला कि उसके बेटे हर्ष का अपहरण किया गया है। करीब दस दिन बाद फिर से अपहरणकर्ताओं की उसके भांजे पारस के पास कॉल आई कि हर्ष की सलामती चाहते हैं तो जल्द से जल्द 25 लाख रुपये का इंतजाम कर दो, नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे। परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी। लेकिन 10 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके बेटे का सुराग नहीं लग पाया।
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शिकायतकर्ता राजकुमार वीरवार को परिजनों के साथ उपायुक्त चंद्रशेखर खरे व पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा से मिले और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। परिजनों ने एक अन्य युवक पर भी शक जताया है। जिस पर पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मामले की जांच तहसील कैंप चौकी से सीआईए-टू को सौंपकर परिजनों से एक सप्ताह का समय मांगा है। डीसी व एसपी से मिलने वालों में नितेश, राजेश, कौशल, सिमरण व सुमन आदि शामिल थे।
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पानी का प्लांट भी कर दिया बंद
राजकुमार (50) पेशे से गंगा प्योर वाटर प्लांट लगाकर पानी सप्लायर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि जब से उसके बेटे का अपहरण हुआ है, तभी से उन्होंने प्लांट को पूरी तरह से बंद कर रखा है और दिनरात बेटे को ढूंढने में लगे हैं। उसके दो बच्चे हैं। जिसमें बड़ी लड़की सिमरण आईबी कॉलेज में बीए में पढ़ती है, जबकि हर्ष अभी तक गायब है।
फोन की घंटी बजते ही छूटता है पसीना
राजकुमार बताते हैं कि जब भी उनके मोबाइल की घंटी बजती है, वैसे ही माथे से पसीना छूटना शुरू हो जाता है। उन्हें हर वक्त ऐसा लगता है कि जैसे किडनैपर की कॉल आई हो।
अभी तक बदल चुके हैं 6 चौकी प्रभारी
राजकुमार ने बताया कि वह अपने बेटे हर्ष का पता लगाने के लिए अनेक बार तहसील कैंप चौकी पर चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक उसके इकलौते बेटे को ढूंढ नहीं पाई है। जबकि अभी तक तहसील कैंप चौकी के 6-7 प्रभारी भी बदल चुके हैं। हर प्रभारी को हर बार अपहरण हुए बेटे की पूरी जानकारी बतानी पड़ती है। कई पुलिस अधिकारी पल्ला भी झाड़ देते हैं और कइयों की तरफ से रटा रटाया जवाब मिलता है शीघ्र ही हर्ष को ढूंढ लिया जाएगा। परंतु जब पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई शुरू की जाती है, तभी चौकी प्रभारी का तबादला हो जाता है।
रिकॉर्डिंग की सीडी सौंपी
अपहरणकर्ता द्वारा कई बार फिरौती मांगने की कॉल उनके रिश्तेदारों के पास आई है। अपहरणकर्ताओं द्वारा की गई बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग की सीडी बनाकर उन्होंने तहसील कैंप पुलिस को भी सौंपी है। उसी के आधार पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की। सूत्रों के अनुसार मोबाइल लोकेशन बाबरपुर के पास स्थित कचरौली गांव की मिली। जहां पर पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की।
अशोक नगर से गायब हुए छात्र की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। लोकेशन के आधार पुलिस द्वारा जांच भी की जा रही है। शीघ्र ही उसे तलाश लिया जाएगा।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर पुलिस।