{"_id":"57ffd3244f1c1b6e5229126c","slug":"fake-doctor-panipat-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंप लगा कर ग्रामीणों ठगने पहुंचे झोलाछाप ग्रामीणों ने गांव से खदेड़ा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कैंप लगा कर ग्रामीणों ठगने पहुंचे झोलाछाप ग्रामीणों ने गांव से खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
पानीपत
- फोटो : पानीपत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनौली। गांव गढ़ी बैसिक में कैंप लगाकर इलाज के बहाने लोगों को ठगने पहुंचे झोलाछाप डॉक्टर व एक संस्था के सदस्यों को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने झोलाछाप डॉक्टरों व संस्था के सदस्यों से पूछताछ कर उनको गांव से खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत सीएमओ को दी है।
वीरवार को एक संस्था के सदस्य गांव गढ़ी बैसिक में कैंप लगाने पहुंचे। संस्था के सदस्यों ने ग्रामीणों को अपनी दवाओं का प्रचार करते हुए कहा कि उनके पास ऐसी दवाएं हैं जो शुगर, टीबी, डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में काफी कारगर हैं। जिन बच्चों का कद रुक गया है उनकी दवाओं से कद तीन फीट तक लंबा हो सकता है। सभी प्रकार की दवाइयां 200 एमएल में 200 रुपये तक की हैं। गांव में कैंप देखकर काफी ग्रामीण एकत्रित हो गए।
लोगों ने संस्था के पदाधिकारियों से डॉक्टरों के बारे में पूछा और उनके मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की। संस्था के सदस्य ग्रामीणों को बरगलाने की कोशिश करने लगे। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों के सामने जिले के सीएमओ डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़ को फोन कर इसकी सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग से शिकायत के बाद संस्था के सदस्यों ने टेंट को उखाड़ लिया। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों को खरी-खरी सुनाकर गांव से खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों व झोलाछाप डॉक्टरों की सीएमओ को शिकायत दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरवार को एक संस्था के सदस्य गांव गढ़ी बैसिक में कैंप लगाने पहुंचे। संस्था के सदस्यों ने ग्रामीणों को अपनी दवाओं का प्रचार करते हुए कहा कि उनके पास ऐसी दवाएं हैं जो शुगर, टीबी, डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में काफी कारगर हैं। जिन बच्चों का कद रुक गया है उनकी दवाओं से कद तीन फीट तक लंबा हो सकता है। सभी प्रकार की दवाइयां 200 एमएल में 200 रुपये तक की हैं। गांव में कैंप देखकर काफी ग्रामीण एकत्रित हो गए।
विज्ञापन
लोगों ने संस्था के पदाधिकारियों से डॉक्टरों के बारे में पूछा और उनके मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग की। संस्था के सदस्य ग्रामीणों को बरगलाने की कोशिश करने लगे। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों के सामने जिले के सीएमओ डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़ को फोन कर इसकी सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग से शिकायत के बाद संस्था के सदस्यों ने टेंट को उखाड़ लिया। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों को खरी-खरी सुनाकर गांव से खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने संस्था के सदस्यों व झोलाछाप डॉक्टरों की सीएमओ को शिकायत दी है।
विज्ञापन