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फाइनेंसर से तंग व्यापारी ने ट्रेन के आगे कूद दी जान, मां से दो दिन पहले मांगे थे दो लाख
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:01 AM IST
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शहर के एक साइकिल व्यापारी ने फाइनेंसर से तंग आकर दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर एक ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। उसका फाइनेंसर के साथ 15 लाख रुपये का लेन-देन था। फाइनेंसर उस पर कई दिन से पैसों के लिए दबाव बना रहा था। व्यापारी ने अपनी मां से भी फाइनेंसर को देने के लिए दो लाख रुपये मांगे थे, लेकिन पैसे नहीं मिले। जीआरपी पहले तो मामले को हादसा बताती रही, लेकिन परिजनों के आने के बाद मामला खुल गया। जीआरपी ने व्यापारी के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों में इस पूरे मामले के बाद रोष बना हुआ है।
दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर बुधवार सुबह गोहाना रोड के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। जीआरपी मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त रोहित (30) निवासी वार्ड-12 के रूप में की। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। जीआरपी ने परिजनों की पहचान के बाद शव को शवगृह में रखवा दिया। चाचा राजू आनंद ने बताया कि रोहित का साइकिल ट्रेडिंग का काम था। वह पानीपत के साथ ही जीटी रोड स्थित जिलों से ऑर्डर लेकर आता था और अपने शोरूम से तैयार साइकिल वहां भेजता था। वह फिलहाल अविवाहित था। परिजनों ने आरोप लगाया कि शहर के एक फाइनेंसर के साथ रोहित का करीब 15 लाख रुपये का लेन-देन था। फाइनेंसर पिछले एक सप्ताह से रोहित पर पैसों के लिए दबाव बना रहा था। रोहित ने तीन दिन पहले अपनी मां से फाइनेंसर को देने के लिए दो लाख रुपये मांग थे, लेकिन मां ने उसके पिता से पूछे बिना पैसे देने से इनकार कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उस फाइनेंसर से तंग आकर ही रोहित ने खुदकुशी की है।
डॉक्टर बोला, एसएचओ जांच अधिकारी तो बड़ा मामला है
जीआरपी ने पहले मामले को हादसा बताया और पोस्टमार्टम कराने लगी। सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने मामले को देखा और जीआरपी कर्मी से जांच अधिकारी का नाम पूछा। साथ ही परिजनों के बयानों पर भी असंतोष जाहिर किया। उन्होंने इसमें परिजनों के बयान पूरे दर्ज करने की कही। सिविल अस्पताल में पहुंचे पुलिसकर्मी ने केस का जांच अधिकारी जीआरपी एसएचओ को बताया। इस पर डॉक्टर ने कहा कि थाना प्रभारी जांच अधिकारी हैं तो यह बड़ा मामला है। इसमें पूरे बयान दर्ज किए जाएं।
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बिसरा तक नहीं भर सके डॉक्टर
ट्रेन के आगे कूदने से रोहित का शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने बिसरा भरने का प्रयास किया, लेकिन शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के चलते असफल रहे। ऐसे में पुलिस की जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पैसों के लेन-देन में एक सप्ताह में दूसरी आत्महत्या
पैसों के लेन-देन के चलते एक सप्ताह में दूसरे व्यापारी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। इससे पहले सब्जी मंडी के एक आढ़ती ने पैसों के लेनदारों से तंग होकर अपने मकान में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में कई आढ़तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मुख्य रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया है। परिजन एक फाइनेंसर पर पैसों के लिए तंग करने की बात कह रहे थे, लेकिन इसकी शिकायत नहीं दी है। जीआरपी ने इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।
बृजपाल राणा, प्रभारी, जीआरपी, पानीपत।
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दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर बुधवार सुबह गोहाना रोड के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। जीआरपी मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त रोहित (30) निवासी वार्ड-12 के रूप में की। सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। जीआरपी ने परिजनों की पहचान के बाद शव को शवगृह में रखवा दिया। चाचा राजू आनंद ने बताया कि रोहित का साइकिल ट्रेडिंग का काम था। वह पानीपत के साथ ही जीटी रोड स्थित जिलों से ऑर्डर लेकर आता था और अपने शोरूम से तैयार साइकिल वहां भेजता था। वह फिलहाल अविवाहित था। परिजनों ने आरोप लगाया कि शहर के एक फाइनेंसर के साथ रोहित का करीब 15 लाख रुपये का लेन-देन था। फाइनेंसर पिछले एक सप्ताह से रोहित पर पैसों के लिए दबाव बना रहा था। रोहित ने तीन दिन पहले अपनी मां से फाइनेंसर को देने के लिए दो लाख रुपये मांग थे, लेकिन मां ने उसके पिता से पूछे बिना पैसे देने से इनकार कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उस फाइनेंसर से तंग आकर ही रोहित ने खुदकुशी की है।
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डॉक्टर बोला, एसएचओ जांच अधिकारी तो बड़ा मामला है
जीआरपी ने पहले मामले को हादसा बताया और पोस्टमार्टम कराने लगी। सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने मामले को देखा और जीआरपी कर्मी से जांच अधिकारी का नाम पूछा। साथ ही परिजनों के बयानों पर भी असंतोष जाहिर किया। उन्होंने इसमें परिजनों के बयान पूरे दर्ज करने की कही। सिविल अस्पताल में पहुंचे पुलिसकर्मी ने केस का जांच अधिकारी जीआरपी एसएचओ को बताया। इस पर डॉक्टर ने कहा कि थाना प्रभारी जांच अधिकारी हैं तो यह बड़ा मामला है। इसमें पूरे बयान दर्ज किए जाएं।
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बिसरा तक नहीं भर सके डॉक्टर
ट्रेन के आगे कूदने से रोहित का शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने बिसरा भरने का प्रयास किया, लेकिन शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के चलते असफल रहे। ऐसे में पुलिस की जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पैसों के लेन-देन में एक सप्ताह में दूसरी आत्महत्या
पैसों के लेन-देन के चलते एक सप्ताह में दूसरे व्यापारी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। इससे पहले सब्जी मंडी के एक आढ़ती ने पैसों के लेनदारों से तंग होकर अपने मकान में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में कई आढ़तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मुख्य रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया है। परिजन एक फाइनेंसर पर पैसों के लिए तंग करने की बात कह रहे थे, लेकिन इसकी शिकायत नहीं दी है। जीआरपी ने इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।
बृजपाल राणा, प्रभारी, जीआरपी, पानीपत।