Panipat: EPFO कमिश्नर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, CBI चंडीगढ़ ने की कार्रवाई
सीबीआई चंडीगढ़ ने आईआरएस अधिकारी अमित नैन को उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने कार्यालय में छह माह का रिकॉर्ड भी खंगाला। वहीं अमित नैन से पांच घंटे पूछताछ की। फिलहाल टीम उन्हें अपने साथ चंडीगढ़ ले गई।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) चंडीगढ़ ने पानीपत के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय से आईआरएस अधिकारी अमित नैन को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। कमिश्नर ने एक व्यक्ति से उसके फंड से जमा राशि निकलवाने की एवज में पैसे मांगे थे। इसी सूचना पर गुरुवार दोपहर 12 बजे तीन गाड़ियों में 12 सदस्यीय टीम सेक्टर छह स्थित उनके कार्यालय पर पहुंची थी।
टीम ने यहां पहुंचते ही पूरे कार्यालय पर घेरा डाल लिया। कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर लिया गया। सीबीआई अधिकारियों ने बंद कमरे में उनसे पांच घंटे तक पूछताछ की। उसके पास से 50 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। फिलहाल टीम उन्हें अपने साथ चंडीगढ़ ले गई है।
आईआरएस अधिकारी ने चार साल पहले पानीपत के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय में बतौर सयुंक्त आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। डेढ़ साल पहले वो क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त बने थे। सोनीपत के रहने वाले अमित नैन आईआरएस अधिकारी हैं।
सीबीआई को दो दिन पहले एक व्यक्ति ने लिखित में शिकायत देकर बताया था कि पानीपत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय में गड़बड़ चल रही है। उसको अपने खाते से पैसे निकलवाने हैं लेकिन आयुक्त अमित नैन सही प्रक्रिया के तहत पैसे नहीं निकाल रहे हैं। उनको परेशान किया जा रहा है। पैसे निकलवाने की एवज में उनसे लाखों की डिमांड की गई है।
पैसों की पहली किस्त 50 हजार रुपये मांगी गई और उन्हें गुरुवार को कार्यालय बुलाया गया है। इसी शिकायत पर सीबीआई चंडीगढ़ ने एक 12 सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये देकर पानीपत के सेक्टर छह स्थित कार्यालय में भेजा था। जैसे ही कमिश्नर अमित नैन ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये दिए सीबीआई ने उन्हें दबोच लिया।
सीबीआई की टीम ने पांच घंटे तक कार्यालय में छह माह का रिकॉर्ड भी खंगाला। पीड़ित के खाते की भी जांच की गई। इसमें काफी अनियमितताएं पाई गई। सीबीआई अब आगामी कार्रवाई कर रही है। सीबीआई अधिकारियों ने यहां कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।